{"_id":"6a72774da6cb3e0a6d077047","slug":"pakistan-occupied-kashmir-witnessing-crackdown-on-protesters-bereaved-mother-speaks-india-slams-elections-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
PoJK Unrest: अधिकार मांगने वालों का दमन, खौफनाक हालात में बेबस मां ने सुनाई पीड़ा, पीओके पर भारत ने क्या कहा?
Wed, 05 Aug 2026 05:11 AM IST
शिवम गर्ग
एजेंसी, मुजफ्फराबाद।
एजेंसी, मुजफ्फराबाद।
Published by: शिवम गर्ग
Updated Wed, 05 Aug 2026 05:11 AM IST
सार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अधिकारों की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच दमन के आरोप तेज हो गए हैं। रावलकोट की एक मां ने अपने 15 वर्षीय बेटे की मौत का दर्द बयां किया, जबकि भारत ने पीओके में हुए चुनावों को ढोंग बताते हुए कहा कि पाकिस्तान दमन के जरिए जनता के विरोध को दबाने की कोशिश कर रहा है।
विज्ञापन
पीओके में हिंसा
- फोटो : एआई-अमर उजाला ग्राफिक्स / एनएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हमने तो बस सस्ता आटा, किफायती बिजली और बुनियादी सुविधाओं जैसे अधिकार ही मांगे थे, बदले में क्या मिला...हमारे नौजवान बच्चे का जिस्म छलनी क्यों किया गया। ये शब्द पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट में रहने वाली एक मां अस्मा की बेबसी को जाहिर करते हैं, जिसकी आंखों के सामने इकलौते 15 साल के इकलौते बेटे को मौत के घाट उतार दिया गया।
विज्ञापन
चुनाव और प्रदर्शनों के बीच सुलगते इस क्षेत्र के हालात किसी खौफनाक मंजर से कम नहीं है। प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की अंधाधुंध गोलीबारी ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट बंद होने और सड़कों पर बैरिकेडिंग या पहरा होने के कारण जानकारी मिलना मुश्किल हो गया है। अस्मा की तरह ही अपना बेटा खो देने वाले अयूब पूर्व सैनिक हैं। उन्होंने कहा, मैंने जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ के मार्शल लॉ के दौर को देखा है। लेकिन मैंने कभी वैसा कुछ नहीं देखा जैसा अब हो रहा है। यह बहुत बड़ा अन्याय है। मेरे बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया था।
विज्ञापन
अस्पतालों में खौफ, डॉक्टर भी लाचार
डॉ. अनवर बताते हैं कि उनके पास सिर्फ मामूली मरहम पट्टी का सामान है। पिछले कुछ हफ्तों में उन्होंने दर्जनों ऐसे युवाओं का इलाज किया है, जिनके जिस्म गोलियों से छलनी हैं। 90 फीसदी से ज्यादा लोग इस आयु वर्ग के हैं। खौफ इस कदर कायम है कि लोग अस्पताल जाने से भी कतरा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि या तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा या गोली मार दी जाएगी।
विज्ञापन
बलूचिस्तान 11 को मनाएगा स्वतंत्रता दिवस
बलूच नेता मीर यार बलूच और बलूचिस्तान के राष्ट्रवादी संगठनों ने हर साल 11 अगस्त को बलूचिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की है। उनका तर्क है कि ऐतिहासिक रूप से 11 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र होने के बाद बलूचिस्तान ने पहली बार अपनी स्वतंत्रता घोषित की थी, इसलिए वे इसी तारीख को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे।
पीओके में चुनाव पाकिस्तान का ढोंग, की बर्बरता: भारत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओके) में हाल ही में हुए चुनावों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन चुनावों को ढोंग करार देते हुए कहा कि वहां असली सच्चाई जनता का विरोध-प्रदर्शन और पाकिस्तानी बलों की ओर से की जा रही हत्याएं हैं। पाकिस्तान दमन के जरिये जनता के गुस्से को दबाकर फर्जी चुनाव से वैधता साबित करने की कोशिश कर रहा है।
- विदेश मंत्रालय ने कहा कि जून 2026 से अब तक वहां कम से कम 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है।
- भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने जनता की नाराजगी का जवाब गोलियों, दमन, डराने-धमकाने और संचार प्रतिबंधों से दिया है।
- रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को नागरिकों के खिलाफ कथित अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए।
- उन्होंने कहा कि दुनिया को मानवाधिकारों पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को समझना चाहिए।