World: US ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति पर से प्रतिबंध हटाए; न्यूयॉर्क में व्यक्ति के घर से 25 बम बरामद
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। इसी साल 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कराकास से गिरफ्तार किया था। दोनों पर ड्रग तस्करी के आरोप लगे हैं और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन्होंने खुद को निर्दोष बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वेनेजुएला की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। अमेरिका का समर्थन मिलने से रोड्रिगेज की स्थिति मजबूत होगी और देश में स्थिरता लाने की कोशिश तेज हो सकती है। हालांकि, यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी नए समीकरण बना सकता है और आने वाले समय में इसके बड़े असर देखने को मिल सकते हैं।
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति के अपार्टमेंट से 25 से ज्यादा देसी बम बरामद किए गए हैं। आरोपी की पहचान 65 वर्षीय रेमंड एल्डर्स के रूप में हुई है। पुलिस को इलाके में लगातार धमाकों की आवाज सुनाई देने की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी के हाथों पर रासायनिक पदार्थ के निशान थे और उसके पास लाइटर भी था। जांच के दौरान घर के बाहर पाइप बम जैसा विस्फोटक मिला। अंदर तलाशी लेने पर कई और खतरनाक उपकरण बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी अपराध कर चुका है। अदालत में पेशी के बाद जज ने उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि वह समाज के लिए खतरा है और भाग सकता है। इस घटना के बाद इलाके में डर का माहौल है। पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कई हफ्तों से धमाकों जैसी आवाजें आ रही थीं। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कोलंबिया के कुंडिनामार्का इलाके में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और 19 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना एक टोल प्लाजा के पास हुई, जब एक दूध से भरा ट्रक अचानक नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे, जिसके कारण वह तेज गति से कई गाड़ियों और एक मोटरसाइकिल से टकरा गया। टक्कर के बाद जोरदार धमाके हुए और कई वाहन आग की चपेट में आ गए। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही एंबुलेंस, पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने बताया कि हादसे के कारण सड़क को बंद कर दिया गया है और जांच जारी है। यह हादसा सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
अमेरिका के यूटा राज्य में 1974 में हुई एक किशोरी की हत्या का मामला 51 साल बाद सुलझ गया है। नई डीएनए जांच में यह साफ हो गया है कि इस हत्या के पीछे कुख्यात सीरियल किलर टेड बंडी का हाथ था। पीड़िता 17 साल की लॉरा ऐन एम थीं, जो हैलोवीन की रात एक पार्टी से घर लौटते समय अचानक लापता हो गई थीं। करीब एक महीने बाद उनका शव हाईवे के किनारे मिला था, जो बेहद बुरी हालत में था। पुलिस को पहले से ही शक था कि यह हत्या टेड बंडी ने की है, लेकिन पुख्ता सबूत नहीं होने के कारण मामला खुला हुआ था। अब आधुनिक डीएनए तकनीक ने इस मामले को पूरी तरह सुलझा दिया है। टेड बंडी अमेरिका के सबसे खतरनाक सीरियल किलर्स में से एक था, जिसने 1970 के दशक में कई राज्यों में 30 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों की हत्या की थी। उसकी गिरफ्तारी और मुकदमे ने पूरे देश को हिला दिया था। इस खुलासे से पीड़ित परिवार को वर्षों बाद न्याय मिला है और यह दिखाता है कि तकनीक के जरिए पुराने मामलों को भी सुलझाया जा सकता है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बड़ा धमाका हुआ है, जिसमें चार पुलिसकर्मियों समेत कुल नौ लोग घायल हो गए। यह घटना लक्की मरवत जिले के सेराई नौरंग इलाके में एक व्यस्त सड़क पर हुई। पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने पुलिस की गश्ती टीम को निशाना बनाया था। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने एक मोटरसाइकिल में IED फिट कर रखा था। जैसे ही पुलिस की गाड़ी वहां से गुजरी, धमाका कर दिया गया। इस विस्फोट में पुलिस की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा है।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। पुलिस ने इस हमले को कायराना बताया है और कहा है कि ऐसे हमलों से सुरक्षा बलों का मनोबल नहीं टूटेगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सिंगापुर पुलिस ने भारतीय गायक जुबीन गर्ग की मौत की जांच पूरी कर ली है और साफ किया है कि इसमें किसी भी तरह की साजिश या गड़बड़ी नहीं थी। जांच के अनुसार, उनकी मौत दुर्घटनावश डूबने से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, जुबीन गर्ग सितंबर 2025 में एक यॉट ट्रिप पर गए थे। उन्होंने पहले लाइफ जैकेट पहनकर पानी में तैराकी की, लेकिन बाद में उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो अकेले और बिना लाइफ जैकेट के तैरने लगे। इसी दौरान वे अचानक बेहोश हो गए।
