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US: बिना किसी कारण भारतीय छात्र का एफ-1 वीजा रद्द किया, जानिए अमेरिका में किन बातों का ध्यान रखें छात्र
न्यूज डेस्क, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 24 Jun 2026 09:45 AM IST
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सार
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले एक भारतीय छात्र को हाल ही में एक परेशान करने वाली स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उसे अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया और उसका एफ-1 वीजा भी रद्द कर दिया गया।
यूएस वीजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक भारतीय छात्र ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपना एक अनुभव साझा किया, जिसमें उसने बताया कि जब वह अमेरिका जा रहा था तो उसे एम्सटर्डम में पता चला कि उसका एफ-1 वीजा रद्द कर दिया गया है। युवक ने बताया कि इसके चलते उसे एम्सटर्डम से वापस भारत लौटना पड़ा। युवक ने बताया कि बिना किसी वैध कारण के उसका एफ-1 वीजा रद्द कर दिया गया था।
क्या है मामला
युवक ने बताया कि एफ-1 वीजा पर वह अमेरिका गया था और उसने हैदराबाद से पहले एम्सटर्डम के लिए फ्लाइट ली और जब वह एम्सटर्डम उतरकर वहां से अमेरिका के लिए फ्लाइट ले रहा था तो उसे बताया गया कि उसका एफ-1 वीजा रद्द कर दिया गया है। इसके चलते उसे अमेरिका की फ्लाइट लेने नहीं दी गई। छात्र को बेहद हैरानी हुई क्योंकि उसने अमेरिका में किसी कानून का उल्लंघन भी नहीं किया था।
इसके बाद छात्र को मजबूरी में भारत लौटना पड़ा। यहां स्थित अमेरिकी कांसुलेट से संपर्क किया। जिसके बाद उसका वीजा फिर से जारी किया गया। इस दौरान छात्र ने अमेरिका में उस यूनिवर्सिटी से भी पता किया, जिससे वह पढ़ाई कर रहा था। हालांकि वहां भी उसे बताया गया कि उसका आई-20 और SEVIS रिकॉर्ड भी ठीक है।
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क्या होता है आई-20 और SEVIS रिकॉर्ड
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छात्रों को आई-20 नाम का एक दस्तावेज जारी किया जाता है, जो कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के एडमिशन को वैध बनाता है। वहीं SEVIS रिकॉर्ड सरकार द्वारा जारी किया जाता है, जो अमेरिका में पढ़ने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को जारी होता है। जब तक विदेशी छात्र पढ़ाई करते हैं, तब तक अमेरिकी शिक्षण संस्थान इन रिकॉर्ड को अपडेट करते रहते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे उनके आई-20 और SEVIS स्कोर पर गलत असर पड़े।
एफ-1 वीजा क्या है
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ये एफ-1 वीजा जारी किया जाता है। एफ-1 वीजा एक गैर अप्रवासी छात्र वीजा है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पूर्णकालिक डिग्री कार्यक्रमों में एडमिशन लेने के लिए जारी किया जाता है।
क्या है मामला
युवक ने बताया कि एफ-1 वीजा पर वह अमेरिका गया था और उसने हैदराबाद से पहले एम्सटर्डम के लिए फ्लाइट ली और जब वह एम्सटर्डम उतरकर वहां से अमेरिका के लिए फ्लाइट ले रहा था तो उसे बताया गया कि उसका एफ-1 वीजा रद्द कर दिया गया है। इसके चलते उसे अमेरिका की फ्लाइट लेने नहीं दी गई। छात्र को बेहद हैरानी हुई क्योंकि उसने अमेरिका में किसी कानून का उल्लंघन भी नहीं किया था।
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इसके बाद छात्र को मजबूरी में भारत लौटना पड़ा। यहां स्थित अमेरिकी कांसुलेट से संपर्क किया। जिसके बाद उसका वीजा फिर से जारी किया गया। इस दौरान छात्र ने अमेरिका में उस यूनिवर्सिटी से भी पता किया, जिससे वह पढ़ाई कर रहा था। हालांकि वहां भी उसे बताया गया कि उसका आई-20 और SEVIS रिकॉर्ड भी ठीक है।
क्या होता है आई-20 और SEVIS रिकॉर्ड
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले छात्रों को आई-20 नाम का एक दस्तावेज जारी किया जाता है, जो कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय छात्रों के एडमिशन को वैध बनाता है। वहीं SEVIS रिकॉर्ड सरकार द्वारा जारी किया जाता है, जो अमेरिका में पढ़ने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों को जारी होता है। जब तक विदेशी छात्र पढ़ाई करते हैं, तब तक अमेरिकी शिक्षण संस्थान इन रिकॉर्ड को अपडेट करते रहते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय छात्रों को यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे उनके आई-20 और SEVIS स्कोर पर गलत असर पड़े।
एफ-1 वीजा क्या है
अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को ये एफ-1 वीजा जारी किया जाता है। एफ-1 वीजा एक गैर अप्रवासी छात्र वीजा है, जो अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पूर्णकालिक डिग्री कार्यक्रमों में एडमिशन लेने के लिए जारी किया जाता है।