US-Iran War: ईरान ने 'समझौते' के लिए अमेरिका से संपर्क साधा, ट्रंप बोले- आप थोड़ा देर से आए
US-Iran War: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इस्राइलके हमलों के बीच तेहरान ने अमेरिका से संपर्क कर 'समझौता कैसे किया जाए' के बारे में पूछा है, जिस पर ट्रंप ने कहा कि यह अनुरोध 'थोड़ा देर से' आया है, क्योंकि अमेरिका अब उनसे लड़ना ज्यादा चाहता है।
विस्तार
अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हो रहा है। शु्क्रवार (06 मार्च) को पश्चिम एशिया में चल रही जंग अपने सातवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि भारी सैन्य नुकसान झेलने के बाद ईरान अब बातचीत करना चाहता है। ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान ने अमेरिका से 'समझौता' करने का तरीका पूछने के लिए संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि आप थोड़ा देर से आए हैं। इतना ही नहीं ट्रंप ने कहा कि अब अमेरिका ईरान की तुलना में 'ज्यादा लड़ने' के पक्ष में है।
2025 एमएलएस चैंपियन इंटर मियामी सीएफ को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश तेजी से ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं। उनके मुताबिक ईरान पहले ही बातचीत के लिए संपर्क करने लगा है।
हर घंटे ईरान की मिसाइल और ड्रोन नष्ट हो रहे
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना, 'शानदार' इस्रइली बलों के साथ मिलकर हर घंटे ईरान की मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं को नष्ट कर रही है। इंटर मियामी सॉकर टीम के साथ एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, "वे (ईरान) कॉल कर रहे हैं, वे कह रहे हैं हम डील कैसे करें? मैंने कहा, 'आप थोड़ा देर कर रहे हैं।' अब हम उनसे ज्यादा लड़ने के इच्छुक हैं।"
ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन अवसंरचना को 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत भारी निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के वायु सेना और नौसेना को भारी नुकसान हुआ है। ट्रंप के अनुसार ईरान के 24 जहाज तीन दिनों में नष्ट हो गए, उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार गायब हो गए हैं, जिससे उनकी वायु सेना पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लगभग 60 से 64 प्रतिशत विमान, संचार प्रणाली, मिसाइलें और लॉन्चर नष्ट हो चुके हैं।
ईरानी सुरक्षा बलों को चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, सेना और पुलिस से हथियार डालने की अपील की है, अन्यथा उन्हें 'मार दिया जाएगा'। उन्होंने कहा, 'यह ईरानी लोगों के लिए खड़े होने और अपने देश को वापस लेने का समय है।' ट्रंप ने आत्मसमर्पण करने वालों को 'इम्यूनिटी' (सुरक्षा) देने की पेशकश की, और कहा कि जो सहयोग नहीं करेंगे, उन्हें 'निश्चित मृत्यु' का सामना करना पड़ेगा।
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ईरानी राजनयिकों से अपील
ट्रंप ने दुनिया भर में तैनात ईरानी राजनयिकों से शरण मांगने और देश के लिए एक 'नए और बेहतर भविष्य' को आकार देने में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि अगला नेतृत्व चाहे जो भी हो, ईरान अमेरिका या उसके पड़ोसियों को खतरा नहीं पहुंचाएगा।
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