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World Updates: भारत की मुरीद हुईं नीदरलैंड की महारानी, कहा- अब चुनौती लोगों के जीवन में सुधार लाने की
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 24 Jun 2026 04:16 PM IST
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जर्मनी के राष्ट्रीय रेलवे ऑपरेटर ड्यूश बान ने मंगलवार देर शाम देश भर में ट्रेनों के परिचालन को रोक दिया है। यह कदम रेलवे नेटवर्क पर आंतरिक संचार के लिए उपयोग की जाने वाली जीएसएम-आर डिजिटल संचार प्रणाली में आई एक समस्या के कारण उठाया गया है।
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा कि देशव्यापी समस्या के कारण सभी ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक दिया गया है।
फिलहाल इस समस्या के कारण का तत्काल कोई विवरण नहीं दिया गया है। ड्यूश बान ने बताया कि उनके तकनीशियन इस खराबी को दूर करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस समस्या को ठीक करने में कितना समय लगेगा या कितने ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। बिल्ड अखबार ने ड्यूश बान की सीईओ एवलिन पाला के हवाले से कहा कि "हम अब ट्रेनों को स्टेशनों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यात्री उतर सकें। और फिर हमें समस्या को ठीक करना होगा, जिसके कारण का हमें अभी तक पता नहीं है।"
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा कि देशव्यापी समस्या के कारण सभी ट्रेनों को स्टेशनों पर रोक दिया गया है।
फिलहाल इस समस्या के कारण का तत्काल कोई विवरण नहीं दिया गया है। ड्यूश बान ने बताया कि उनके तकनीशियन इस खराबी को दूर करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस समस्या को ठीक करने में कितना समय लगेगा या कितने ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। बिल्ड अखबार ने ड्यूश बान की सीईओ एवलिन पाला के हवाले से कहा कि "हम अब ट्रेनों को स्टेशनों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यात्री उतर सकें। और फिर हमें समस्या को ठीक करना होगा, जिसके कारण का हमें अभी तक पता नहीं है।"
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क्वांटम तकनीक में ट्रंप ने जारी किए अहम आदेश
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्वांटम प्रौद्योगिकी में अमेरिकी नेतृत्व को सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति शुरू करने वाले दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनका मकसद क्वांटम कंप्यूटिंग में घरेलू इनोवेशन को तेज करना और भविष्य के खतरों के खिलाफ संघीय साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। ये नए कदम प्रशासन की हालिया पहलों के बाद उठाए गए हैं जिनमें विज्ञान-प्रौद्योगिकी के गठन और जेनेसिस मिशन की शुरुआत शामिल है। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, पहला कार्यकारी आदेश एक ऐसा क्वांटम कंप्यूटर बनाने की राष्ट्रीय कोशिशें शुरू करता है जो महत्वपूर्ण वैज्ञानिक गणनाओं में सक्षम हो और अगले 5 वर्षों में क्वांटम-इनेबल्ड सेंसर तथा नेटवर्क विकसित करे...दूसरा आदेश संघीय निकायों को 2031 तक अपने कंप्यूटर सिस्टम के लिए क्वांटम क्रिप्टोग्राफी अपनाने और इन बेहद मजबूत सुरक्षा मानकों को व्यापक रूप से अपनाने का रास्ता दिखाने का निर्देश देता है। दोनों ही आदेश अमेरिका के भविष्य से जुड़ी दिशाओं को प्रकाशित करेंगे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्वांटम प्रौद्योगिकी में अमेरिकी नेतृत्व को सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय रणनीति शुरू करने वाले दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनका मकसद क्वांटम कंप्यूटिंग में घरेलू इनोवेशन को तेज करना और भविष्य के खतरों के खिलाफ संघीय साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है। ये नए कदम प्रशासन की हालिया पहलों के बाद उठाए गए हैं जिनमें विज्ञान-प्रौद्योगिकी के गठन और जेनेसिस मिशन की शुरुआत शामिल है। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा, पहला कार्यकारी आदेश एक ऐसा क्वांटम कंप्यूटर बनाने की राष्ट्रीय कोशिशें शुरू करता है जो महत्वपूर्ण वैज्ञानिक गणनाओं में सक्षम हो और अगले 5 वर्षों में क्वांटम-इनेबल्ड सेंसर तथा नेटवर्क विकसित करे...दूसरा आदेश संघीय निकायों को 2031 तक अपने कंप्यूटर सिस्टम के लिए क्वांटम क्रिप्टोग्राफी अपनाने और इन बेहद मजबूत सुरक्षा मानकों को व्यापक रूप से अपनाने का रास्ता दिखाने का निर्देश देता है। दोनों ही आदेश अमेरिका के भविष्य से जुड़ी दिशाओं को प्रकाशित करेंगे।
