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Hormuz: युद्ध की कीमत वसूलने की तैयारी में ईरान, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगाएगा करोड़ों रुपये की फीस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Nitin Gautam
Updated Mon, 23 Mar 2026 09:15 AM IST
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सार
पश्चिम एशिया संकट लगातार उलझ रहा है। अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी है। इसके बाद ईरान ने भी पश्चिम एशिया के पावर प्लांट्स पर हमले की धमकी दे डाली। साथ ही अब ईरान की सरकार ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर भारी-भरकम शुल्क लगाने का फैसला किया है।
होर्मुज का रास्ता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी संकट गहराता दिख रहा है। अब ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर एक तय शुल्क लगाने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह शुल्क 20 लाख डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) होगा। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने बताया कि यह शुल्क लागू किया जा चुका है।
'युद्ध की कीमत होती है'
अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने बताया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर फीस लगाने का फैसला एक नए संप्रभु शासन की स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'जलडमरूमध्य पार करने वाले कुछ जहाजों से आवाजाही शुल्क के रूप में 20 लाख डॉलर वसूलना ईरान की ताकत को दर्शाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'युद्ध की एक कीमत होती है इसलिए स्वभाविक रूप से हमें ऐसा करना पड़ेगा।'
बोरोजेर्दी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद सामने आई है, जिसमें ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खोलने को कहा है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो वे ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे। ईरान के राष्ट्रपति ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि होर्मुज का रास्ता ईरान के दुश्मनों को छोड़कर बाकी सभी के लिए खुला है। हालांकि उनकी इस टिप्पणी के बाद अब ईरान के सांसद ही होर्मुज पर भारी-भरकम शुल्क लगाने की बात कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें- युद्ध के बीच ट्रंप-नेतन्याहू से बोले पहलवी: ईरान इस्लामी गणराज्य नहीं, मौजूदा शासन को उखाड़ फेंके इस्राइल-US
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हाल के हमलों और तनाव के कारण पहले ही ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ईरान की समुद्री सीमा पर मौजूद होर्मुज एक बेहद संकरा रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल निर्यात होता है। ईरान इस रास्ते पर रणनीतिक बढ़त रखता है और इसे बाधित कर सकता है।
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'युद्ध की कीमत होती है'
अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने बताया कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर फीस लगाने का फैसला एक नए संप्रभु शासन की स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'जलडमरूमध्य पार करने वाले कुछ जहाजों से आवाजाही शुल्क के रूप में 20 लाख डॉलर वसूलना ईरान की ताकत को दर्शाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'युद्ध की एक कीमत होती है इसलिए स्वभाविक रूप से हमें ऐसा करना पड़ेगा।'
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बोरोजेर्दी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद सामने आई है, जिसमें ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खोलने को कहा है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो वे ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे। ईरान के राष्ट्रपति ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि होर्मुज का रास्ता ईरान के दुश्मनों को छोड़कर बाकी सभी के लिए खुला है। हालांकि उनकी इस टिप्पणी के बाद अब ईरान के सांसद ही होर्मुज पर भारी-भरकम शुल्क लगाने की बात कर रहे हैं।
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दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हाल के हमलों और तनाव के कारण पहले ही ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ईरान की समुद्री सीमा पर मौजूद होर्मुज एक बेहद संकरा रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल निर्यात होता है। ईरान इस रास्ते पर रणनीतिक बढ़त रखता है और इसे बाधित कर सकता है।