{"_id":"6a6964654f2738dddf002d59","slug":"senate-confirms-jay-clayton-as-nation-s-intelligence-director-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका को मिला नया खुफिया प्रमुख: क्लेटन की नियुक्ति को सीनेट ने दी मंजूरी; डेमोक्रेट क्यों कर रहे विरोध?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका को मिला नया खुफिया प्रमुख: क्लेटन की नियुक्ति को सीनेट ने दी मंजूरी; डेमोक्रेट क्यों कर रहे विरोध?
Wed, 29 Jul 2026 07:54 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:54 AM IST
सार
अमेरिका को नया स्थायी खुफिया प्रमुख मिल गया है। अमेरिकी सीनेट ने जे क्लेटन की नियुक्ति को मंजूरी दी, लेकिन 2020 के राष्ट्रपति चुनाव पर उनके रुख को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया। इस पूरी नियुक्ति के केंद्र में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव संबंधी दावे और उन पर छिड़ा राजनीतिक विवाद है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
जे क्लेटन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिकी सीनेट ने जे. क्लेटन को देश खुफिया प्रमुख बनने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कई हफ्तों की देरी के बाद इस पद पर स्थायी निदेशक की नियुक्ति हो गई है। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए टाल दिया था।
क्लेटन इस समय न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी हैं। वह पहले प्रतिभूति और विनिमय आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सीनेट ने उन्हें 51 के मुकाबले 47 मतों से मंजूरी दी। सभी रिपब्लिकन सांसदों ने उनके पक्ष में और सभी डेमोक्रेट सांसदों ने उनके विरोध में मतदान किया। रिपब्लिकन नेता जून में ही उनकी नियुक्ति चाहते थे, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने सुनवाई टाल दी थी, ताकि इस पद के लिए उनकी अस्थायी पसंद बिल पुल्टे कुछ हफ्तों तक जिम्मेदारी संभाल सकें। इससे पहले निदेशक तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दे दिया था।
दोनों दलों के कई सांसदों ने बिल पुल्टे को लेकर चिंता जताई थी। पुल्टे पहले आवास क्षेत्र के नियामक रह चुके हैं। लेकिन उन्हें खुफिया मामलों का कोई अनुभव नहीं था। इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस महीने व्हाइट हाउस से भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपने पहले वाले दावों को फिर दोहराया। ट्रंप यह चुनाव हार गए थे। लेकिन उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जारी किए।
विज्ञापन
बिल पुल्टे ने यह भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या कम कराई है। यह कार्यालय अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल का काम करता है। पुल्टे ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हाल की छंटनी के बाद कार्यालय में कुछ सप्ताह पहले की तुलना में करीब 30 फीसदी कर्मचारियों की कमी हो गई है। हालांकि, उन्होंने इन कटौतियों का कोई विवरण नहीं दिया, इसलिए इस दावे की तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी।
ये भी पढ़ें: क्या धरती पर उगेगा दूसरा सूरज? चीन ने तैयार किया दुनिया का सबसे ताकतवर चुंबक; भारत कहां खड़ा है इस रेस में?
डेमोक्रेट सांसदों ने क्लेटन को लेकर भी चिंता जताई। दो हफ्ते पहले हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कई बार यह कहने से इनकार कर दिया था कि वर्ष 2020 का चुनाव पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने जीता था। इसी कारण उन्हें दोनों दलों का समर्थन नहीं मिल सका।
वर्जीनिया से डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वॉर्नर ने सुनवाई के अंत में कहा कि वह जे क्लेटन से बहुत निराश हैं। वॉर्नर सीनेट की खुफिया समिति में अपने दल के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्होंने शुरुआत में उनकी नियुक्ति की सराहना की थी। मार्क वॉर्नर ने कहा कि वह क्लेटन की नियुक्ति का विरोध करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बिल पुल्टे के इस पद पर बने रहने की स्थिति में डेमोक्रेट एक कठिन परिस्थिति में हैं।
ट्रंप ने फिर दोहराए वर्ष 2020 के चुनाव से जुड़े दावे
चक शूमर ने क्लेटन को लेकर क्या कहा?