पीओके के संगठनों ने कहा-हालात सामान्य नहीं, सच्चाई छिपा रही पाकिस्तान सरकार
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओेके) में सरकार ने दावा किया है कि हालात सामान्य हैं, लेकिन वहां के संगठनों ने इसे नकार दिया है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने कहा, क्षेत्र में पिछले 12 दिनों से आम जनजीवन ठप है। सच्चाई यह है कि बड़े पैमाने पर पीओेके में कामकाज में रुकावटें आ रही हैं। इलाके में स्कूल, अस्पताल, बाजार, परिवहन सेवा और इंटरनेट संपर्क बुरी तरह प्रभावित हैं।
जेएएसी ने आरोप लगाया कि जहां पाकिस्तान का राष्ट्रीय मीडिया हालात सामान्य होने की तस्वीरें दिखा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। कमेटी ने कहा, रावलकोट में मंगलवार को भी ज्यादातर बाजार बंद रहे। वहां इस माह लगाए गए अघोषित कर्फ्यू से हालात अब तक सामान्य नहीं हैं। कमेटी ने पीओके प्रमुख फैसल राठौर के उन बयानों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि लोगों ने शरारती तत्वों का धरना नकार दिया है और प्रदर्शनकारी काफी कम हो गए हैं। उसने कहा, जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। मीरपुर, मुजफ्फराबाद में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
महरंग बलोच को उम्रकैद की निंदा
लंदन। जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (जेएसएफएम) ने पाकिस्तान की एक आतंक-रोधी कोर्ट द्वारा बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और सगतुल्लाह बलोच को सुनाई गई उम्रकैद की कड़ी निंदा की है। दोनों को 2024 के एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सजा सुनाई गई थी। जेएसएफएम ने इस फैसले को असहमति को दबाने की कार्रवाई बताया।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओेके) में सरकार ने दावा किया है कि हालात सामान्य हैं, लेकिन वहां के संगठनों ने इसे नकार दिया है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने कहा, क्षेत्र में पिछले 12 दिनों से आम जनजीवन ठप है। सच्चाई यह है कि बड़े पैमाने पर पीओेके में कामकाज में रुकावटें आ रही हैं। इलाके में स्कूल, अस्पताल, बाजार, परिवहन सेवा और इंटरनेट संपर्क बुरी तरह प्रभावित हैं।
जेएएसी ने आरोप लगाया कि जहां पाकिस्तान का राष्ट्रीय मीडिया हालात सामान्य होने की तस्वीरें दिखा रहा है, वहीं जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। कमेटी ने कहा, रावलकोट में मंगलवार को भी ज्यादातर बाजार बंद रहे। वहां इस माह लगाए गए अघोषित कर्फ्यू से हालात अब तक सामान्य नहीं हैं। कमेटी ने पीओके प्रमुख फैसल राठौर के उन बयानों पर भी सवाल उठाए जिनमें कहा गया था कि लोगों ने शरारती तत्वों का धरना नकार दिया है और प्रदर्शनकारी काफी कम हो गए हैं। उसने कहा, जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। मीरपुर, मुजफ्फराबाद में भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
महरंग बलोच को उम्रकैद की निंदा
लंदन। जेय सिंध फ्रीडम मूवमेंट (जेएसएफएम) ने पाकिस्तान की एक आतंक-रोधी कोर्ट द्वारा बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. महरंग बलोच और सगतुल्लाह बलोच को सुनाई गई उम्रकैद की कड़ी निंदा की है। दोनों को 2024 के एक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में सजा सुनाई गई थी। जेएसएफएम ने इस फैसले को असहमति को दबाने की कार्रवाई बताया।
कैलिफोर्निया की लाइब्रेरी में गोलीबारी: संदिग्ध ने पहले की थी रेकी, फिर शॉटगन से दो लोगों को उतारा मौत के घाट
अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया की एक लाइब्रेरी में गोलीबारी करने वाले 18 वर्षीय युवक ने वारदात से पहले इमारत का जायजा लिया था। इसके बाद वह अपने वाहन तक गया, वहां से शॉटगन लेकर लौटा और लाइब्रेरी के मुख्य द्वार पर एक व्यक्ति तथा अंदर मौजूद एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चिको पुलिस प्रमुख बिली एल्ड्रिज ने बताया कि सोमवार शाम बट काउंटी लाइब्रेरी की चिको शाखा से की गई 911 कॉल में गोलियों की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। सूचना मिलने के दो मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच गई। एल्ड्रिज ने कहा, "पहली 911 कॉल आने से लेकर आरोपी को हिरासत में लेने तक चार मिनट से भी कम समय लगा।" उन्होंने जानमाल के और नुकसान को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की सराहना की।
एफबीआई के सैक्रामेंटो कार्यालय के प्रभारी विशेष एजेंट सिड पटेल ने बताया कि आरोपी ने लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार पर एक व्यक्ति के पैर में गोली मारी और फिर उसके सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसने लाइब्रेरी के अंदर कई राउंड फायरिंग की और एक महिला के सिर में गोली मार दी। पटेल ने कहा, "कल का हिंसक हमला बेहद भयावह था। एफबीआई की पूरी टीम इस जांच में सहयोग कर रही है।"
अधिकारियों ने मृतकों की पहचान 46 वर्षीय जैकब हल और 74 वर्षीय रॉबर्ट जॉनसन के रूप में की है। एल्ड्रिज ने बताया कि एक बच्ची को मामूली चोट के साथ अस्पताल ले जाया गया। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया की एक लाइब्रेरी में गोलीबारी करने वाले 18 वर्षीय युवक ने वारदात से पहले इमारत का जायजा लिया था। इसके बाद वह अपने वाहन तक गया, वहां से शॉटगन लेकर लौटा और लाइब्रेरी के मुख्य द्वार पर एक व्यक्ति तथा अंदर मौजूद एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
चिको पुलिस प्रमुख बिली एल्ड्रिज ने बताया कि सोमवार शाम बट काउंटी लाइब्रेरी की चिको शाखा से की गई 911 कॉल में गोलियों की आवाज और लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। सूचना मिलने के दो मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच गई। एल्ड्रिज ने कहा, "पहली 911 कॉल आने से लेकर आरोपी को हिरासत में लेने तक चार मिनट से भी कम समय लगा।" उन्होंने जानमाल के और नुकसान को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों की सराहना की।
एफबीआई के सैक्रामेंटो कार्यालय के प्रभारी विशेष एजेंट सिड पटेल ने बताया कि आरोपी ने लाइब्रेरी के प्रवेश द्वार पर एक व्यक्ति के पैर में गोली मारी और फिर उसके सिर में गोली मार दी। इसके बाद उसने लाइब्रेरी के अंदर कई राउंड फायरिंग की और एक महिला के सिर में गोली मार दी। पटेल ने कहा, "कल का हिंसक हमला बेहद भयावह था। एफबीआई की पूरी टीम इस जांच में सहयोग कर रही है।"
अधिकारियों ने मृतकों की पहचान 46 वर्षीय जैकब हल और 74 वर्षीय रॉबर्ट जॉनसन के रूप में की है। एल्ड्रिज ने बताया कि एक बच्ची को मामूली चोट के साथ अस्पताल ले जाया गया। उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
बांग्लादेश में राम मंदिर निर्माण पर बोले मंत्री- समाधान निकालने की हो रही कोशिश
बांग्लादेश में धार्मिक सौहार्द पूरी तरह कायम है और देश में इस संबंध में कोई बड़ी चुनौती नहीं है। यह बात बांग्लादेश के स्थानीय सरकार, ग्रामीण विकास एवं सहकारिता मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बुधवार को राजधानी ढाका में हिंदू समुदाय के नेताओं के साथ बैठक के बाद कही। मिर्जा फखरुल ने बताया कि उन्होंने सीताकुंड तीर्थस्थल के विकास और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर तीर्थस्थल समिति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई।
उन्होंने कहा, 'सीताकुंड तीर्थस्थल से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित थीं, जिन्हें पिछली सरकार हल नहीं कर पाई थी। इस विषय पर प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार बिजोन कांती सरकार और तीर्थस्थल समिति के नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा हुई है।' मंत्री ने कहा कि अधिकांश मुद्दों का समाधान निकाल लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय सरकार विभाग के सचिव को निर्देश भी दे दिए गए हैं। इस दौरान भगवान राम की प्रतिमा और राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई।
देश में धार्मिक सौहार्द को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस देश में कोई बड़ी चुनौती है। यहां पूर्ण धार्मिक सद्भाव है। दुर्भाग्यवश कुछ लोग जानबूझकर समस्याएं पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन समग्र रूप से देखें तो देश में कोई समस्या नहीं है।'
धार्मिक मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक बिजोन कांति सरकार ने बताया कि 81 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण कर रहे व्यक्ति के साथ सरकार लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा, हम उनसे नियमित बातचीत कर रहे हैं और संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास जारी रहेगा। वहीं, हिंदू धर्म कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तपन मजूमदार ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई मुद्दे वर्षों से लंबित हैं।
