Russia: जासूसी के आरोप में ब्रिटिश राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश, रूस मंत्रालय ने कहा ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं
रूस ने जासूसी के आरोप में एक ब्रिटिश राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया है। रूस की सुरक्षा एजेंसी एफएसबी ने दावा किया कि राजनयिक ब्रिटिश खुफिया एजेंसी के लिए काम कर रहा था, हालांकि कोई सबूत पेश नहीं किया गया।
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रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को जासूसी के आरोपों पर एक ब्रिटिश राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा, जिसे उसके रूसी संक्षिप्त नाम एफएसबी से जाना जाता है। इसने आरोप लगाया कि दूतावास के कर्मचारी ने ब्रिटिश खुफिया एजेंसी के लिए काम किया था। हालांकि, उसने इसका कोई सबूत पेश नहीं किया।
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ब्रिटिश खुफिया अधिकारियों के अघोषित कार्यों को मॉस्को बर्दाश्त नहीं करेगा
रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राजनयिक की मान्यता रद्द कर दी गई है और उन्हें दो सप्ताह के भीतर देश छोड़ना होगा। रूस में ब्रिटेन की चार्ज डी'अफेयर्स, डानाए धोलाकिया को मंत्रालय के मॉस्को स्थित मुख्यालय में नोटिस प्राप्त करने के लिए तलब किया गया था। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा, "रूस में ब्रिटिश खुफिया अधिकारियों के अघोषित कार्यों को मॉस्को बर्दाश्त नहीं करेगा।" मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर लंदन द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का रूस मुंहतोड़ जवाब देगा।
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इस मामले पर ब्रिटिश सरकार की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। फरवरी 2022 में क्रेमलिन द्वारा यूक्रेन में सेना भेजने के बाद से शीत युद्ध के बाद से संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जिसके चलते रूस और नाटो सहयोगियों ने राजनयिकों के पारस्परिक निष्कासन के कई दौर चलाए हैं। इससे पहले मार्च 2025 में मॉस्को ने जासूसी के आरोपों को लेकर मॉस्को में तैनात दो ब्रिटिश राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था। ब्रिटेन ने उन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और निराधार बताया था।