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Pakistan: 'भारत में दोनों देशों के बीच संवाद की मांग उठाने का स्वागत है', बोला पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय
पीटीआई, इस्लामाबाद
Published by: Devesh Tripathi
Updated Thu, 14 May 2026 10:45 PM IST
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सार
संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान के बातचीत जारी रखने की राय दी थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए एक खिड़की खुली रहनी चाहिए। पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे ने होसबाले की टिप्पणी का समर्थन किया था।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी
- फोटो : X/ForeignOfficePk
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विस्तार
पाकिस्तान ने भारत में दोनों देशों के बीच संवाद की मांग उठाने का स्वागत किया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि शांति, सुरक्षा और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए रचनात्मक साझेदारी और बातचीत जरूरी हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया था। जनरल नरवणे ने आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का करेंगे इंतजार :पाकिस्तान
ताहिर अंद्राबी ने कहा, "भारत के भीतर से संवाद के लिए आवाजें उठना साफ तौर पर एक सकारात्मक विकास है। हमें उम्मीद है कि भारत की ओर से बातचीत की कोशिश होगी। हम निश्चित रूप से देखेंगे कि क्या भारत में इन आवाजों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है।"
बैक-चैनल संपर्क पर साधी चुप्पी
हालांकि, अंद्राबी ने दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल संपर्क की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "ट्रैक टू या बैक चैनल के बारे में - खैर, मैं इसके बारे में नहीं जानता और उन पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। अगर मैं टिप्पणी करता, तो कोई बैक चैनल नहीं होता। बैक चैनल या ट्रैक टू, नाम अपने आप में स्पष्ट है।"
शांति और कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता
प्रवक्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान का मानना है कि रचनात्मक साझेदारी और ईमानदार संवाद शांति, सुरक्षा और सभी के लिए साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, "हम कूटनीति के सिद्धांतों, संप्रभुता के सम्मान और सार्थक अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर क्या बोला पाकिस्तान?
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच स्थायी शांति के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति प्रक्रिया बरकरार है और चल रही है। उन्होंने कहा, "हम कोशिशों में लगे हुए हैं। हम आशावादी बने हुए हैं। शांति प्रक्रिया में गति लाना मुख्य रूप से दो प्रमुख वार्ताकारों का विशेषाधिकार है। पाकिस्तान अपनी ओर से कोशिश में लगा हुआ है।"
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) मनोज नरवणे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया था। जनरल नरवणे ने आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान का समर्थन किया था कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के लिए हमेशा एक खिड़की खुली रहनी चाहिए।
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आधिकारिक प्रतिक्रिया का करेंगे इंतजार :पाकिस्तान
ताहिर अंद्राबी ने कहा, "भारत के भीतर से संवाद के लिए आवाजें उठना साफ तौर पर एक सकारात्मक विकास है। हमें उम्मीद है कि भारत की ओर से बातचीत की कोशिश होगी। हम निश्चित रूप से देखेंगे कि क्या भारत में इन आवाजों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है।"
बैक-चैनल संपर्क पर साधी चुप्पी
हालांकि, अंद्राबी ने दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल संपर्क की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "ट्रैक टू या बैक चैनल के बारे में - खैर, मैं इसके बारे में नहीं जानता और उन पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। अगर मैं टिप्पणी करता, तो कोई बैक चैनल नहीं होता। बैक चैनल या ट्रैक टू, नाम अपने आप में स्पष्ट है।"
शांति और कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता
प्रवक्ता ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान का मानना है कि रचनात्मक साझेदारी और ईमानदार संवाद शांति, सुरक्षा और सभी के लिए साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, "हम कूटनीति के सिद्धांतों, संप्रभुता के सम्मान और सार्थक अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करते हैं।"
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर क्या बोला पाकिस्तान?
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों पक्षों के बीच स्थायी शांति के लिए अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शांति प्रक्रिया बरकरार है और चल रही है। उन्होंने कहा, "हम कोशिशों में लगे हुए हैं। हम आशावादी बने हुए हैं। शांति प्रक्रिया में गति लाना मुख्य रूप से दो प्रमुख वार्ताकारों का विशेषाधिकार है। पाकिस्तान अपनी ओर से कोशिश में लगा हुआ है।"