उन्होंने कहा, 'सीताकुंड तीर्थस्थल से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित थीं, जिन्हें पिछली सरकार हल नहीं कर पाई थी। इस विषय पर प्रधानमंत्री के विशेष सलाहकार बिजोन कांती सरकार और तीर्थस्थल समिति के नेताओं के साथ विस्तृत चर्चा हुई है।' मंत्री ने कहा कि अधिकांश मुद्दों का समाधान निकाल लिया गया है और आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय सरकार विभाग के सचिव को निर्देश भी दे दिए गए हैं। इस दौरान भगवान राम की प्रतिमा और राम मंदिर निर्माण से जुड़े विवादों पर भी चर्चा हुई।
देश में धार्मिक सौहार्द को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस देश में कोई बड़ी चुनौती है। यहां पूर्ण धार्मिक सद्भाव है। दुर्भाग्यवश कुछ लोग जानबूझकर समस्याएं पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन समग्र रूप से देखें तो देश में कोई समस्या नहीं है।'
धार्मिक मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक बिजोन कांति सरकार ने बताया कि 81 फीट ऊंची भगवान राम की प्रतिमा का निर्माण कर रहे व्यक्ति के साथ सरकार लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा, हम उनसे नियमित बातचीत कर रहे हैं और संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास जारी रहेगा। वहीं, हिंदू धर्म कल्याण ट्रस्ट के उपाध्यक्ष तपन मजूमदार ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े कई मुद्दे वर्षों से लंबित हैं।
भारत की मुरीद हुईं नीदरलैंड की महारानी, कहा- अब चुनौती लोगों के जीवन में सुधार लाने की
नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा ने भारत की वित्तीय समावेशन और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि अब अगली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि इन उपलब्धियों का लाभ सीधे लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मिले। संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य (फाइनेंशियल हेल्थ) संबंधी विशेष अधिवक्ता के रूप में भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आईं क्वीन मैक्सिमा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में यह बात कही।
उन्होंने कहा, 'भारत वापस आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मैं लंबे समय से भारत के साथ वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में काम कर रही हूं। अब ध्यान वित्तीय स्वास्थ्य पर है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में शानदार काम किया है। अब सवाल यह है कि इन व्यवस्थाओं का उपयोग लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जाए।' फीफा विश्व कप में नीदरलैंड फुटबॉल टीम के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि हमारी टीम फाइनल तक पहुंचेगी। हालांकि अभी हमें लंबा सफर तय करना है।'
भारत, नेपाल और भूटान में नीदरलैंड दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए क्वीन मैक्सिमा के भारत आगमन की जानकारी साझा की। दूतावास ने बताया कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य संबंधी विशेष अधिवक्ता की भूमिका में मुंबई और नई दिल्ली का दौरा कर रही हैं।
उन्होंने कहा, 'भारत वापस आकर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मैं लंबे समय से भारत के साथ वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में काम कर रही हूं। अब ध्यान वित्तीय स्वास्थ्य पर है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में शानदार काम किया है। अब सवाल यह है कि इन व्यवस्थाओं का उपयोग लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जाए।' फीफा विश्व कप में नीदरलैंड फुटबॉल टीम के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि हमारी टीम फाइनल तक पहुंचेगी। हालांकि अभी हमें लंबा सफर तय करना है।'
भारत, नेपाल और भूटान में नीदरलैंड दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए क्वीन मैक्सिमा के भारत आगमन की जानकारी साझा की। दूतावास ने बताया कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य संबंधी विशेष अधिवक्ता की भूमिका में मुंबई और नई दिल्ली का दौरा कर रही हैं।