पाकिस्तान: वित्त मंत्री इशाक डार का दावा- आर्थिक संकट के दौर से बाहर निकल आया देश, समय पर भुगतान करेगी सरकार
इशाक डार ने शनिवार को कहा कि देश आर्थिक संकट के दौर से बाहर आ गया है और सरकार द्विपक्षीय ऋण पुनर्गठन की मांग करते हुए बहुपक्षीय ऋणदाताओं को समय पर भुगतान करेगी।
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पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने शनिवार को दावा किया है कि देश आर्थिक संकट के दौर से बाहर आ गया है और सरकार द्विपक्षीय ऋण पुनर्गठन की मांग करते हुए बहुपक्षीय ऋणदाताओं को समय पर भुगतान करेगी। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 14.46 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये का बजट पेश करने के एक दिन बाद इस्लामाबाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डार ने कहा कि कर्ज पुनर्निर्धारण का अनुरोध करने के लिए बहुपक्षीय या विकास संस्थानों से संपर्क करने की कोई योजना नहीं है।
'समय पर करेंगे ऋण भुगतान'
उन्होंने कहा, 'जहां तक पेरिस क्लब के कार्यक्रम में बदलाव की बात है तो हमारे मेन्यू में ऐसी कोई योजना नहीं है। हम बहुपक्षीय ऋण के पुनर्निर्धारण के लिए नहीं जाएंगे। हम समय पर भुगतान करेंगे। मुझे नहीं लगता कि यह गरिमापूर्ण तरीका है कि हम वहां जाकर उन्हें बताएं कि भुगतान नहीं कर सकते।' डार ने कहा कि पुनर्भुगतान की अवधि बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय ऋणदाताओं के साथ बातचीत की जा सकती है, जो एक विकल्प के रूप में मौजूद है और बजट प्रक्रिया के बाद इसका पता लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मूलधन को वापस उतारने और कर्ज चुकाने पर फोकस करने पर विचार किया जा सकता है।
'सरकार ने आर्थिक संकट पर पा लिया काबू'
डार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू कर्ज को लेकर कोई समस्या नहीं है और सरकार इसके कार्यक्रम में बदलाव नहीं करेगी। मंत्री ने माना कि देश को गहरे आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार ने सफलतापूर्वक इस पर काबू पा लिया है और आगे आर्थिक गिरावट रुकेगी। डार ने कहा कि देश को प्रगति की राह पर वापस लाया जाएगा और पहला उद्देश्य 2017 के आर्थिक संकेतकों तक पहुंचना होगा, जब पाकिस्तान दुनिया की 24वीं अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
डार को उम्मीद- फंड जारी करेगा आईएमएफ
मंत्री ने यह भी कहा कि 3.5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कृषि, आईटी और छोटे व मध्यम आकार के उद्योग पर फोकस किया गया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बारे में उन्होंने उम्मीद जताई कि वाशिंगटन स्थित ऋणदाता 6.5 अरब डॉलर के रुके हुए ऋण पैकेज की नौवीं और दसवीं समीक्षा की प्रक्रिया पूरी कर लेगा और फंड जारी करेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध हैं।
1.1 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज का इंतजार कर रहा पाकिस्तान
नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान आईएमएफ से 1.1 अरब डॉलर के वित्तपोषण का इंतजार कर रहा है। यह राशि आईएमएफ द्वारा 2019 में मंजूर 6.5 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज का हिस्सा है, जिसके बारे में विश्लेषकों का कहना है कि अगर पाकिस्तान को विदेशी ऋण दायित्वों में चूक से बचना है तो यह महत्वपूर्ण है।