सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Ukrainian President Zelenskyy Sweden Visit talks bilateral defence cooperation; russia Ukraine war

Ukraine War: रूसी हमलों से बचाव के लिए जेलेंस्की ने अमेरिका से मांगी पैट्रियट मिसाइलें, ट्रंप को भेजा पत्र

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 28 May 2026 04:48 PM IST
विज्ञापन
सार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने स्वीडन दौरे के दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर अहम चर्चा की। यूक्रेन अपनी ड्रोन तकनीक के बदले सैन्य मदद चाहता है। यूक्रेन चार साल से ज्यादा समय से रूस के हमले का सामना कर रहा है। इस लंबे युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक में काफी महारत हासिल की है।

Ukrainian President Zelenskyy Sweden Visit talks bilateral defence cooperation; russia Ukraine war
जेलेंस्की और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन - फोटो : @ZelenskyyUa:X
विज्ञापन

विस्तार

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि वह रूस के मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए अमेरिका पर 'पैट्रियट' हवाई सुरक्षा मिसाइलें देने का लगातार दबाव बना रहे हैं। उन्होंने इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कांग्रेस को एक पत्र भी भेजा था, जिसमें उन्होंने पैट्रियट पीएसी-3 मिसाइलों की सख्त जरूरत बताई है, लेकिन अभी तक उसका कोई जवाब नहीं मिला है। जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यूक्रेन के पास हथियारों की भारी कमी हो रही है क्योंकि ईरान युद्ध की वजह से अमेरिका की रसद वहां भेजी जा रही है। उन्होंने स्वीडन यात्रा के दौरान कहा कि अमेरिका को इस मामले में तेजी से कदम उठाने चाहिए।


इस बीच स्वीडन की यात्रा के दौरान जेलेंस्की ने एक बड़े रक्षा सौदे की घोषणा की। वहां उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ रक्षा सहयोग को लेकर अहम बातचीत की। यूक्रेन स्वीडन से 2.5 अरब यूरो (लगभग 2.9 अरब डॉलर) में 20 आधुनिक 'ग्रिपेन' लड़ाकू विमान खरीदने की योजना बना रहा है। इसके लिए पैसा यूरोपीय संघ से मिले 90 अरब यूरो के कर्ज से दिया जाएगा। सौदा पूरा होने पर स्वीडन 16 पुराने ग्रिपेन विमान दान में देगा। पुराने विमान अगले साल की शुरुआत में मिलेंगे, जबकि नए विमान 2030 से मिलने शुरू होंगे। जेलेंस्की ने कहा कि ये विमान रूस के उन विमानों को रोकने में मदद करेंगे जो यूक्रेन पर शक्तिशाली बम गिराते हैं। यूक्रेन की योजना कुल 150 ग्रिपेन विमान हासिल करने की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूक्रेन अपनी ड्रोन तकनीक की विशेषज्ञता दूसरे देशों के साथ साझा कर रहा है। जेलेंस्की ने बताया कि उनके विशेषज्ञों ने पश्चिम एशिया के देशों, खासकर खाड़ी क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को मजबूत करने और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा में मदद की है। यूक्रेन ने यूरोपीय संघ के देशों के साथ मिलकर ड्रोन बनाने के समझौते भी किए हैं। यूरोपीय देशों को डर है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सैन्य योजनाएं यूक्रेन से आगे भी बढ़ सकती हैं। स्वीडन भी यूक्रेन के ड्रोन युद्ध के अनुभव से सीखने के लिए बहुत उत्सुक है।
विज्ञापन


इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की गुरुवार को स्वीडन की यात्रा पर पहुंचे। वहां उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ रक्षा सहयोग को लेकर अहम बातचीत की। यूक्रेन पिछले चार साल से ज्यादा समय से रूस के हमले का सामना कर रहा है। इस लंबे युद्ध के दौरान यूक्रेन ने ड्रोन तकनीक में काफी महारत हासिल की है। युद्ध के मैदान में यूक्रेन के ड्रोन 1,250 किलोमीटर लंबी सीमा पर लगातार नजर रख रहे हैं। ये ड्रोन रूस के सप्लाई रास्तों पर सटीक हमले कर रहे हैं, जिससे रूस की बड़ी सेना को पीछे हटना पड़ा है। वॉशिंगटन के एक संस्थान 'इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की ताकत को सीमित कर दिया है। इन हमलों की वजह से रूस के लिए अपने सैनिकों तक रसद और जरूरी सामान पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें: वॉशिंगटन वार्ता से पहले बढ़ा तनाव: दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हमलों से तबाही, महिलाओं-बच्चों समेत 14 की मौत

रूस ने अब तक यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इसमें क्रीमिया का इलाका भी शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में अपने कब्जे में लिया था। हालांकि, इस जमीन को कब्जाने के लिए रूस को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ने बताया कि इस युद्ध में अब तक करीब पांच लाख रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं।

इन सबके बावजूद, लंबी दूरी की मिसाइलों के मामले में रूस अभी भी यूक्रेन से आगे है। रूस इन मिसाइलों से यूक्रेन के बिजली घरों और शहरों को निशाना बना रहा है। पिछले हफ्ते रूस ने कीव पर करीब 90 मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे थे। कीव पर और बड़े हमलों का खतरा है, लेकिन विदेशी दूतावासों ने अभी शहर नहीं छोड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed