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US: पूर्व सांसद और अपने दोस्त के खिलाफ ही गवाही देंगे मार्को रुबियो, वेनेजुएला के लिए लॉबिंग करने का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Nitin Gautam Updated Mon, 23 Mar 2026 11:01 AM IST
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सार

अमेरिका के विदेश मंत्री एक आपराधिक मामले में अदालत में गवाही देने वाले हैं और यह गवाही उनके करीबी दोस्त रहे मियामी के पूर्व सांसद डेविड रिवेरा के खिलाफ होने जा रहा है। आइए जानते हैं कि क्या मामला है। 

US Foreign secretary marco rubio to testify in trial of former roommate accused of secretly lobbying Venezuela
मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार

अमेरिका में मियामी से पूर्व सांसद डेविड रिवेरा पर वेनेजुएला सरकार के लिए गुप्त रूप से लॉबिंग करने के आरोपों से जुड़े संघीय मुकदमे की सुनवाई सोमवार से शुरू हो गई है। इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो गवाही देंगे। दरअसल रुबियो, रिवेरा के पुराने दोस्त हैं और दोनों एक समय साथ रहे हैं। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि रिवेरा ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के लिए अमेरिका में समर्थन जुटाने के लिए लॉबिंग की थी। रिवेरा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल में कोशिश की थी कि अमेरिका सरकार वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कदम न उठाए। 
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क्या हैं रिवेरा पर आरोप?
रिवेरा पर आरोप है कि उन्होंने वेनेजुएला की तत्कालीन विदेश मंत्री डेल्सी रोड्रिगेज (जो अब वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति हैं) को प्रभावित कर वहां की तेल कंपनी पीडीवीएसए के माध्यम से 5 करोड़ डॉलर का लॉबिंग कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया। मुकदमे के अनुसार, इस कथित विदेशी प्रभाव अभियान में टेक्सास के रिपब्लिकन सांसद पीट सेशंस और कार्टेल से जुड़े एक व्यक्ति ने भी रिवेरा की मदद की थी। यह मुकदमा इस बात को भी दर्शाता है कि मियामी कैसे लैटिन अमेरिका में अमेरिकी नीति को प्रभावित करता है। इसी संदर्भ में रुबियो की गवाही अहम मानी जा रही है।
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मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
साल 2022 में दाखिल 11 बिंदुओं वाले आरोपपत्र में रिवेरा और उनके एक सहयोगी पर मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण नहीं कराने के आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन का कहना है कि अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए रिवेरा ने MIA नाम का एक एन्क्रिप्टेड चैट ग्रुप बनाया था, जिसमें वेनेजुएला के मीडिया कारोबारी राउल गोर्रिन के साथ बातचीत होती थी।
हालांकि 60 वर्षीय रिवेरा ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनके वकीलों का कहना है कि उनकी कंपनी इंटरअमेरिकन कंसल्टिंग को पीडीवीएसए की अमेरिकी सहायक कंपनी ने नियुक्त किया था, इसलिए विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण जरूरी नहीं था।

ये भी पढ़ें- West Asia: ईरान का अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने के दावे को US ने बताया गलत, कहा- सभी विमान सुरक्षित

रुबियो की गवाही पर सबकी नजर
  • इस मुकदमे में मार्को रुबियो की गवाही असाधारण मानी जा रही है। 1983 के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिकी कैबिनेट का कोई मौजूदा सदस्य आपराधिक मुकदमे में गवाही देगा।
  • हालांकि रुबियो पर कोई आरोप नहीं है, लेकिन अभियोजन का कहना है कि रिवेरा उन्हें व्हाइट हाउस तक पहुंच बनाने के लिए एक अहम सहयोगी मानते थे।
  • जांच के अनुसार, जुलाई 2017 में रिवेरा और रुबियो की वाशिंगटन में मुलाकात हुई थी, जहां रिवेरा ने दावा किया था कि मादुरो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए तैयार हैं। लेकिन यह प्रयास जल्द ही विफल हो गया। 
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