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US Election: 'परिणाम जो भी हो उसे ट्रंप स्वीकार करेंगे'; टिम वाल्ज ने पुराना इतिहास न दोहराए जाने की जताई आशा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 06 Nov 2024 04:42 AM IST
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सार

डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति उम्मीदवार टिम वाल्ज ने चुनावी प्रक्रिया में संभावित सम्मयाओं के बीच कहा कि उन्हें विश्वास है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप हारते हैं तो वे चुनाव परिणाम स्वीकार करेंगे।

US Election Tim Walz expressed strong hope that history would not be repeated about donald Trump
टिम वाल्ज, मिनेसोटा के गवर्नर - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कई सारी बातें सामने आ रही है। इसी बीच चुवानी प्रक्रया में संभावित समस्याओं को लेकर उठी चिंताओं के बीच मिनेसोटा के गवर्नर और डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति उम्मीदवार टिम वाल्ज का बयान सामने आया है। जहां उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हारते हैं तो वे चुनाव परिणाम स्वीकार करेंगे। 
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वाल्ज ने कहा कि अगर इतिहास कोई संकेत है तो ट्रंप चुनाव हारने पर स्वीकार करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अगर हैरिस हारती हैं तो वह विजेता के साथ हाथ मिलाएंगे और काम करेंगे। बता दें कि वाल्ज का यह बयान चुनावी प्रक्रिया में संभावित समस्याओं को लेकर उठी चिंताओं के बीच आया है। जिसमें मुख्य रूप से कई राज्यों में मतदान केंद्रों पर बम धमकियों की घटनाएं भी शामिल हैं।
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पिछले चुनाव में ट्रंप के आरोप से अटकलें तेज
गौरतलब हो कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने वोटिंग धोखाधड़ी के झूठे आरोप लगाए थे और परिणामों को पलटने की कोशिश की थी। जिसको लेकर ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन नेताओं ने बार-बार यह कहा है कि वे चुनाव के परिणामों को तब स्वीकार करेंगे जब कोई धोखाधड़ी का प्रमाण न हो। वाल्ज ने कहा कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में हैरिस से बात नहीं की, लेकिन उन्होंने सोमवार को फिलाडेल्फिया में हैरिस के आखिरी अभियान रैली में की गई टिप्पणियों की सराहना की।

बम की धमकियों के बीच एफबीआई
इस बीच बम धमकियों को लेकर FBI ने मंगलवार को कहा कि कई राज्यों में मतदान केंद्रों पर आई बम धमकियों का स्रोत रूस के ईमेल डोमेन से हो सकता है। FBI ने यह भी कहा कि इन धमकियों को अब तक विश्वसनीय नहीं माना गया है। बता दें कि अमेरिकी खुफिया अधिकारी एक ऐसे ईमेल खाते की जांच कर रहे थे, जो रूस के इंटरनेट डोमेन से जुड़ा हुआ था और यह बताया जा रहा था कि जॉर्जिया में मतदान के दौरान बम धमकियां भेजी गई थीं।

जॉर्जिया के सचिव का बयान
वहीं इस मामले में जॉर्जिया के सचिव राज्य ब्रैड रैफेन्सपरगर ने बताया कि दो मतदान केंद्रों पर बम धमकियों के कारण मतदान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि हमने कुछ धमकियां सुनीं जो रूस से आई थीं। हमें नहीं लगता कि ये धमकियां वास्तविक हैं लेकिन हम सुरक्षा के लिए हमेशा उनकी जांच करते हैं। 

एक नजर चुनावी घमासान पर
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हैरिस और ट्रंप के बीच चुनावी मुकाबला अब कड़ा हो गया है।  इस समय कई राज्य वोटों के हिसाब से बराबरी पर हैं। 77.3 मिलियन से अधिक लोगों ने चुनाव से पहले मतदान कर दिया है, जो 2020 के चुनाव में डाले गए कुल वोटों का आधा से भी अधिक है। अरिजोना, जॉर्जिया, मिशिगन, नेवादा, उत्तरी कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे महत्वपूर्ण राज्य जीतने के लिए अहम होंगे।
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