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पाक में अल्पसंख्यक हिंदुओं के विवाह को मिलेगा कानूनी दर्जा
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Fri, 19 Aug 2016 01:20 AM IST
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पाकिस्तानी संसद
- फोटो : Getty Images
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लंबे समय के टालमटोल के बाद आखिरकार पाकिस्तान की संसद में हिंदू विवाह विधेयक-2016 पेश कर दिया गया। बेहद चर्चित इस विधेयक के पास होने से पाक में अल्पसंख्यक हिंदुओं के विवाह को कानूनी अमलीजामा पहनाया जा सकेगा। फिलहाल पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के विवाह को न तो कानूनी दर्जा दिया जाता है और न ही विवाह को पंजीकृत किया जाता है।
बुधवार को हिंदू विवाह विधेयक 2016 पर विधि एवं न्याय की स्थायी समिति की रिपोर्ट को नेशनल एसेंबली में प्रस्तुत किया गया। अब नेशनल एसेंबली की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। पाक की सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी इस विधेयक का समर्थन कर रही है। नेशनल एसेंबली के सदस्य (एमएनए) रमेश लाल ने बताया कि इस विधेयक को स्थायी समिति की मंजूरी मिलने में करीब 10 महीने लगे। फिर इसके छह महीने बाद समिति ने इस पर अपनी रिपोर्ट को सदन में पेश किया।
समिति ने हिंदू विवाह विधेयक-2016 को आठ फरवरी को अपनी मंजूरी दी थी। विधेयक का प्रस्ताव लाने में अहम भूमिका निभाने वाले रमेश लाल के हवाले से डॉन ऑनलाइन ने बताया कि इस विधेयक पर लंबी चर्चा और बहस हुई। अब सरकार को इसको संसद के अगले सत्र में मंजूरी के लिए लाने पर विचार करना चाहिए।
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बुधवार को हिंदू विवाह विधेयक 2016 पर विधि एवं न्याय की स्थायी समिति की रिपोर्ट को नेशनल एसेंबली में प्रस्तुत किया गया। अब नेशनल एसेंबली की मंजूरी मिलते ही यह विधेयक कानून बन जाएगा। पाक की सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी इस विधेयक का समर्थन कर रही है। नेशनल एसेंबली के सदस्य (एमएनए) रमेश लाल ने बताया कि इस विधेयक को स्थायी समिति की मंजूरी मिलने में करीब 10 महीने लगे। फिर इसके छह महीने बाद समिति ने इस पर अपनी रिपोर्ट को सदन में पेश किया।
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समिति ने हिंदू विवाह विधेयक-2016 को आठ फरवरी को अपनी मंजूरी दी थी। विधेयक का प्रस्ताव लाने में अहम भूमिका निभाने वाले रमेश लाल के हवाले से डॉन ऑनलाइन ने बताया कि इस विधेयक पर लंबी चर्चा और बहस हुई। अब सरकार को इसको संसद के अगले सत्र में मंजूरी के लिए लाने पर विचार करना चाहिए।
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क्या है हिंदू विवाह विधेयक 2016 की खासियतें
हिंदू विवाह की समाप्ति को लेकर हुई लंबी बहस
स्थायी समिति के चेयरमैन चौधरी बशीर विर्क ने बताया कि हिंदू विवाह विधेयक पर समिति में चर्चा एवं बहस के दौरान काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (सीआईआई) समेत अन्य संस्थाओं से सलाह-मशविरा किया गया। हालांकि हिंदू समुदाय के कुछ सदस्यों ने विधेयक के खंड-12 (हिंदू विवाह की समाप्ति) और खंड-15 (आपसी सहमति से हिंदू विवाह की समाप्ति) को लेकर ज्यादा स्वतंत्रता देने की बात कही।
हिंदुओं को पुनर्विवाह की होगी इजाजत
हिंदू विवाह विधेयक में तलाक और जीवनसाथी की मृत्यु के बाद दोबारा शादी करने की इजाजत दी गई है। विधेयक के खंड-17 में कहा गया है कि हिंदू विधवा को पति की मौत के छह महीने के बाद अपनी इच्छा से दुबारा विवाह करने का अधिकार होगा। इस विधेयक के तहत शादीशुदा हिंदू महिलाओं के अपहरण करने वाले को सजा देने का भी प्रावधान किया गया है। इस विधेयक के पारित होने के बाद शादीशुदा हिंदू महिला के अपहरण की प्रथा के खत्म होने की उम्मीद है।
जबरन धर्मांतरण पर कसेगी लगाम
हिंदू विवाह विधेयक के तहत संबंधित सरकारी विभाग में हिंदू विवाह को पंजीकृत किया जाएगा। इसके पारित होने से हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण पर रोक लगने की उम्मीद है। पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान ने संघीय सरकार की ओर से बनाए जा रहे हिंदू विवाह कानून से सहमति जताई है। इनका कहना है कि पारित होने के बाद इस कानून को लागू किया जाएगा। हालांकि सिंध ने अपना हिंदू विवाह पंजीकरण कानून बनाया था।
स्थायी समिति के चेयरमैन चौधरी बशीर विर्क ने बताया कि हिंदू विवाह विधेयक पर समिति में चर्चा एवं बहस के दौरान काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (सीआईआई) समेत अन्य संस्थाओं से सलाह-मशविरा किया गया। हालांकि हिंदू समुदाय के कुछ सदस्यों ने विधेयक के खंड-12 (हिंदू विवाह की समाप्ति) और खंड-15 (आपसी सहमति से हिंदू विवाह की समाप्ति) को लेकर ज्यादा स्वतंत्रता देने की बात कही।
हिंदुओं को पुनर्विवाह की होगी इजाजत
हिंदू विवाह विधेयक में तलाक और जीवनसाथी की मृत्यु के बाद दोबारा शादी करने की इजाजत दी गई है। विधेयक के खंड-17 में कहा गया है कि हिंदू विधवा को पति की मौत के छह महीने के बाद अपनी इच्छा से दुबारा विवाह करने का अधिकार होगा। इस विधेयक के तहत शादीशुदा हिंदू महिलाओं के अपहरण करने वाले को सजा देने का भी प्रावधान किया गया है। इस विधेयक के पारित होने के बाद शादीशुदा हिंदू महिला के अपहरण की प्रथा के खत्म होने की उम्मीद है।
जबरन धर्मांतरण पर कसेगी लगाम
हिंदू विवाह विधेयक के तहत संबंधित सरकारी विभाग में हिंदू विवाह को पंजीकृत किया जाएगा। इसके पारित होने से हिंदू महिलाओं के जबरन धर्मांतरण पर रोक लगने की उम्मीद है। पाकिस्तान के पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान ने संघीय सरकार की ओर से बनाए जा रहे हिंदू विवाह कानून से सहमति जताई है। इनका कहना है कि पारित होने के बाद इस कानून को लागू किया जाएगा। हालांकि सिंध ने अपना हिंदू विवाह पंजीकरण कानून बनाया था।