{"_id":"6a0aeda4afae0962f50b7cdb","slug":"prime-minister-modi-holds-bilateral-meeting-with-norway-pm-jonas-gahr-store-in-oslo-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi Norway Visit: नॉर्वे के समकक्ष स्टोरे के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक, व्यापार और तकनीक पर चर्चा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
PM Modi Norway Visit: नॉर्वे के समकक्ष स्टोरे के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक, व्यापार और तकनीक पर चर्चा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओस्लो।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 18 May 2026 04:15 PM IST
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी, योनेस गहर स्टोरे
- फोटो : एक्स/एएनआई/वीडियो ग्रैब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अपने नॉर्वे के समकक्ष जोनस गाहर स्टोरे के साथ बैठक की। यह बैठक व्यापार और निवेश, हरित तकनीक, नीली अर्थव्यवस्था और अन्य प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रही।
प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा के बाद ओस्लो पहुंचे। नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे और स्कैंडिनेवियाई देश के अन्य शीर्ष नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था। यह पीएम मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है और 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा भी है।
मोदी और स्टोरे 19 मई को ओस्लो में होने वाले तीसरे नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन में भी संयुक्त रूप से भाग लेंगे। इस सम्मेलन में भारत और डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देशों के नेता शामिल होंगे।
विज्ञापन
यह सम्मेलन पहले 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए सम्मेलनों की आगे की कड़ी है। इससे भारत-नॉर्डिक संबंधों को और रणनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद है।
पिछले साल यह शिखर सम्मेलन पहलगाम आतंकी हमले और भारत–पाकिस्तान के चार दिन चले सैन्य तनाव के कारण रद्द करना पड़ा था।
प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और शोध शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले जारी बयान में कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और उन्हें और मजबूत करने के अवसर प्रदान करेगी, खासकर व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में।
बयान में कहा गया कि भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते का लाभ उठाते हुए सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। ईएफटीएमें आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी की यात्रा से पहले कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे अधिक आबादी वाला देश है और जलवायु, तकनीक, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में उसकी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, यह यात्रा मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के समय भारत, नॉर्वे और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग के महत्व को दर्शाती है। हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियम आधारित विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए साथ खड़े हैं।
प्रधानमंत्री मोदी स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा के बाद ओस्लो पहुंचे। नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे और स्कैंडिनेवियाई देश के अन्य शीर्ष नेताओं ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया था। यह पीएम मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा है और 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की पहली यात्रा भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोदी और स्टोरे 19 मई को ओस्लो में होने वाले तीसरे नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन में भी संयुक्त रूप से भाग लेंगे। इस सम्मेलन में भारत और डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, स्वीडन और नॉर्वे जैसे नॉर्डिक देशों के नेता शामिल होंगे।
Trending Videos
यह सम्मेलन पहले 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में हुए सम्मेलनों की आगे की कड़ी है। इससे भारत-नॉर्डिक संबंधों को और रणनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद है।
पिछले साल यह शिखर सम्मेलन पहलगाम आतंकी हमले और भारत–पाकिस्तान के चार दिन चले सैन्य तनाव के कारण रद्द करना पड़ा था।
प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्जा से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही वह नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे व्यापार और शोध शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने प्रधानमंत्री की यात्रा से पहले जारी बयान में कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने और उन्हें और मजबूत करने के अवसर प्रदान करेगी, खासकर व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा और नीली अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में।
बयान में कहा गया कि भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते का लाभ उठाते हुए सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा। ईएफटीएमें आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।
नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी की यात्रा से पहले कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे अधिक आबादी वाला देश है और जलवायु, तकनीक, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा में उसकी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, यह यात्रा मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के समय भारत, नॉर्वे और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग के महत्व को दर्शाती है। हम अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियम आधारित विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए साथ खड़े हैं।