Spain Unrest: स्पेन में सेना क्यों बुलानी पड़ी; इटली-फ्रांस में कैसी सख्ती, यूरोपीय देशों में क्या हो रहा?
स्पेन के स्यूटा में 24 घंटे के भीतर हजारों प्रवासियों के पहुंचने से हालात बिगड़ गए। सेना तैनात करनी पड़ी, जबकि इटली ने शेंगेन यात्रा समझौता निलंबित कर दिया और फ्रांस ने सीमा जांच कड़ी कर दी।
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विस्तार
स्पेन के स्यूटा में बृहस्पतिवार को उस समय अभूतपूर्व संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई जब 24 घंटे के भीतर 84 हजार आबादी के शहर में करीब 60 हजार प्रवासी यहां घुस गए। मोरक्को से आए प्रवासियों की यह भीड़ यूरोपीय देशों में प्रवेश पाने के इरादे से यहां घुसी थी। अचानक भीड़ बढ़ने से हालात इस कदर बिगड़ गए स्पेन को सेना बुलानी पड़ी। इस दौरान कई जगहों पर झड़पों की खबर है। भगदड़ और बवाल में 34 लोगों की मौत की खबर है।
क्या हुआ स्यूटा में?
प्रवासियों का हुजूम स्यूटा के पास एक पहाड़ी पर इकट्ठा देखा गया। इन्हें मोरक्को के बलों ने आंसू गैस के गोले दागकर तितर-बितर किया, जबकि अन्य लोग तैरकर स्पेन के इलाके में जाते रहे। स्पेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि करीब 25,000 लोग वापस लौट चुके हैं। सामने आए वीडियो फुटेज में कई लोग समुद्र पार करते नजर आए। कई लोग स्पेन विवा एस्पाना (स्पेन जिंदाबाद) के नारे लगा रहे थे। मोरक्को के 33 साल के अहमद करीम ने कहा कि उन्होंने अपने देश में नौकरी न होने की वजह से स्यूटा में प्रवेश किया।
बिगड़ते हालात के बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को खुद हालात का जायजा लेने के लिए स्यूटा पहुंचे। सांचेज ने इसे क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया। सांचेज के आने पर भीड़ में उनकी अच्छी-खासी हूटिंग भी की। स्पेन में मोरक्को की राजदूत करीमा बेन्याइच ने उम्मीद जताई कि जो लोग मोरक्को से स्पेन के इस इलाके में गए हैं, वे वापस लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब मोरक्को की मर्जी के खिलाफ हुआ है।
इटली और फ्रांस ने क्या कदम उठाए?
ताजा घटना के बाद यूरोपीय देशों में गहरे मतभेद उभर आए हैं। इटली ने स्पेन के साथ अपने शेंगेन वीजा समझौते (बिना वीजा यात्रा नियम) को निलंबित कर दिया है। अब बिना वीजा इटली की यात्रा नहीं की जा सकेगी। प्रवासन नीतियों की आलोचना करते हुए इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पहले ही वीजा निलंबित करने की धमकी दी थी। वहीं फ्रांस ने भी स्पेनिश सीमा पर अपनी जांच कड़ी कर दी है। सीमा पर त्वरित हस्तक्षेप सीमा बल सक्रिय कर दिया है। स्पेन ने इटली की कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए उसके राजदूत को तलब किया है।
घुसपैठ की वजह अदालती फैसला भी
मोरक्को से प्रवासियों के अचानक इस तरह पहुंचने की एक वजह इस माह के शुरू में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला हो सकता है, जिसके तहत स्यूटा या मेलिला पहुंचने का प्रयास करते समय समुद्र में रोके गए प्रवासियों को विशेष नियमों के तहत तुरंत वापस नहीं भेजा जा सकता है। पांच वर्ष पहले भी बनी थी ऐसी स्थिति...प्रवासियों की बढ़ती संख्या की तुलना मई 2021 की स्थिति से की जा रही है, जब कुछ ही दिनों में लगभग 10 हजार लोग स्यूटा पहुंच गए थे। इस घटना के कारण स्पेन और मोरक्को के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था।
यूरोप का आखिरी दरवाजा और औपनिवेशिक विरासत
स्यूटा, अफ्रीकी तट पर स्पेन का सदियों पुराना साम्राज्यवादी ठिकाना है। यह अफ्रीका में यूरोपीय संघ की इकलौती जमीनी सरहद है। इस कारण बेहतर आर्थिक भविष्य की तलाश में अफ्रीकी प्रवासी यहां के जरिए यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं।
मोरक्को का ‘माइग्रेशन ब्लैकमेल’
मोरक्को अक्सर इन बेबस प्रवासियों को स्पेन और यूरोपीय संघ से वित्तीय मदद तथा राजनीतिक रियायतें ऐंठने के लिए ‘मानवीय हथियार’ की तरह इस्तेमाल करता है। स्पेन द्वारा अल्जीरिया से नजदीकी बढ़ाने के जवाब में मोरक्को ने जानबूझकर अपनी सीमा सुरक्षा ढीली की, ताकि हजारों प्रवासी स्पेनिश सीमा में घुस जाएं।
स्पेन की दोहरी नीति और घरेलू राजनीति
स्पेन की पेड्रो सांचेज सरकार मानवाधिकारों का हवाला देकर अप्रवासियों के बारे में उदार रही है। घरेलू मोर्चे पर सांचेज बैकफुट पर हैं। दक्षिणपंथी दल इस मुद्दे को ‘आक्रमण’ बताकर नस्लीय राजनीति भड़का रहे हैं।
दरवाजे तोड़कर घरों से खाने का सामान लूटा
स्यूटा में घुसने के बाद से ही घुसपैठियों ने वहां के घरों पर धावा बोल दिया। लोगों के घरों के दरवाजे तोड़कर घरों में घुसे और खाने-पीने की चीजें लूट लीं। जमकर उत्पाद मचाया। कई लोग घरों में लगे एसी को हटाकर उस रास्ते भी घरों में दाखिल हुए। भीड़ होने के कारण स्थानीय लोग निरीह महसूस करते रहे। कई जगह सुरक्षा बलों ने इन लोगों को घरों से घसीट कर निकाला।