{"_id":"659c0cb92479d0532e06d5e1","slug":"president-ranil-wickremesinghe-sri-lanka-navy-houthi-rebel-red-sea-trade-merchant-vessels-2024-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sri Lanka: हूती विद्रोहियों को श्रीलंकाई नौसेना मुंहतोड़ जवाब देगी; लाल सागर के रास्ते सुरक्षित व्यापार पर जोर","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Sri Lanka: हूती विद्रोहियों को श्रीलंकाई नौसेना मुंहतोड़ जवाब देगी; लाल सागर के रास्ते सुरक्षित व्यापार पर जोर
Mon, 08 Jan 2024 08:24 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 08 Jan 2024 08:24 PM IST
सार
हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में हाल ही में कई जहाजों को निशाना बनाया है। हूती के हमलों से व्यापारी जहाजों को बचाने के लिए श्रीलंकाई नौसेना लाल सागर में जहाज भेजने के लिए तैयार है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने इसकी घोषणा की है।
विज्ञापन
रानिल विक्रमसिंघे (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीलंका नौसेना ने कहा है कि लाल सागर के रास्ते वैश्विक व्यापार को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी कदम उठाएगी। नौसेना ने कहा कि श्रीलंका लाल सागर में एक नौसैनिक जहाज भेजने के लिए तैयार है। हूती विद्रोहियों के हमलों और व्यापारिक जहाजों पर मंडराते खतरों से निपटने की कवायद के तहत श्रीलंका के राष्ट्रपति राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने जरूरी एलान कर दिए हैं। राष्ट्रपति के आदेश के बाद हर 15 दिनों में 250 मिलियन रुपये देने की घोषणा भी हुई है।
लाल सागर प्रमुख व्यापारिक जलमार्ग है। इसकी रक्षा में भारत जैसे देशों ने भी जरूरी कदम उठाए हैं। श्रीलंकाई राष्ट्रपति का फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि विक्रमसिंघे रक्षा मंत्री का पदभार भी संभालते हैं। लाल सागर से जुड़े इस फैसले के कारण वे आलोचकों के निशाने पर भी हैं। श्रीलंका के आर्थिक संकट को देखते हुए इस फैसले के लिए विक्रमसिंघे की आलोचना हो रही है।
दुनिया का 12 फीसद व्यापार इसी रास्ते से होता है
राष्ट्रपति से जुड़े सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, अगर हूती हमलों के कारण लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों का यातायात बाधित होता है तो जहाज को तैनात करने की लागत कोलंबो बंदरगाह को होने वाले नुकसान की तुलना में बहुत कम होगी। लाल सागर के बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandeb) दक्षिणी चोकपॉइंट (chokepoint) से लगभग 12 प्रतिशत वैश्विक व्यापार होता है। हूती विद्रोहियों ने इसी जलमार्ग पर जहाजों को निशाना बनाया है।
विज्ञापन
सोमवार को जारी बयान के मुताबिक श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन गयान विक्रमसूर्या ने कहा, तैनाती की सटीक तारीख की पुष्टि अभी नहीं की गई है। हालांकि, जहाज लाल सागर, अरब सागर, अदन की खाड़ी और जुड़े हुए समुद्री मार्गों को कवर करेंगे।
कैप्टन विक्रमसूर्या ने कहा कि शुरू में एक जहाज को लाल सागर में ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्डियंस के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाल सागर और आसपास के समुद्री व्यापारिक रास्ते पर चल रहे श्रीलंकाई नौसेना के ऑपरेशन के हिस्से के रूप में जहाजों को तैनात किया जाएगा।
न्यूजवायर लंका के मुताबिक कैप्टन विक्रमसूर्या ने कहा, चर्चा के बाद युद्धपोत की क्षमता के आधार पर इसे हूती विद्रोहियों के दायरे में आने वाले किसी दूसरे समुद्री मार्ग पर भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक जहाजों की तैनाती या जहाजों की अदला-बदली श्रीलंका की मौजूदा जरूरतों और आर्थिक स्थिति के आधार पर की जाएगी।
हूती विद्रोहियों ने अब तक 20 से अधिक हमले किए
गौरतलब है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में व्यापारिक जहाजों पर 20 से अधिक हमले किए हैं। इन हमलों के बाद एशिया और यूरोप के बीच माल की परिवहन लागत बढ़ गई है। गाजा में हमास के खिलाफ इस्राइल के सैन्य अभियान का बदला लेने का दावा करते हुए हूती विद्रोहियों ने कई हमले किए हैं।
विज्ञापन
लाल सागर प्रमुख व्यापारिक जलमार्ग है। इसकी रक्षा में भारत जैसे देशों ने भी जरूरी कदम उठाए हैं। श्रीलंकाई राष्ट्रपति का फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि विक्रमसिंघे रक्षा मंत्री का पदभार भी संभालते हैं। लाल सागर से जुड़े इस फैसले के कारण वे आलोचकों के निशाने पर भी हैं। श्रीलंका के आर्थिक संकट को देखते हुए इस फैसले के लिए विक्रमसिंघे की आलोचना हो रही है।
विज्ञापन
दुनिया का 12 फीसद व्यापार इसी रास्ते से होता है
राष्ट्रपति से जुड़े सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, अगर हूती हमलों के कारण लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों का यातायात बाधित होता है तो जहाज को तैनात करने की लागत कोलंबो बंदरगाह को होने वाले नुकसान की तुलना में बहुत कम होगी। लाल सागर के बाब अल-मंडेब (Bab al-Mandeb) दक्षिणी चोकपॉइंट (chokepoint) से लगभग 12 प्रतिशत वैश्विक व्यापार होता है। हूती विद्रोहियों ने इसी जलमार्ग पर जहाजों को निशाना बनाया है।
विज्ञापन
सोमवार को जारी बयान के मुताबिक श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता कैप्टन गयान विक्रमसूर्या ने कहा, तैनाती की सटीक तारीख की पुष्टि अभी नहीं की गई है। हालांकि, जहाज लाल सागर, अरब सागर, अदन की खाड़ी और जुड़े हुए समुद्री मार्गों को कवर करेंगे।
कैप्टन विक्रमसूर्या ने कहा कि शुरू में एक जहाज को लाल सागर में ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्डियंस के लिए तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लाल सागर और आसपास के समुद्री व्यापारिक रास्ते पर चल रहे श्रीलंकाई नौसेना के ऑपरेशन के हिस्से के रूप में जहाजों को तैनात किया जाएगा।
न्यूजवायर लंका के मुताबिक कैप्टन विक्रमसूर्या ने कहा, चर्चा के बाद युद्धपोत की क्षमता के आधार पर इसे हूती विद्रोहियों के दायरे में आने वाले किसी दूसरे समुद्री मार्ग पर भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधिक जहाजों की तैनाती या जहाजों की अदला-बदली श्रीलंका की मौजूदा जरूरतों और आर्थिक स्थिति के आधार पर की जाएगी।
हूती विद्रोहियों ने अब तक 20 से अधिक हमले किए
गौरतलब है कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में व्यापारिक जहाजों पर 20 से अधिक हमले किए हैं। इन हमलों के बाद एशिया और यूरोप के बीच माल की परिवहन लागत बढ़ गई है। गाजा में हमास के खिलाफ इस्राइल के सैन्य अभियान का बदला लेने का दावा करते हुए हूती विद्रोहियों ने कई हमले किए हैं।