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स्पेन पहुंचे हजारों प्रवासी क्यों लौटे मोरक्को?: कैसे हुईं मौतें, क्या है इस संकट की असली वजह; जानिए सबकुछ
Sat, 01 Aug 2026 04:16 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्यूटा।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्यूटा।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 01 Aug 2026 04:16 PM IST
सार
स्पेन के स्यूटा में घुसे प्रवासियों में से आधे से ज्यादा मोरक्को वापस लौटे गए हैं। अचानक सामने आए इस घटनाक्रम में 57 लोगों की मौत हुई। इस रिपोर्ट में जानिए इन लोगों की मौत कैसे हुई और इस संकट की असली वजह क्या है।
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मोरक्को-स्पेन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
स्पेन के स्वायत्त इलाके स्यूटा में घुसे हजारों प्रवासी शुक्रवार को अपनी इच्छा से मोरक्को लौटने लगे। यह घटना बड़े पैमाने पर सीमा पार करने के एक दिन बाद हुई, जिसमें अफरातफरी मच गई थी और कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई थी। स्पेनिश अधिकारियों ने बताया कि जमीन और समुद्र के रास्ते आए 50 हजार से ज्यादा प्रवासियों में से ज्यादातर लोग अब खुद ही वापस लौट रहे हैं।
स्यूटा पहुंचने के लिए कुछ प्रवासी कई किलोमीटर तक तैरकर आए, जबकि कुछ को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने पानी की बौछार, आंसू गैस और चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं। मरने वालों में कुछ लोग डूब गए, जबकि कुछ की मौत भगदड़ में हुई।
प्रवासी अब वापस क्यों लौट रहे हैं?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मोरक्को के सुरक्षा बलों ने स्यूटा में प्रवेश के रास्तों पर जमा भीड़ को रोकने के लिए डंडों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, ताकि और लोग मोरक्को के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित इस छोटे से स्पेनिश इलाके में प्रवेश न कर सकें।
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स्पेन की ओर सीमा के कुछ हिस्सों में सैन्य वाहन तैनात किए गए थे। वहीं, मोरक्को की तरफ एक पहाड़ी पर कई प्रवासी अब भी मौजूद थे। वे दूर से यह सब देख रहे थे, क्योंकि वे सीमा पार नहीं कर पाए थे।
'न खाना मिला, न रहने की जगह'
सैकड़ों प्रवासियों को आधिकारिक सीमा रास्तों और बाड़ में बने रास्तों से मोरक्को लौटते हुए देखा गया। कई लोगों ने बताया कि स्यूटा पहुंचने के बाद उन्हें न खाना मिल पाया और न ही रहने की जगह।
उत्तर पश्चिम मोरक्कों के बंदरगाह शहर टैंजियर के रहने वाले एक युवा ने समाचार एजेंसी से कहा, सच कहूं तो मुझे भी नहीं पता कि मैं यहां क्यों आया था और अब मैं वापस जा रहा हूं। मैंने कल दोपहर के भोजन के बाद से कुछ नहीं खाया है। हालांकि मेरे पास कुछ पैसे थे। हम जो कर रहे हैं, वह न तो अच्छा है और न ही खुशी देने वाला।
ये भी पढ़ें: भारत की नकल कर पाकिस्तान ने बनाई 'कॉकरोच पार्टी': किन मुद्दों पर लड़ेगा यह समूह, क्या है इसका प्लान?
'बहुत बुरी तरह पीटा गया'
लाराचे शहर के 20 वर्षीय हेयरड्रेसर अयमान ने बताया कि वह पांच घंटे तक तैरने के बाद बुधवार को स्यूटा पहुंचा। अयमान ने कहा, स्यूटा के अंदर खाने के लिए कुछ नहीं था और स्पेन की सेना ने हमें बहुत बुरी तरह पीटकर बाहर निकाल दिया।
कितना बड़ा है प्रवासियों का संकट?
गुरुवार से शुक्रवार सुबह तक स्यूटा में प्रवेश करने वाले 60 हजार लोगों में से करीब 45 हजार लोग कुछ ही घंटों में मोरक्को लौट गए। इनमें से कई लोगों ने रात इलाके की सड़कों पर सोकर बिताई। वहीं, वहां के लोग हैरानी से यह सब देखते रहे। उनके साथ हथियारों से लैस स्पेनिश पुलिस अधिकारी और सैनिक भी मौजूद थे।
इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से स्थानीय अधिकारियों को पुलिस और सेना की मदद मांगनी पड़ी, ताकि हालात को काबू में किया जा सके। स्यूटा की आबादी के करीब 70 फीसदी लोगों के बराबर प्रवासी वहां पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई क्योंकि हजारों युवा पुरुष सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे थे।
अचानक इतने ज्यादा प्रवासी क्यों पहुंचे?
