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USA-Pakistan: पाकिस्तान को खतरनाक देश बताकर क्यों पलट गया अमेरिका? जानें दो बड़े कारण
Tue, 18 Oct 2022 05:56 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 18 Oct 2022 05:56 PM IST
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पाकिस्तान-अमेरिका के रिश्ते
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अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान में जारी सियासी उठापठक के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के एक बयान ने भूचाल ला दिया है। बाइडेन ने पाकिस्तान को परमाणु युक्त सबसे खतरनाक देश बताया। बाइडन के बयान के बाद एक-एक करके पाकिस्तान के नेता, अभिनेता से लेकर पत्रकार और राजनयिक तक अमेरिका को घेरने लगे। पाकिस्तानी सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब करके अपनी आपत्ति जताई और राष्ट्रपति जो बाइडेन के बयान को स्पष्ट करने के लिए कहा।अब अमेरिकी प्रवक्ता ने इस मामले में सफाई पेश की है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने इसको लेकर बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिका पाकिस्तान की प्रतिबद्धता और अपने परमाणु हथियार सुरक्षित रखने की क्षमता के प्रति आश्वस्त है। अमेरिका ने हमेशा एक सुरक्षित और समृद्ध पाकिस्तान को अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण माना है। पाकिस्तान के साथ लंबे समय से चले आ रहे सहयोग के लिए भी अमेरिका महत्व देता है।'
ऐसे में सवाल उठने लगा है कि आखिर पाकिस्तान को सबसे खतरनाक परमाणु युक्त देश बताकर अमेरिका ने पलटी क्यों मारी? आखिर क्यों जो बाइडेन ने पाकिस्तान को दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक बताया? आइए समझते हैं...
पहले जानिए अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा था?
बाइडेन डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति के स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'दुनिया बदल रही है। बहुत तेजी से बदल रही है। यह स्थिति नियंत्रण से बाहर की है। ऐसा किसी एक व्यक्ति और एक देश की वजह से नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1946 के बाद शांति बनी रही। आज की दुनिया बदली हुई है। किसी ने कभी सोचा होगा कि क्यूबा मिसाइल संकट के बाद एक रूसी नेता परमाणु हथियारों को लेकर रणनीतिक रूप से धमकी दे रहा है? क्या किसी ने सोचा होगा कि हम उस स्थिति में होंगे जब रूस, भारत और पाकिस्तान के मामले में चीन अपनी भूमिका तय करने की कोशिश करेगा?'
बाइडन ने कहा, 'अमेरिका और पूरी दुनिया में जितना लंबा समय मैंने शी जिनपिंग के साथ बिताया है, उतना किसी व्यक्ति ने नहीं बिताया। बराक ओबामा ने मुझे ही यह जिम्मेदारी सौंपी थी। मैंने शी जिनपिंग के साथ 17,000 मील की यात्रा की है। इस व्यक्ति को पता है कि वह क्या चाहता है लेकिन इसके साथ ही बड़ी समस्या भी है। हमें इसे कैसे हैंडल करना है? रूस में जो कुछ चल रहा है, उसे कैसे हैंडल करना है? और मुझे लगता है कि शायद दुनिया का सबसे खतरनाक देश पाकिस्तान है। एक गैर-जिम्मेदार देश के पास परमाणु हथियार है।'
बाइडेन डेमोक्रेटिक कांग्रेस अभियान समिति के स्वागत समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'दुनिया बदल रही है। बहुत तेजी से बदल रही है। यह स्थिति नियंत्रण से बाहर की है। ऐसा किसी एक व्यक्ति और एक देश की वजह से नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1946 के बाद शांति बनी रही। आज की दुनिया बदली हुई है। किसी ने कभी सोचा होगा कि क्यूबा मिसाइल संकट के बाद एक रूसी नेता परमाणु हथियारों को लेकर रणनीतिक रूप से धमकी दे रहा है? क्या किसी ने सोचा होगा कि हम उस स्थिति में होंगे जब रूस, भारत और पाकिस्तान के मामले में चीन अपनी भूमिका तय करने की कोशिश करेगा?'
