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PoK: लोगों को भूखा रख-नौकरियां छीन विद्रोह को दबाने में जुटी शहबाज सरकार, 17 दिन से पीओके में प्रदर्शन जारी
आशुतोष भाटिया, नई दिल्ली/रावलकोट।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 26 Jun 2026 03:36 AM IST
सार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसक कार्रवाई में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लेकर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। इधर प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई केवल गैर-कानूनी कृत्यों में शामिल लोगों पर की जा रही है।
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पीओके में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ फूटा लोगों का गुस्सा
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट/ANI
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विस्तार
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में इस्लामाबाद के खिलाफ जन विद्रोह अपने चरम पर पहुंच गया है। अवामी एक्शन कमेटी की अगुवाई में जारी व्यापक प्रदर्शन लगातार 17वें दिन भी जारी रहा।
जनता का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए शहबाज सरकार के निर्देश पर प्रशासन अब लोगों को भूखा रखने व नौकरियां छीनने के अमानवीय हथकंडे अपना रहा है। इसके तहत पाकिस्तान से पीओके को जोड़ने वाले प्रवेश मार्गों पर खाद्य सामग्री और जरूरी सामानों से लदे ट्रकों को रोक रहा है। आवश्यक वस्तुओं की जानबूझकर पैदा की गई इस किल्लत से स्थानीय समुदाय पर दबाव बढ़ गया है।
128 सरकारी कर्मी बर्खास्त
प्रदर्शन में हिस्सा लेने के आरोप में अब तक 128 सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है। आंदोलन के नेताओं का आरोप है कि सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को भी प्रदर्शन में शामिल न होने की चेतावनी दी गई है। उन्हें पेंशन रोकने की धमकी दी जा रही है।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसक कार्रवाई में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लेकर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। इधर प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई केवल गैर-कानूनी कृत्यों में शामिल लोगों पर की जा रही है।
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जनता का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए शहबाज सरकार के निर्देश पर प्रशासन अब लोगों को भूखा रखने व नौकरियां छीनने के अमानवीय हथकंडे अपना रहा है। इसके तहत पाकिस्तान से पीओके को जोड़ने वाले प्रवेश मार्गों पर खाद्य सामग्री और जरूरी सामानों से लदे ट्रकों को रोक रहा है। आवश्यक वस्तुओं की जानबूझकर पैदा की गई इस किल्लत से स्थानीय समुदाय पर दबाव बढ़ गया है।
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128 सरकारी कर्मी बर्खास्त
प्रदर्शन में हिस्सा लेने के आरोप में अब तक 128 सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किया गया है। आंदोलन के नेताओं का आरोप है कि सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को भी प्रदर्शन में शामिल न होने की चेतावनी दी गई है। उन्हें पेंशन रोकने की धमकी दी जा रही है।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसक कार्रवाई में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को हिरासत में लेकर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं। इधर प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई केवल गैर-कानूनी कृत्यों में शामिल लोगों पर की जा रही है।