Trump: भारत-पाकिस्तान युद्ध पर ट्रंप का फिर दावा, बोले- टैरिफ की धमकी देकर रुकवाई जंग; भारत चुका है खारिज
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर रोका था। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने अगले ही दिन युद्ध नहीं करने की बात कही। हालांकि भारत पहले ही इन दावों को खारिज कर चुका है। ट्रंप ने अब क्या कहा और भारत का आधिकारिक रुख क्या है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को टैरिफ की धमकी देकर रुकवाया था। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए हैं और इनमें भारत-पाकिस्तान का मामला भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि अगर दोनों देश युद्ध जारी रखते तो वह उन पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगा देते। हालांकि भारत पहले भी ऐसे दावों को खारिज कर चुका है और स्पष्ट कर चुका है कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं हुआ था।
ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान को लेकर क्या दावा किया?
ट्रंप ने कहा, "मैंने आठ युद्ध खत्म किए। ऐसे युद्ध भी खत्म कराए जो बहुत कठिन माने जा रहे थे। हमने भारत और पाकिस्तान के बीच भी युद्ध रुकवाया। 11 विमान गिराए गए थे। मैंने टैरिफ का इस्तेमाल किया। मैंने कहा कि अगर आप युद्ध करेंगे तो दोनों देशों पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। दोनों देश इससे नाराज थे, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने फोन कर कहा कि वे युद्ध नहीं करेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझसे कहा कि मैंने पांच करोड़ लोगों की जान बचाई।" ट्रंप ने यह भी कहा कि टैरिफ उनकी कूटनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा रहा है।
ट्रंप पहले भी कब कर चुके हैं ऐसा दावा?
- यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा दावा किया है। पिछले सप्ताह सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि उन्होंने टैरिफ के जरिए आठ युद्ध रुकवाए हैं और भारत-पाकिस्तान उनमें शामिल हैं। उनके अनुसार आठ में से पांच युद्ध केवल टैरिफ की चेतावनी की वजह से रुके।
- उन्होंने कहा था कि उन्होंने दोनों देशों से कहा था कि यदि लड़ाई जारी रही तो 250 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। इससे पहले मई में ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर भी दावा किया था कि उनकी मध्यस्थता के बाद भारत और पाकिस्तान तत्काल और पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए थे।
- इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान और इस्राइल के बीच हुए समझौते को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि करीब 30 वर्षों में पहली बार दोनों देशों की सरकारों के बीच आधिकारिक स्तर पर बातचीत हुई है। रुबियो ने यह भी कहा कि ट्रंप द्वारा कराया गया हमास से जुड़ा निरस्त्रीकरण समझौता भी एक बड़ा कदम है, जिसे कई लोग असंभव मानते थे।
भारत सरकार का इस दावे पर क्या रुख है?
भारत सरकार ट्रंप के इन दावों को लगातार खारिज करती रही है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं हुआ था। सरकार के अनुसार युद्धविराम को लेकर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों यानी डीजीएमओ के बीच प्रत्यक्ष बातचीत हुई थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में किसी बाहरी देश या नेता की कोई भूमिका नहीं थी।
प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद में कहा था कि किसी भी देश के नेता ने भारत से ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा था। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्पष्ट किया था कि युद्धविराम में किसी बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका नहीं थी।