West Asia Crisis LIVE: अमेरिकी सैनिकों पर ईरान का हमला, सऊदी ने इराक में बरसाए बम; पश्चिम एशिया में शांति कब?
West Asia Tension LIVE Updates US Iran War: ईरान ने यूक्रेन से हर्जाना मांगा है। कैस्पियन सागर में जहाज पर हमला मामले में नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रूख अपनाया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पश्चिम एशिया में शांति कब बहाल होगी। अमेरिका-ईरान की जंग, युद्ध में इस्राइल की भूमिका और खाड़ी देशों के रवैये से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें
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ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत का दावा नकारा, होर्मुज में यूरोपीय जहाजों को दी हमले की चेतावनी
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अमेरिका से हमले रोकने और बातचीत करने का अनुरोध किया था। गरीबाबादी ने उल्टा दावा किया कि खुद अमेरिका ने ही संघर्ष समाप्त करने की मिन्नतें की थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की अमेरिका के साथ सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं है और तेहरान अपनी शर्तों पर ही ओमान के जरिए सीमित चर्चा आगे बढ़ा रहा है। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण पूरी तरह से ईरान के हाथ में रहेगा और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खोलने या हस्तक्षेप करने की कोशिश करने वाला कोई भी यूरोपीय नौसैनिक जहाज ईरानी सेना का 'वैध निशाना' बनेगा। वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत तैनात कर ईरान के खिलाफ सख्त समुद्री नाकेबंदी लागू कर रखी है।पेंटागन का नया पैंतरा: अमेरिका-ईरान जंग के बलिदानियों का बदला वर्ग, आंकड़ों पर उठे सवाल
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अमेरिका-ईरान जंग में मारे गए और घायल सैनिकों के लिए एक नया वर्ग बनाया है। पेंटागन के इस फैसले के तहत चार मृत और दर्जनों घायल सैनिकों को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सूची से हटाकर 'ओवरसीज ऑपरेशन्स' नामक नई श्रेणी में डाल दिया गया है। रक्षा अधिकारियों का दावा है कि तेहरान के खिलाफ चलाया गया 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है। हालांकि, पेंटागन ने इस सैन्य अभियान के खत्म होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। अब दोनों श्रेणियों को मिलाकर इस संघर्ष में घायल अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 642 हो गई है।इस बदलाव से युद्ध के वास्तविक मानवीय नुकसान को छिपाने के आरोप लग रहे हैं। इस महीने मारे गए चार सैनिकों में से तीन 17 जुलाई को जोर्डन में ईरानी मिसाइल हमले में शहीद हुए थे। वहीं चौथा सैनिक 18 जुलाई को इराक में एक ईरानी ड्रोन को निष्क्रिय करते समय मारा गया था। अप्रैल में हुए नाजुक युद्धविराम और जून के अंतरिम समझौते के बाद इस महीने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के कारण जंग फिर भड़क उठी है। हालांकि रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह केवल डाटा के सही प्रबंधन के लिए किया गया है, लेकिन सांसदों और विशेषज्ञों ने इस पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
इराक में अमेरिका और सऊदी सेना का बड़ा हवाई हमला, ईरान समर्थित गुटों के ठिकाने किए तबाह
अमेरिका और सऊदी अरब की वायुसेना ने इराक में ईरान समर्थित गुटों के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमला किया है। दोनों देशों के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी इराक में आतंकियों के हथियारों और रसद के ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में हुए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। इन हमलों का संचालन ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) कर रहा था। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि और अधिक सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए ये हमले तुरंत रोके जाएं।
इससे पहले सऊदी अरब ने इराक से दागे गए ड्रोनों को लगातार दूसरे दिन मार गिराया। इन ड्रोनों का मकसद सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित तेल ठिकानों को निशाना बनाना था। इराक की सीमा से हुए इन हमलों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने जांच के सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने देश की सुरक्षा एजेंसियों को इराक की जमीन से हुए इन ड्रोन हमलों की पूरी पड़ताल करने को कहा है।
अमेरिका का दावा- सैनिकों पर ईरानी मिसाइल हमले को नाकाम किया
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक मार गिराया। अमेरिकी सेंट्रल कमान के अनुसार, मंगलवार को ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर यह हमला किया था, जिससे दोनों देशों के बीच जारी बातचीत की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में नियंत्रण को लेकर शुरू हुई यह जंग पिछले कुछ समय से थमी हुई थी, लेकिन इस नए हमले ने फिर से युद्ध की आग भड़का दी है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसके सभी सैनिक पूरी तरह सुरक्षित और सतर्क हैं।
दूसरी ओर सऊदी अरब ने भी लगातार दूसरे दिन इराक की ओर से आए कई ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। इन ड्रोनों का मुख्य मकसद सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित प्रमुख तेल संयंत्रों को तबाह करना था। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के एक तेल टैंकर 'एनसीसी गजल' पर मिसाइल दागने का दावा किया है, जिसके बाद टैंकर को वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। यह भीषण संघर्ष ऐसे समय में तेज हुआ है जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वाशिंगटन में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई है।
फिलहाल कैसी है होर्मुज की स्थिति?
गौरतलब है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट भी खड़ा हो गया है। ईरान के सशस्त्र बलों ने उन सभी कंपनियों और देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं देने की घोषणा की है, जो ट्रंप के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। बता दें कि जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया में एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को इस अवैध कार्रवाई के परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। यह कदम क्षेत्र में समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
हर्जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव में क्या?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट के बाद ईरान ने जहाजों को रोकने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा था कि जहाजों, कार्गो या संबंधित समुद्री संपत्तियों को भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान का भुगतान अमेरिकी नियंत्रण वाले ईरानी धन से किया जाएगा। उन्होंने इस फैसले को 'उचित और न्यायसंगत' बताते हुए कहा,।नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री क्या बोले?
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप की इस योजना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरानी फंड का उपयोग कर मुआवजा देने की योजना 'भड़काऊ' बताया।
ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को रोकने की चेतावनी क्यों दी?
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर गतिरोध के बीच ईरान ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह उन कंपनियों और देशों के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोकेगा, जो पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष से जुड़े नुकसान की भरपाई के लिए उसके फंड का उपयोग करते हैं। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह "थोपे गए युद्ध" के दौरान क्षतिग्रस्त हुए जहाजों के मुआवजे के लिए उसके जमे हुए फंड का उपयोग करना चाहता है। ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता का यह बयान ईरान की सरकारी मीडिया IRIB पर प्रसारित हुआ।क्या ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को रोकेगा?
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश या कंपनी ऐसी योजनाओं पर काम करती है, तो ईरान के सशस्त्र बल उनके जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना द्वारा असुरक्षा पैदा करने और अवैध मार्ग के उल्लंघन के कारण जहाजों को नुकसान हुआ था।