स्यूटा के अधिकारियों ने इस हफ्ते प्रवासियों की संख्या अचानक बढ़ने के पीछे जुलाई की शुरुआत में आए स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जिम्मेदार बताया है। अदालत ने फैसला दिया था कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता।
यह फैसला स्यूटा और अन्य इलाकों में 'सीमा पर वापसी' व्यवस्था से जुड़ा है, जिसके तहत सीमा में घुसने की कोशिश करने वाले लोगों को वापस भेजा जाता था। हालांकि, यह फैसला जमीन के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर लागू नहीं होता है, जिसमें सीमा की बाड़ पार करने वाले लोग भी शामिल हैं।
स्पेनिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को स्यूटा पहुंचे और उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में सीमा पार करने की घटना की आलोचना की। उन्होंने इसे 'स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन' बताया।
उन्होंने मानव तस्करी करने वाले गिरोहों पर इस संकट को बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये गिरोह इतने सारे युवाओं को धोखा देते हैं और आखिर में कई लोगों की मौत का कारण बनते हैं, चाहे उनकी मौत समुद्र में हो या शहर के अंदर।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस फ्रांस (एएफपी) के अनुसार, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासियों को लेकर स्पेन का अपेक्षाकृत खुला रुख भी इस स्थिति की एक वजह हो सकता है। इस साल की शुरुआत में स्पेन सरकार ने ऐसे लाखों प्रवासियों में से सैकड़ों हजार लोगों को रहने और काम करने की अनुमति देने के लिए कदम उठाए थे, जो बिना कानूनी अनुमति के देश में रह रहे थे।
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स्यूटा पहुंचने के लिए कुछ प्रवासी कई किलोमीटर तक तैरकर आए, जबकि कुछ को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने पानी की बौछार, आंसू गैस और चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं। मरने वालों में कुछ लोग डूब गए, जबकि कुछ की मौत भगदड़ में हुई।
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प्रवासी अब वापस क्यों लौट रहे हैं?
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मोरक्को के सुरक्षा बलों ने स्यूटा में प्रवेश के रास्तों पर जमा भीड़ को रोकने के लिए डंडों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, ताकि और लोग मोरक्को के भूमध्यसागरीय तट पर स्थित इस छोटे से स्पेनिश इलाके में प्रवेश न कर सकें।
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स्पेन की ओर सीमा के कुछ हिस्सों में सैन्य वाहन तैनात किए गए थे। वहीं, मोरक्को की तरफ एक पहाड़ी पर कई प्रवासी अब भी मौजूद थे। वे दूर से यह सब देख रहे थे, क्योंकि वे सीमा पार नहीं कर पाए थे।
'न खाना मिला, न रहने की जगह'
सैकड़ों प्रवासियों को आधिकारिक सीमा रास्तों और बाड़ में बने रास्तों से मोरक्को लौटते हुए देखा गया। कई लोगों ने बताया कि स्यूटा पहुंचने के बाद उन्हें न खाना मिल पाया और न ही रहने की जगह।
उत्तर पश्चिम मोरक्कों के बंदरगाह शहर टैंजियर के रहने वाले एक युवा ने समाचार एजेंसी से कहा, सच कहूं तो मुझे भी नहीं पता कि मैं यहां क्यों आया था और अब मैं वापस जा रहा हूं। मैंने कल दोपहर के भोजन के बाद से कुछ नहीं खाया है। हालांकि मेरे पास कुछ पैसे थे। हम जो कर रहे हैं, वह न तो अच्छा है और न ही खुशी देने वाला।
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'बहुत बुरी तरह पीटा गया'
लाराचे शहर के 20 वर्षीय हेयरड्रेसर अयमान ने बताया कि वह पांच घंटे तक तैरने के बाद बुधवार को स्यूटा पहुंचा। अयमान ने कहा, स्यूटा के अंदर खाने के लिए कुछ नहीं था और स्पेन की सेना ने हमें बहुत बुरी तरह पीटकर बाहर निकाल दिया।
कितना बड़ा है प्रवासियों का संकट?
गुरुवार से शुक्रवार सुबह तक स्यूटा में प्रवेश करने वाले 60 हजार लोगों में से करीब 45 हजार लोग कुछ ही घंटों में मोरक्को लौट गए। इनमें से कई लोगों ने रात इलाके की सड़कों पर सोकर बिताई। वहीं, वहां के लोग हैरानी से यह सब देखते रहे। उनके साथ हथियारों से लैस स्पेनिश पुलिस अधिकारी और सैनिक भी मौजूद थे।
इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से स्थानीय अधिकारियों को पुलिस और सेना की मदद मांगनी पड़ी, ताकि हालात को काबू में किया जा सके। स्यूटा की आबादी के करीब 70 फीसदी लोगों के बराबर प्रवासी वहां पहुंच गए थे। स्थानीय लोगों ने चिंता जताई क्योंकि हजारों युवा पुरुष सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे थे।
अचानक इतने ज्यादा प्रवासी क्यों पहुंचे?
स्यूटा के अधिकारियों ने इस हफ्ते प्रवासियों की संख्या अचानक बढ़ने के पीछे जुलाई की शुरुआत में आए स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जिम्मेदार बताया है। अदालत ने फैसला दिया था कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता।
यह फैसला स्यूटा और अन्य इलाकों में 'सीमा पर वापसी' व्यवस्था से जुड़ा है, जिसके तहत सीमा में घुसने की कोशिश करने वाले लोगों को वापस भेजा जाता था। हालांकि, यह फैसला जमीन के रास्ते आने वाले प्रवासियों पर लागू नहीं होता है, जिसमें सीमा की बाड़ पार करने वाले लोग भी शामिल हैं।
स्पेनिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को स्यूटा पहुंचे और उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में सीमा पार करने की घटना की आलोचना की। उन्होंने इसे 'स्पेन की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन' बताया।
उन्होंने मानव तस्करी करने वाले गिरोहों पर इस संकट को बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये गिरोह इतने सारे युवाओं को धोखा देते हैं और आखिर में कई लोगों की मौत का कारण बनते हैं, चाहे उनकी मौत समुद्र में हो या शहर के अंदर।
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस फ्रांस (एएफपी) के अनुसार, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासियों को लेकर स्पेन का अपेक्षाकृत खुला रुख भी इस स्थिति की एक वजह हो सकता है। इस साल की शुरुआत में स्पेन सरकार ने ऐसे लाखों प्रवासियों में से सैकड़ों हजार लोगों को रहने और काम करने की अनुमति देने के लिए कदम उठाए थे, जो बिना कानूनी अनुमति के देश में रह रहे थे।