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संकट में शांति समझौता: 'परमाणु निरीक्षण से किया इनकार तो रद्द कर दूंगा बैठकें', ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेंसिल्वेनिया
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 24 Jun 2026 04:52 AM IST
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सार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान परमाणु निरीक्षण की अनुमति नहीं देता, तो दोनों देशों के बीच चल रही तकनीकी वार्ताओं को रोक दिया जाएगा। ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान ने निजी स्तर पर निरीक्षण को लेकर आश्वासन दिया है और बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/PTI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान समझौते के तहत तीन महीने से ज्यादा समय बाद आई शांति पर फिर संकट के बादल गहराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को अपने परमाणु कार्यक्रम का निरीक्षण करने की अनुमति नहीं देता है, तो वह तेहरान के साथ चल रही तकनीकी वार्ताओं से जुड़ी बैठकों को रद्द कर देंगे।
पेंसिल्वेनिया के लीहाई काउंटी स्थित मैक ट्रक्स संयंत्र के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने ईरान के निरीक्षण संबंधी रुख को लेकर उठ रही आशंकाओं को खारिज किया। संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था के निरीक्षकों की तैनाती से जुड़े सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ईरान सैद्धांतिक रूप में पहले ही इसके लिए सहमत हो चुका है।
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ईरान ने दिया है आश्वासन : ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "वे गलत हैं। उन्हें पता है कि वे गलत हैं। उन्होंने हमें अंदरूनी तौर पर यह बताया है और हमारे पास निरीक्षण को लेकर 100 प्रतिशत आश्वासन है। अगर वे सही होते, तो मैं अभी इसी समय बैठकें रद्द कर देता।" निरीक्षण कब शुरू होगा, इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, "उचित समय पर। कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन उचित समय आने पर निरीक्षक वहां मौजूद होंगे।" गौरतलब है कि ईरान की ओर से अभी तक परमाणु कार्यक्रम के निरीक्षण को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है और तेहरान की स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है। उन्होंने कहा, "हम ईरान के साथ बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे बुरी तरह कमजोर हो चुके हैं और हम उनके साथ एक समझौता कर रहे हैं। देखते हैं आगे क्या होता है।"
होर्मुज को लेकर किया बड़ा दावा
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों पक्षों के बीच स्विट्जरलैंड में हुई शुरुआती तकनीकी वार्ताओं के बाद तेल परिवहन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ये वार्ताएं क्षेत्र में शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार किए गए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत हुई थीं।
उन्होंने कहा, "जैसा कि आपने कल सुना होगा, 1.9 करोड़ बैरल तेल निकला और यह होर्मुज जलडमरूमध्य के इतिहास में सबसे बड़ा आंकड़ा है।" ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपने प्रशासन के रुख को दोहराते हुए ट्रंप ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा।"
ईरान की सैन्य ताकत हो चुकी खत्म :अमेरिकी राष्ट्रपति
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान सामरिक रूप से कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने कहा, "हमने ईरान को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जैसी किसी ने पहले कभी नहीं की। यह काम पिछले 47 वर्षों में दूसरे राष्ट्रपतियों को करना चाहिए था। ईरान की सैन्य क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है। उसका नेतृत्व कमजोर हो चुका है और उसकी रडार प्रणाली भी नष्ट हो चुकी है।"
ट्रंप ने कहा कि भविष्य में होने वाली किसी भी आर्थिक व्यवस्था में ईरान की मानवीय जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा, "ईरान से जो धन निकलेगा, वह हमारे किसानों तक पहुंचेगा ताकि वे ईरान को मक्का, सोयाबीन और गेहूं उपलब्ध करा सकें। वहां खाद्य संकट है। उन्हें भोजन और दवाओं की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।"
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गौरतलब है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु निरीक्षण, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर कूटनीतिक वार्ताएं जारी हैं। हाल ही में इन विषयों पर स्विट्जरलैंड में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी।