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लड़ाई में हथियार घटने से अमेरिका परेशान: ईरान जंग ने खोली पोल; पेंटागन ने डिफेंस कंपनियों को दिया नया टारगेट
Sun, 09 Aug 2026 08:55 AM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sun, 09 Aug 2026 08:55 AM IST
सार
पेंटागन अमेरिकी रक्षा उद्योग पर हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने का दबाव बना रहा है, ताकि घट चुके गोला-बारूद के भंडार को फिर से भरा जा सके। इसमें वे हथियार भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान के साथ हालिया लड़ाई के दौरान किया गया था। अमेरिकी रक्षा विभाग का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब मिसाइल इंटरसेप्टर समेत कई अहम हथियारों के भंडार में बड़ी गिरावट की चिंता जताई जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान के साथ हालिया संघर्ष में अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर और अन्य गोला-बारूद के इस्तेमाल से हथियारों का भंडार काफी घट गया है। इसी चिंता के बीच पेंटागन ने रक्षा कंपनियों से उत्पादन क्षमता बढ़ाने और हथियारों की डिलीवरी में तेजी लाने की योजना मांगी है। कंपनियों को 21 दिनों के भीतर अपनी योजनाएं देने को कहा गया है। पैट्रियट और THAAD जैसे अहम एयर डिफेंस इंटरसेप्टर के घटते स्टॉक ने अमेरिका के सामने अपने रक्षा भंडार को तेजी से फिर से भरने की चुनौती खड़ी कर दी है।
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पेंटागन आखिर हथियारों का उत्पादन बढ़ाने पर इतना जोर क्यों दे रहा है?
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने शनिवार को एक बयान में कहा कि रक्षा विभाग गोला-बारूद की खरीद बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रहा है, ताकि 'हमारे सैनिकों को जरूरत और खतरे के मुताबिक तेजी से हथियार उपलब्ध कराए जा सकें।' उन्होंने पिछले हफ्ते इस प्रक्रिया में तेजी लाने के विभाग के प्रयासों की पुष्टि की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कदम रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो पांच महीने पुराने संघर्ष से पहले ही शुरू हो चुका था।
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डिफेंस कंपनियों को 21 दिनों में क्या योजना देने को कहा गया है?
'द वॉशिंगटन पोस्ट' को मिले एक मेमो के अनुसार, डिप्टी डिफेंस सेक्रेटरी स्टीव फीनबर्ग ने बुधवार को रक्षा उद्योग के नेताओं को पत्र लिखकर उनसे महत्वपूर्ण क्षमताओं के लिए डिलीवरी शेड्यूल को 'काफी तेज और आक्रामक' बनाने और/या उत्पादन बढ़ाने की योजनाएं जमा करने को कहा है। कंपनियों को यह योजना तैयार करने के लिए 21 दिनों से ज्यादा का समय नहीं दिया गया है। फीनबर्ग ने पत्र में लिखा हमें अपने कार्यक्रमों की समय सीमा तेजी से आगे बढ़ानी होगी और अभी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी।
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ईरान के साथ लड़ाई के बाद अमेरिकी मिसाइल भंडार पर कितना असर पड़ा?
एक नए विश्लेषण के अनुसार, यह मेमो ऐसे समय में आया है, जब ईरान के साथ हालिया लड़ाई में अमेरिकी सेना के उन्नत मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार और कम हो गया है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि अगर लड़ाई दोबारा शुरू होती है, तो अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक 'सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज' (CSIS) के विश्लेषण के मुताबिक, पैट्रियट और THAAD इंटरसेप्टर के घटते भंडार के कारण अमेरिका और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम की सुरक्षा के लिए अधिक जोखिम उठाना पड़ सकता है।
कम मिसाइलें होने पर अमेरिकी एयर डिफेंस के सामने क्या चुनौती होगी?
CSIS के विश्लेषण में कहा गया है कि अमेरिकी सेना ईरान की ओर से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ कम संख्या में इंटरसेप्टर दाग सकती है। इसका सीधा असर एयर डिफेंस की प्रभावशीलता पर पड़ सकता है और आने वाली मिसाइलों या ड्रोन के बच निकलने की संभावना बढ़ सकती है।
ट्रंप ने हथियारों की कमी की खबरों पर क्या कहा?
हाल के दिनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गोला-बारूद की कमी से जुड़ी सार्वजनिक रिपोर्टों पर नाराजगी जताई है। गुरुवार को उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के पास 'भारी मात्रा में' हथियारों का भंडार है। जरूरत के हिसाब से बड़ी मात्रा में इनका उत्पादन किया जा रहा है और अमेरिका भेजा जा रहा है।
क्या पेंटागन ने फीनबर्ग के मेमो की पुष्टि की है?
शनिवार को शॉन पार्नेल ने पुष्टि की कि हथियारों का उत्पादन तेजी से बढ़ाने के लिए फीनबर्ग की ओर से भेजा गया मेमो 'वास्तविक' है। उन्होंने कहा कि यह मेमो कांग्रेस के समक्ष फंडिंग के लिए पेश किए जाने वाले वित्त वर्ष 2028 के बजट की तैयारियों में मदद करेगा। पार्नेल ने इसे रक्षा औद्योगिक आधार को फिर से मजबूत करने के पेंटागन के जारी प्रयासों के अनुरूप बताया।
कांग्रेस में रक्षा बजट को लेकर क्या स्थिति है?
कांग्रेस में फिलहाल रक्षा खर्च से जुड़ा एक विधेयक अटका हुआ है। सांसद ईरान के खिलाफ ट्रंप की सैन्य कार्रवाई को लेकर नाराज हैं और व्हाइट हाउस की उस मांग का विरोध कर रहे हैं, जिसमें पेंटागन का बजट पिछले साल के करीब 900 अरब डॉलर से बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की बात कही गई है।
पैट्रियट इंटरसेप्टर का भंडार कितना घट चुका है?
CSIS के पिछले महीने के अनुमान के मुताबिक, युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका के पास करीब 2,330 पैट्रियट इंटरसेप्टर थे। अप्रैल में सीजफायर लागू होने के समय इनकी संख्या घटकर 1,030 रह गई थी। हालिया लड़ाई के बाद अब पैट्रियट इंटरसेप्टर का भंडार करीब 759 से 827 के बीच रहने का अनुमान है। यानी संघर्ष शुरू होने से पहले की तुलना में इनकी संख्या कम से कम 65 प्रतिशत घट चुकी है।
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THAAD इंटरसेप्टर की स्थिति कितनी चिंताजनक है?
CSIS के मुताबिक, युद्ध से पहले अमेरिका के पास 452 THAAD इंटरसेप्टर थे। अप्रैल में सीजफायर शुरू होने तक इनकी संख्या घटकर 232 से 262 के बीच रह गई थी। अमेरिका कुछ इंटरसेप्टर का भंडार दोबारा बढ़ाने में सफल रहा और इसकी संख्या 234 से 278 तक पहुंच गई। इसके बावजूद THAAD इंटरसेप्टर का स्टॉक संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर से कम से कम 38 प्रतिशत नीचे है।