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Pakistan: तनाव के बाद आंशिक रूप से खुली तोरखम सीमा, अफगान शरणार्थियों की वतन वापसी संभव
Sat, 01 Nov 2025 09:27 PM IST
लव गौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेशावर
Published by: लव गौर
Updated Sat, 01 Nov 2025 09:27 PM IST
सार
Torkham Border: 11 अक्तूबर से तोरखम सीमा के बंद होने से कई तरह की मुश्किल पैदा हो गई थी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुए तनाव के बाद अफगान परिवारों की वापसी नहीं हो रही थी। ऐसे में तोरखम सीमा आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है।
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तोरखम सीमा को आंशिक रूप से फिर से खोला (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : Ani Photos
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विस्तार
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हुए हालिया संघर्ष के बाद खैबर पखतूनख्वा प्रांत में स्थित तोरखम सीमा को 11 अक्तूबर से बंद कर दिया गया था, जिसके बाद अब उसे आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने शनिवार (01 नवंबर) को अफगान शरणार्थियों की वतन वापसी के लिए अफगानिस्तान से लगी तोरखम सीमा को आंशिक रूप से खोला है।
अफगान परिवारों की वापसी संभव
तोरखम सीमा के बंद होने की वजह से अफगान परिवारों की वापसी, चाहे उनके पास यात्रा या पहचान पत्र हों या न हों, अचानक रुक गई थी। खैबर पखतूनख्वा जिले के उपायुक्त बिलाल राव ने सीमा के फिर से खुलने की पुष्टि की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब तक फंसे हुए शरणार्थियों की वापसी नहीं हो जाती, तब तक यह सीमा खुली रहेगी।
इधर, अफगानिस्तान में फंसे पाकिस्तानियों की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। इससे पहले अफगान महावाणिज्य दूत हाफिज मोहिबुल्लाह शाकिर ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि तोरखम सीमा बंद होने के कारण हजारों अफगान शरणार्थी फंसे हुए हैं और सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
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ये भी पढ़ें: Pakistan: खैबर पख्तूनख्वा में सीएम के भाई की हत्या; रायसानी बोले- आजादी चाहते हैं बलोच और धमाके में तीन की मौत
शाकिर ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने भी फंसे हुए शरणार्थियों की कोई मदद नहीं की है, जबकि उनके अनुसार ज्यादातर शरणार्थी पंजीकृत थे और उनके पास पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड थे।
16 अक्तूबर तक कुल 1,477,592 अफगानियों को वापस भेजा
हाल ही में सीमा पर हुए तनाव के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 18 अक्तूबर को जोर देकर कहा था कि सरकार अफगान शरणार्थियों को और कोई छूट नहीं देगी और सभी शरणार्थी शिविर बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया गया कि 16 अक्तूबर तक कुल 1,477,592 अफगान नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अवैध अफगान निवासियों को शरण देना एक गंभीर अपराध माना जाएगा और उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
ये भी पढ़ें: Nepal: 82 यात्रियों को लेकर जा रहे विमान में आई खराबी, भैरहवा में कराई गई आपात लैंडिंग, टला बड़ा हादसा
बता दें कि पिछले महीने हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगी अपनी सभी सीमाओं को सभी प्रकार की आवाजाही के लिए बंद कर दिया था। शुक्रवार को विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सीमा अभी व्यापार के लिए बंद है। साथ ही कहा गया कि व्यापार फिर से शुरू होना सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगा।
आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी
इधर, सीमा के आंशिक रूप से खुलने से व्यापारिक सामान ले जाने वाले वाहन नहीं आ पा रहे हैं, जिससे सीमा पार व्यापार ठप है और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। पिछले 20 दिनों से टमाटर, अंगूर और अन्य ताजे व सूखे मेवों से लदे 500 से ज्यादा कंटेनर अफगानिस्तान की सीमा में फंसे हुए हैं। सामान की कमी के कारण पेशावर में टमाटर की कीमतें 80 पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 500 पाकिस्तानी रुपये हो गईं।
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अफगान परिवारों की वापसी संभव
तोरखम सीमा के बंद होने की वजह से अफगान परिवारों की वापसी, चाहे उनके पास यात्रा या पहचान पत्र हों या न हों, अचानक रुक गई थी। खैबर पखतूनख्वा जिले के उपायुक्त बिलाल राव ने सीमा के फिर से खुलने की पुष्टि की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जब तक फंसे हुए शरणार्थियों की वापसी नहीं हो जाती, तब तक यह सीमा खुली रहेगी।
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इधर, अफगानिस्तान में फंसे पाकिस्तानियों की स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। इससे पहले अफगान महावाणिज्य दूत हाफिज मोहिबुल्लाह शाकिर ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि तोरखम सीमा बंद होने के कारण हजारों अफगान शरणार्थी फंसे हुए हैं और सड़कों पर रहने को मजबूर हैं।
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शाकिर ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने भी फंसे हुए शरणार्थियों की कोई मदद नहीं की है, जबकि उनके अनुसार ज्यादातर शरणार्थी पंजीकृत थे और उनके पास पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) कार्ड थे।
16 अक्तूबर तक कुल 1,477,592 अफगानियों को वापस भेजा
हाल ही में सीमा पर हुए तनाव के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 18 अक्तूबर को जोर देकर कहा था कि सरकार अफगान शरणार्थियों को और कोई छूट नहीं देगी और सभी शरणार्थी शिविर बंद कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया गया कि 16 अक्तूबर तक कुल 1,477,592 अफगान नागरिकों को वापस भेजा जा चुका है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अवैध अफगान निवासियों को शरण देना एक गंभीर अपराध माना जाएगा और उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
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बता दें कि पिछले महीने हुए संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से लगी अपनी सभी सीमाओं को सभी प्रकार की आवाजाही के लिए बंद कर दिया था। शुक्रवार को विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सीमा अभी व्यापार के लिए बंद है। साथ ही कहा गया कि व्यापार फिर से शुरू होना सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगा।
आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ी
इधर, सीमा के आंशिक रूप से खुलने से व्यापारिक सामान ले जाने वाले वाहन नहीं आ पा रहे हैं, जिससे सीमा पार व्यापार ठप है और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। पिछले 20 दिनों से टमाटर, अंगूर और अन्य ताजे व सूखे मेवों से लदे 500 से ज्यादा कंटेनर अफगानिस्तान की सीमा में फंसे हुए हैं। सामान की कमी के कारण पेशावर में टमाटर की कीमतें 80 पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर 500 पाकिस्तानी रुपये हो गईं।