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South Korea: पूर्व राष्ट्रपति को पांच साल की जेल, मार्शल लॉ लागू करने के मामलों में सुनाई गई पहली सजा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:41 PM IST
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सार
देश में मार्शल लॉ लागू करने आरोपों में दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पहले मामले में सजा सुनाई गई है। यह सजा गिरफ्तारी से बचने और गिरफ्तारी का विरोध करने के मामले में सुनाई गई है।
यून सुक योल, पूर्व दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को पांच साल जेल की सजा सुनाई है। ये सजा यून सुक योल को देश में मार्शल लॉ लागू करने के एक मामले में सुनाई गई है। यून सुक योल पर 2024 के अंत में देश में मार्शल लॉ लगाने के आरोप में आठ मामले दर्ज किए गए थे। इन्हीं में से पहले मामले में सजा सुनाई गई है। उनके खिलाफ सबसे गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने मार्शल लॉ लागू करने के दौरान एक विद्रोह का नेतृत्व किया, और इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति को मौत की सजा तक हो सकती है।
सियोल के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सुनाई पूर्व राष्ट्रपति को सजा
यून सुक योल पर दक्षिण कोरिया से बगावत का आरोप
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सियोल के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सुनाई पूर्व राष्ट्रपति को सजा
- सियोल के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने शुक्रवार को सुनाए अपने फैसले में पूर्व राष्ट्रपति पर गिरफ्तारी से बचने और गिरफ्तारी का विरोध करने के आरोप में सजा सुनाई है।
- अभी सजा के एलान पर पूर्व राष्ट्रपति की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजकों ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए 10 साल जेल की सजा की मांग की थी।
- जिसकी योल की कानूनी टीम ने आलोचना की और आरोप लगाया कि 10 साल सजा की मांग राजनीति से प्रेरित है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।
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यून सुक योल पर दक्षिण कोरिया से बगावत का आरोप
- यून सुक योल को महाभियोग द्वारा राष्ट्रपति पद से हटाया गया था और उसके बाद गिरफ्तार किया गया था। यून सुक योल पर आरोप है कि उन्होंने दिसंबर 2024 में देश में कुछ समय के लिए मार्शल लॉ लगाया था।
- हालांकि यून ने अपने बचाव में कहा कि उनका देश को सैन्य शासन के अधीन रखने का कोई इरादा नहीं था बल्कि वे सिर्फ लोगों को ये दिखाना चाहते थे कि उदारवादियों द्वारा अपने एजेंडा को चलाने के लिए संसद को नियंत्रित किया जा रहा है।
- जांच में कहा गया कि यून सुक योल ने अपने शासन को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए देश में मार्शल लॉ लगाया था। पूर्व राष्ट्रपति पर बगावत, सत्ता के गलत इस्तेमाल और अन्य आपराधिक मामलों में आरोप तय किए गए हैं।
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