सीनेट में डेमोक्रेट दल के नेता चक शूमर ने कहा कि क्लेटन का प्रदर्शन बहुत खराब था। उन्होंने कहा कि इसके कारण डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना और कम हो गई। सीनेट में मतदान से कुछ घंटे पहले बिल पुल्टे ने वर्ष 2020 से जुड़े खुफिया समुदाय के कुछ दस्तावेज जारी किए। इनमें बताया गया था कि चीन के पास अमेरिका की राजनीतिक प्रक्रिया में दखल देने की क्षमता है और चुनाव व्यवस्था में कुछ कमजोरियां मौजूद हैं।
इन दस्तावेजों में अधिकतर जानकारी पहले से सामने आ चुकी थी और नई नहीं थी। फिर भी इन्हें सार्वजनिक करना ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिये अमेरिकी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्लेटन ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?
सुनवाई के दौरान क्लेटन ने बिल पुल्टे का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव पर जोर दिया और दोनों दलों के सांसदों की चिंताओं को कम करने की कोशिश की।
क्लेटन ने कहा, मैंने स्वयं देखा है कि मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्पष्ट निर्णय, अनुशासन, ईमानदारी, प्रभावी संवाद और सरकार की अलग-अलग शाखाओं के बीच अच्छा सहयोग कितना जरूरी होता है। यदि मुझे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक बनाया जाता है, तो मैं हर दिन इन सिद्धांतों का पालन करने का वचन देता हूं। उन्होंने सांसदों से यह भी कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव पर राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण से उनका कोई संबंध नहीं था।
सीनेट की खुफिया समिति के अध्यक्ष टॉम कॉटन ने कहा कि क्लेटन अपने पिछले पदों पर नैतिकता, शालीनता और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले महीने सुनवाई टाले जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। टॉम कॉटन ने कहा, क्लेटन एक बेहद योग्य उम्मीदवार हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक तरह के खतरों का सामना करने का गहरा अनुभव है।
विज्ञापन
क्लेटन इस समय न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी हैं। वह पहले प्रतिभूति और विनिमय आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। सीनेट ने उन्हें 51 के मुकाबले 47 मतों से मंजूरी दी। सभी रिपब्लिकन सांसदों ने उनके पक्ष में और सभी डेमोक्रेट सांसदों ने उनके विरोध में मतदान किया। रिपब्लिकन नेता जून में ही उनकी नियुक्ति चाहते थे, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने सुनवाई टाल दी थी, ताकि इस पद के लिए उनकी अस्थायी पसंद बिल पुल्टे कुछ हफ्तों तक जिम्मेदारी संभाल सकें। इससे पहले निदेशक तुलसी गबार्ड ने इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
दोनों दलों के कई सांसदों ने बिल पुल्टे को लेकर चिंता जताई थी। पुल्टे पहले आवास क्षेत्र के नियामक रह चुके हैं। लेकिन उन्हें खुफिया मामलों का कोई अनुभव नहीं था। इसी दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने इस महीने व्हाइट हाउस से भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वर्ष 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अपने पहले वाले दावों को फिर दोहराया। ट्रंप यह चुनाव हार गए थे। लेकिन उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जारी किए।
विज्ञापन
बिल पुल्टे ने यह भी कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय खुफिया कार्यालय में कर्मचारियों की संख्या कम कराई है। यह कार्यालय अमेरिका की सभी खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल का काम करता है। पुल्टे ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि हाल की छंटनी के बाद कार्यालय में कुछ सप्ताह पहले की तुलना में करीब 30 फीसदी कर्मचारियों की कमी हो गई है। हालांकि, उन्होंने इन कटौतियों का कोई विवरण नहीं दिया, इसलिए इस दावे की तुरंत पुष्टि नहीं हो सकी।
ये भी पढ़ें: क्या धरती पर उगेगा दूसरा सूरज? चीन ने तैयार किया दुनिया का सबसे ताकतवर चुंबक; भारत कहां खड़ा है इस रेस में?