बाइडन ने कहा, 'अमेरिका और पूरी दुनिया में जितना लंबा समय मैंने शी जिनपिंग के साथ बिताया है, उतना किसी व्यक्ति ने नहीं बिताया। बराक ओबामा ने मुझे ही यह जिम्मेदारी सौंपी थी। मैंने शी जिनपिंग के साथ 17,000 मील की यात्रा की है। इस व्यक्ति को पता है कि वह क्या चाहता है लेकिन इसके साथ ही बड़ी समस्या भी है। हमें इसे कैसे हैंडल करना है? रूस में जो कुछ चल रहा है, उसे कैसे हैंडल करना है? और मुझे लगता है कि शायद दुनिया का सबसे खतरनाक देश पाकिस्तान है। एक गैर-जिम्मेदार देश के पास परमाणु हथियार है।'
बाइडेन के बयान पर पाकिस्तान ने किया था पलटवार
जो बाइडेन के इस बयान के बाद पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई। सत्ता से लेकर विपक्ष तक के नेताओं ने अमेरिका पर पलटवार शुरू कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत का नाम भी इसमें शामिल कर दिया। भुट्टो ने कहा, 'पाकिस्तान की परमाणु संपत्ति सुरक्षित है। ये अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मानक को पूरा करती है।'
भुट्टो ने आगे भारत का जिक्र भी किया। कहा, ' परमाणु सुरक्षा को लेकर अगर कोई सवाल है तो बाइडेन को हमारे पड़ोसी भारत को निर्देशित करना चाहिए, जिन्होंने हाल ही में गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में मिसाइल दागी थी। यह न केवल गैर-जिम्मेदार है, बल्कि परमाणु सक्षम देशों की सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंता पैदा करता है। इसलिए मैं पाकिस्तान को लेकर दिए गए बाइडेन के बयान से हैरान हूं।'
जो बाइडेन के इस बयान के बाद पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई। सत्ता से लेकर विपक्ष तक के नेताओं ने अमेरिका पर पलटवार शुरू कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भारत का नाम भी इसमें शामिल कर दिया। भुट्टो ने कहा, 'पाकिस्तान की परमाणु संपत्ति सुरक्षित है। ये अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय मानक को पूरा करती है।'
भुट्टो ने आगे भारत का जिक्र भी किया। कहा, ' परमाणु सुरक्षा को लेकर अगर कोई सवाल है तो बाइडेन को हमारे पड़ोसी भारत को निर्देशित करना चाहिए, जिन्होंने हाल ही में गलती से पाकिस्तानी क्षेत्र में मिसाइल दागी थी। यह न केवल गैर-जिम्मेदार है, बल्कि परमाणु सक्षम देशों की सुरक्षा के बारे में गंभीर चिंता पैदा करता है। इसलिए मैं पाकिस्तान को लेकर दिए गए बाइडेन के बयान से हैरान हूं।'
दो कारण, अमेरिका ने क्यों पलटी मारी?
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते इन दिनों काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका को पता है कि पाकिस्तान की चाहे जितनी मदद दे दी जाएगी, लेकिन वह चीन का साथ नहीं छोड़ेगा। चीन के कर्ज तले पाकिस्तान पूरी तरह से दब चुका है। ऐसे में समय-समय पर अमेरिका अलग-अलग मुद्दों को लेकर पाकिस्तान की खिंचाई करता रहता है। अपने बयानों के जरिए अमेरिका पाकिस्तान को ये जताने की कोशिश करता है कि अगर ज्यादा उसके खिलाफ जाओगे तो ठीक नहीं होगा। ये एक तरह से चेतावनी होती है। अब आप सोच रहे होंगे कि चेतावनी देने के बाद अमेरिका पलटी क्यों मार लेता है? इसके लिए दो बड़े कारण हैं।'
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्ते इन दिनों काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। अमेरिका को पता है कि पाकिस्तान की चाहे जितनी मदद दे दी जाएगी, लेकिन वह चीन का साथ नहीं छोड़ेगा। चीन के कर्ज तले पाकिस्तान पूरी तरह से दब चुका है। ऐसे में समय-समय पर अमेरिका अलग-अलग मुद्दों को लेकर पाकिस्तान की खिंचाई करता रहता है। अपने बयानों के जरिए अमेरिका पाकिस्तान को ये जताने की कोशिश करता है कि अगर ज्यादा उसके खिलाफ जाओगे तो ठीक नहीं होगा। ये एक तरह से चेतावनी होती है। अब आप सोच रहे होंगे कि चेतावनी देने के बाद अमेरिका पलटी क्यों मार लेता है? इसके लिए दो बड़े कारण हैं।'
1. संबंधों को स्थिर रखने के लिए: अमेरिका बड़ा और ताकतवर देश है। उसकी ताकत इसलिए भी है कि छोटे देशों पर उसका अधिक प्रभाव होता है। आर्थिक, सामाजिक, रक्षा क्षेत्रों में अमेरिका तमाम छोटे देशों की मदद करता है। पाकिस्तान भी उनमें से एक है। अमेरिका और चीन के बीच इस वक्त सैद्धांतिक लड़ाई चल रही है। इस लड़ाई में चीन को पीछे करने के लिए अमेरिका को एशियाई देशों की मदद चाहिए। चीन के खिलाफ सबसे ज्यादा भारत खड़ा रहता है। भारत और अमेरिका के रिश्ते काफी अच्छे हैं। हालांकि, अमेरिका पाकिस्तान को भी नाराज नहीं करना चाहता है। अमेरिका चाहता है कि अगर कभी जरूरत पड़ी तो भले ही पाकिस्तान हमारा साथ न दे, लेकिन कम से कम वह चीन का साथ भी न ही दे। यही कारण है कि अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को स्थिर रखना चाहता है। इसके लिए बीच-बीच में अलग-अलग तरह से पाकिस्तान की मदद भी करता रहता है।
2. एशियाई देशों पर प्रभाव बरकरार रखने के लिए: पाकिस्तान चीन के साथ-साथ अफगानिस्तान, ईरान और भारत के साथ सीमा साझा करता है। अभी तक अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना तैनात थी, जिसे जो बाइडेन सरकार ने वापस बुला लिया। हालांकि, अमेरिका नहीं चाहता है कि उसका प्रभाव यहां से कम हो। अगर कभी जरूरत पड़ी तो अफगानिस्तान में वह सीधे घुस सके। ये बगैर पाकिस्तान की मदद के नहीं हो सकता है। अमेरिका के पलटी मारने का एक बड़ा कारण ये भी है। अमेरिका एशियाई देशों पर अपना प्रभाव बरकरार रखता चाहता है। चीन पर हावी होने के लिए भी ये जरूरी है।