उन्हें तुरंत बचाकर यॉट पर लाया गया और सीपीआर दिया गया, लेकिन अस्पताल ले जाने के बाद उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी डूबने को ही मौत का कारण बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि उनके खून में अल्कोहल की मात्रा ज्यादा थी, जिससे उनकी स्थिति और खराब हो सकती थी। पुलिस ने कहा कि यह पूरी तरह एक हादसा था। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना भी जताई है।
कुवैत की एयरलाइन जजीरा एयरवेज ने भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए चार नए शहरों, कोझिकोड, तिरुचिरापल्ली, मंगलूरू और कन्नूर, को जोड़ा है। इस विस्तार के बाद अब एयरलाइन भारत के कुल 12 शहरों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है और हर हफ्ते 49 फ्लाइट्स चला रही है। यह पहल ‘प्रोजेक्ट वंदे भारत’ के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य कुवैत में रहने वाले भारतीयों को बेहतर यात्रा सुविधा देना है। इससे पहले एयरलाइन अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और अन्य शहरों के लिए उड़ानें चला रही थी।
कंपनी के सीईओ ने कहा कि भारत उनका महत्वपूर्ण बाजार है और वे भारतीय समुदाय को बेहतर कनेक्टिविटी देना चाहते हैं। नए रूट्स से खासकर दक्षिण भारत के यात्रियों को अपने घर तक पहुंचने में आसानी होगी। यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय यात्रा में कई तरह की बाधाएं आ रही हैं। इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि व्यापार और कार्गो सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।
नेपाल सरकार ने एक बड़े राहत अभियान के तहत कुवैत में फंसे अपने 318 नागरिकों को सुरक्षित वापस देश लाया है। इसके साथ ही नौ प्रवासी मजदूरों के शव भी नेपाल लाए गए। यह अभियान बुधवार रात को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। सरकार ने इसके लिए एक विशेष चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल किया, जो कुवैत एयरवेज का बोइंग 777-300 था। यह विमान भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा।
बताया जा रहा है कि ये सभी लोग कई कारणों से कुवैत में फंसे हुए थे और उन्हें वापस लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही थी। इस ऑपरेशन के जरिए न केवल जीवित नागरिकों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया, बल्कि मृतकों के शव भी उनके परिवारों तक पहुंचाए गए। सरकार ने इस मिशन को मानवीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण बताया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी विदेशों में फंसे नागरिकों की मदद के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे, ताकि किसी भी नेपाली नागरिक को मुश्किल हालात में अकेला न छोड़ा जाए।
#WATCH | Kathmandu, Nepal: In a major repatriation effort, Nepal successfully brought home the bodies of 9 migrant workers and evacuated 318 stranded citizens from Kuwait on Wednesday night.
— ANI (@ANI) April 1, 2026
The special operation was conducted via a chartered Kuwait Airways Boeing 777-300 that… pic.twitter.com/SsK2YAnL3e
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जन्मगत नागरिकता को सीमित करने वाली नीति पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले को अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन से जुड़ा बड़ा कानूनी विवाद माना जा रहा है, जो नागरिकता व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप खुद इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। यह पहली बार है जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति अदालत में चल रही दलीलों के दौरान मौजूद रहा। ट्रंप की नीति सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के घेरे में है। ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में लौटने के पहले दिन ही एक कार्यकारी आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले उन बच्चों को नागरिकता नहीं दी जाएगी, जिनके माता-पिता अमेरिकी नागरिक या स्थायी निवासी नहीं हैं।
अमेरिका में होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का लंबा शटडाउन खत्म करने के लिए रिपब्लिकन नेताओं ने नई योजना पेश की है। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और सीनेट लीडर जॉन थ्यून ने कहा है कि जल्द ही विभाग को फंड देने का रास्ता निकाला जाएगा। योजना के मुताबिक, पहले ज्यादातर विभागों को फंड दिया जाएगा, जबकि इमिग्रेशन और बॉर्डर से जुड़े हिस्सों के लिए बाद में अलग बिल लाया जाएगा। इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी समर्थन है, लेकिन पार्टी के अंदर ही कुछ नेताओं का विरोध सामने आ रहा है।
यह शटडाउन अब 47 दिन तक पहुंच चुका है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बिना वेतन काम करना पड़ा। एयरपोर्ट्स पर भी लंबी कतारें और अव्यवस्था देखने को मिली। डेमोक्रेट नेताओं ने रिपब्लिकन की अंदरूनी कलह को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में इस संकट का समाधान निकल सकता है और कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग में नए प्रमुख मार्कवेन मुलिन ने बड़ा फैसला लेते हुए एक विवादित नियम खत्म कर दिया है। इस नियम के तहत 1 लाख डॉलर से ज्यादा खर्च के लिए उनकी व्यक्तिगत मंजूरी जरूरी थी, जिससे काम में देरी हो रही थी। इस फैसले से खास तौर पर FEMA यानी आपदा प्रबंधन एजेंसी को राहत मिलेगी। पहले इस नियम के कारण हजारों प्रोजेक्ट और राहत कार्य अटक गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 1000 से ज्यादा मामलों में देरी हुई थी, जिससे आपदा राहत कार्य प्रभावित हुआ।
विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे अब काम तेजी से होगा और लोगों तक मदद जल्दी पहुंचेगी। हालांकि, DHS में चल रहे शटडाउन के कारण इसका पूरा असर अभी दिखने में समय लग सकता है। सरकार का कहना है कि इस बदलाव से सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।
अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक रोहिंग्या शरणार्थी की मौत को अधिकारियों ने हत्या करार दिया है। 56 वर्षीय नुरुल अमीन शाह आलम फरवरी में सड़क पर मृत पाए गए थे। जांच में पता चला कि उनकी मौत ठंड, डिहाइड्रेशन और पेट की गंभीर बीमारी के कारण हुई। रिपोर्ट के अनुसार, बॉर्डर पेट्रोल एजेंट्स ने उन्हें एक दुकान के बाहर छोड़ दिया था। इसके बाद वे ठंड में भटकते रहे और कुछ दिनों बाद उनका शव मिला। हालांकि, एजेंसियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
इस घटना के बाद मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। न्यूयॉर्क की गवर्नर ने भी इस मामले को “अमानवीय” बताते हुए जांच की बात कही है। यह मामला अमेरिका में शरणार्थियों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर रहा है।
'टेक्सास किलिंग फील्ड्स' केस में बड़ी कार्रवाई
अमेरिका के ह्यूस्टन के पास स्थित कुख्यात 'टेक्सास किलिंग फील्ड्स' मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस इलाके में 1970 के दशक से लेकर अब तक 30 से ज्यादा महिलाओं के शव मिले थे। अब इस मामले में 61 साल के जेम्स एलमोर को गिरफ्तार किया गया है। उस पर 16 साल की लॉरा मिलर और 30 साल की ऑड्री कुक की मौत में शामिल होने का आरोप है।
अधिकारियों के अनुसार, ये घटनाएं 1980 के दशक में हुई थीं और लंबे समय से अनसुलझी थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि इन हत्याओं में एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। एलमोर के साथ उसके दोस्त क्लाइड हेड्रिक का नाम भी सामने आया, लेकिन वह हाल ही में आत्महत्या कर चुका है। पीड़ितों के परिवारों ने गिरफ्तारी पर राहत जताई, लेकिन यह भी कहा कि न्याय मिलने में बहुत देर हो गई। पुलिस का कहना है कि अभी भी कई मामलों की जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।
न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां गोलीबारी में 7 महीने के मासूम बच्चे की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यह हमला गैंग से जुड़ा था और बच्चा इसका निशाना नहीं था, बल्कि वह गलती से गोली का शिकार बन गया। घटना दोपहर करीब 1:20 बजे हुई, जब बाइक (मोपेड) पर सवार दो लोग आए और सड़क पर खड़े लोगों पर गोली चला दी। उसी दौरान पास में स्ट्रोलर में बैठे बच्चे को गोली लग गई।
हमले के बाद आरोपी भागने लगे, लेकिन कुछ दूरी पर उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। एक आरोपी घायल होकर पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि दूसरा फरार है। शहर के मेयर ने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि यह दिल दहला देने वाली घटना है। उन्होंने माना कि अपराध कम हो रहा है, लेकिन ऐसी घटनाएं दिखाती हैं कि अभी बहुत काम बाकी है।
न्यूयॉर्क में 2024 में एक पुलिस अधिकारी की मौत के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी गाय रिवेरा को गंभीर लापरवाही (मैनस्लॉटर) का दोषी माना गया, लेकिन उसे हत्या के आरोप से बरी कर दिया गया।
यह मामला उस समय का है जब पुलिस अधिकारी जोनाथन डिलर एक ट्रैफिक जांच कर रहे थे। तभी आरोपी ने गोली चला दी, जिससे अधिकारी की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आरोपी ने जानबूझकर गोली चलाई, लेकिन बचाव पक्ष ने इसे दुर्घटना बताया। कोर्ट ने माना कि हत्या साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं थे, लेकिन आरोपी की लापरवाही साबित हुई। अब रिवेरा को सजा 27 अप्रैल को सुनाई जाएगी और उसे उम्रकैद तक हो सकती है। यह मामला उस समय काफी चर्चा में आया था और कानून-व्यवस्था पर बहस भी हुई थी।
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स जल्द ही अपने शेयर आम लोगों को बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी ने शुरुआती दस्तावेज जमा कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी करीब 75 अरब डॉलर जुटा सकती है और इसकी कुल कीमत 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है। अगर ऐसा होता है, तो एलन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियन डॉलर (खरबपति) बनने वाले व्यक्ति बन सकते हैं।
स्पेसएक्स अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने के साथ-साथ स्टारलिंक के जरिए इंटरनेट सेवा भी देता है। कंपनी भविष्य में चांद पर बेस बनाने और मंगल पर इंसान भेजने की योजना पर काम कर रही है। यह आईपीओ वॉल स्ट्रीट के लिए बड़ा मौका माना जा रहा है और निवेशकों की नजर इस पर टिकी हुई है।