डेमोक्रेट सांसदों ने क्लेटन को लेकर भी चिंता जताई। दो हफ्ते पहले हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कई बार यह कहने से इनकार कर दिया था कि वर्ष 2020 का चुनाव पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने जीता था। इसी कारण उन्हें दोनों दलों का समर्थन नहीं मिल सका।
वर्जीनिया से डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वॉर्नर ने सुनवाई के अंत में कहा कि वह जे क्लेटन से बहुत निराश हैं। वॉर्नर सीनेट की खुफिया समिति में अपने दल के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्होंने शुरुआत में उनकी नियुक्ति की सराहना की थी। मार्क वॉर्नर ने कहा कि वह क्लेटन की नियुक्ति का विरोध करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि बिल पुल्टे के इस पद पर बने रहने की स्थिति में डेमोक्रेट एक कठिन परिस्थिति में हैं।
ट्रंप ने फिर दोहराए वर्ष 2020 के चुनाव से जुड़े दावे
- जे. क्लेटन का डेमोक्रेट सांसदों की ओर से विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब राष्ट्रपति ट्रंप वर्ष 2020 के चुनाव को फिर से प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं।
- ट्रंप बार-बार उस चुनाव पर सवाल उठाते रहे हैं और जो बाइडन की जीत से जुड़े उन दावों को बढ़ावा दे रहे हैं, जिन्हें पहले ही गलत साबित किया जा चुका है।
- सुनवाई के दौरान क्लेटन ने कई बार कहा कि चुनाव के नतीजों को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया गया था। लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में यह नहीं कहा कि चुनाव जो बाइडन ने जीता था।
चक शूमर ने क्लेटन को लेकर क्या कहा?
सीनेट में डेमोक्रेट दल के नेता चक शूमर ने कहा कि क्लेटन का प्रदर्शन बहुत खराब था। उन्होंने कहा कि इसके कारण डेमोक्रेट सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना और कम हो गई। सीनेट में मतदान से कुछ घंटे पहले बिल पुल्टे ने वर्ष 2020 से जुड़े खुफिया समुदाय के कुछ दस्तावेज जारी किए। इनमें बताया गया था कि चीन के पास अमेरिका की राजनीतिक प्रक्रिया में दखल देने की क्षमता है और चुनाव व्यवस्था में कुछ कमजोरियां मौजूद हैं।
इन दस्तावेजों में अधिकतर जानकारी पहले से सामने आ चुकी थी और नई नहीं थी। फिर भी इन्हें सार्वजनिक करना ट्रंप प्रशासन की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिये अमेरिकी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्लेटन ने सुनवाई के दौरान क्या कहा?
सुनवाई के दौरान क्लेटन ने बिल पुल्टे का कोई जिक्र नहीं किया। इसके बजाय उन्होंने सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव पर जोर दिया और दोनों दलों के सांसदों की चिंताओं को कम करने की कोशिश की।
क्लेटन ने कहा, मैंने स्वयं देखा है कि मजबूत राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्पष्ट निर्णय, अनुशासन, ईमानदारी, प्रभावी संवाद और सरकार की अलग-अलग शाखाओं के बीच अच्छा सहयोग कितना जरूरी होता है। यदि मुझे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक बनाया जाता है, तो मैं हर दिन इन सिद्धांतों का पालन करने का वचन देता हूं। उन्होंने सांसदों से यह भी कहा कि वर्ष 2020 के चुनाव पर राष्ट्रपति ट्रंप के भाषण से उनका कोई संबंध नहीं था।
सीनेट की खुफिया समिति के अध्यक्ष टॉम कॉटन ने कहा कि क्लेटन अपने पिछले पदों पर नैतिकता, शालीनता और ईमानदारी के साथ काम करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले महीने सुनवाई टाले जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई थी। टॉम कॉटन ने कहा, क्लेटन एक बेहद योग्य उम्मीदवार हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अनेक तरह के खतरों का सामना करने का गहरा अनुभव है।