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Hindi News ›   World ›   Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Assembly resolution seeks Nobel Peace Prize for PM Shehbaz-army chief Asim Munir

नोबेल की चाह: ट्रंप के बाद अब PM और सेना प्रमुख को भी सम्मानित करने की मांग, भारत के पड़ोसी देश से उठी आवाज

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 21 Apr 2026 03:20 PM IST
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सार

खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में शहबाज शरीफ और असीम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार देने का प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में उनकी कूटनीतिक भूमिका की सराहना की गई, हालांकि पीटीआई के बहुमत के चलते इसके पास होने की संभावना कम मानी जा रही है।

Pakistan Khyber Pakhtunkhwa Assembly resolution seeks Nobel Peace Prize for PM Shehbaz-army chief Asim Munir
ट्रंप, शहबाज शरीफ और असीम मुनीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में मंगलवार को एक प्रस्ताव पेश किया गया। इस प्रस्ताव में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार देने की सिफारिश की गई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) की विधायक फराह खान ने यह प्रस्ताव विधानसभा सचिवालय में पेश किया।
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प्रस्ताव में कहा गया है कि इन दोनों नेताओं ने अपनी कूटनीति से क्षेत्रीय तनाव को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। दुनिया और क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच पाकिस्तान ने बहुत ही जिम्मेदारी और समझदारी से काम लिया। प्रस्ताव के मुताबिक, सदन क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति को बढ़ावा देने में पाकिस्तान के योगदान को स्वीकार किया है।
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इस प्रस्ताव में शहबाज शरीफ और असीम मुनीर के नेतृत्व की जमकर तारीफ की गई है। इसमें उनके दूरदर्शी नेतृत्व, रणनीतिक सूझबूझ और कूटनीतिक प्रयासों को सराहा गया है। प्रस्ताव का दावा है कि इन कोशिशों की वजह से पाकिस्तान की वैश्विक साख बढ़ी है। पाकिस्तान अब दुनिया के सामने एक जिम्मेदार और शांति चाहने वाले देश के रूप में उभरा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की इस भूमिका को पहचान मिली है।

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प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान की कोशिशों ने एक संभावित वैश्विक संकट को टालने में मदद की। इससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सका। इन्हीं योगदानों को देखते हुए शहबाज शरीफ और असीम मुनीर का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भेजने की सिफारिश की गई है।

हालांकि, राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर सदन में चर्चा होने की संभावना कम है। क्योंकि, खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के पास बहुमत है। पीटीआई इस प्रस्ताव का विरोध कर सकती है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने साल 2022 में असीम मुनीर को सेना प्रमुख बनाने का विरोध किया था। जानकारों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव सदन में पेश भी होता है, तो इसका पास होना मुश्किल है।

बता दें कि इससे पहले 16 अप्रैल को पंजाब विधानसभा में भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पेश हुआ था। पंजाब विधानसभा ने शहबाज शरीफ और असीम मुनीर को नोबेल शांति पुरस्कार देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर दिया था।

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