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आईएमएफ से दोगुना इस देश का कर्जदार है पाक, 2022 तक चुकाने होंगे 47 हजार करोड़

Thu, 03 Oct 2019 02:01 PM IST
Priyesh Mishra वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 03 Oct 2019 02:01 PM IST
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Pakistan owes China more money than it owes International Monetary Fund
इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

कंगाली की दहलीज पर खड़े पाकिस्तान के ऊपर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से दोगुना चीन का कर्ज है। इस राशि को चुकाने के लिए पाकिस्तान को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ेगा। हाल में ही आई रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर तक गिर चुका है।

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पाकिस्तान पर चीन का कुल 47 हजार करोड़ का कर्ज है जिसे 2022 तक चुकाना होगा। हाल में ही चीन ने पाकिस्तान को कुछ और धनराशि ऋण के रूप में दी है जिससे पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को थोड़ी राहत मिलेगी। इसी दौरान चीन को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का 20 हजार करोड़ के कर्ज का भी भुगतान करना है।
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चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (OBOR) के सबसे बड़े लाभार्थियों में से एक पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को वित्तीय संकट से निकालने के लिए बीजिंग से लगातार उधार ले रहा है। फिर भी, यह राशि पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए पर्याप्त नहीं था।
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इसके बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सामने हाथ फैलाया। जिसके बाद कई शर्तों के साथ उसे आईएमएफ से कर्ज मिल सका। अब इस कर्ज को चुकाने की स्थिति में पाकिस्तान नहीं है।

धन की कमी से बंद हुईं सीपीईसी की कई परियोजनाएं, मदद मांगने चीन जाएंगे इमरान

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की बंद पड़ी परियोजनाओं को शुरू करने की गुहार लगाने 7-8 अक्तूबर को चीन जाएंगे। इस दौरान वह चीनी नेतृत्व से मिलकर परियोजना के विकास के बारे में चर्चा करेंगे।

इमरान खान ने बुधवार को आर्थिक गलियारे में एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जोर देकर कहा कि सीपीईसी परियोजना में सभी बाधाओं को दूर करना और उनका समय पर पूरा करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार सीपीईसी की अधिकांश परियोजनाएं वित्तीय संकट के कारण बंद पड़ी हैं। चीन ने इस परियोजना में धन निवेश करना बंद कर दिया है जिससे पाकिस्तान में इससे जुड़ी परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।

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