फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   249 Traffic Challans Worth ₹3.69 Lakh Issued to One Scooter Raise Questions Over Traffic Fine System

Challans: एक स्कूटर, 249 चालान और ₹3.69 लाख का जुर्माना! सामने आई ट्रैफिक चालान सिस्टम की चौंकाने वाली कहानी

Sat, 25 Jul 2026 11:46 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 25 Jul 2026 11:46 PM IST
सार

तमिलनाडु के कोयंबटूर में ट्रैफिक चालान प्रणाली को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। TN37AF4170 नंबर से पंजीकृत एक स्कूटर पर 249 ट्रैफिक चालान जारी किए गए, जिनकी कुल राशि ₹3.69 लाख बताई गई है। इस मामले ने ट्रैफिक नियमों के पालन और चालान जारी करने की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन
249 Traffic Challans Worth ₹3.69 Lakh Issued to One Scooter Raise Questions Over Traffic Fine System
Traffic Violation Penalties - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

यातायात नियमों के प्रवर्तन और चालान प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। तमिलनाडु की कोयंबटूर सिटी पुलिस एक ही दोपहिया वाहन के नाम पर 3.69 लाख रुपये के कुल 249 यातायात चालान जारी करने के बाद जांच के घेरे में आ गई है।

विज्ञापन

यह अजीबोगरीब मामला TN37AF4170 रजिस्ट्रेशन नंबर वाले एक सिंगल स्कूटर का है। यह पूरी घटना मोटर वाहन कानूनों को लागू करने में व्यापक अनियमितताओं, तकनीकी खामियों और चालान प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर चिंताएं पैदा करती है। 

विज्ञापन

जांच में क्या-क्या गड़बड़ियां सामने आईं?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहन पोर्टल (Parivahan Portal) के जरिए इस मामले की जांच की, जिसमें कई ऐसी अनियमितताएं सामने आईं जो ट्रैफिक प्रवर्तन प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं। जांच के दौरान पता चला कि स्कूटर के नाम पर जारी कई चालानों में उसी वाहन की तस्वीर तक मौजूद नहीं थी। कई मामलों में चालान किसी दूसरे वाहन की तस्वीर के साथ जारी किए गए थे।

सामने आई प्रमुख अनियमितताएं इस प्रकार हैं-

दूसरे वाहनों की तस्वीरें इस्तेमाल की गईं:
कई चालानों में स्कूटर की जगह मोटरसाइकिल, ट्रक और कारों की तस्वीरें लगी हुई थीं, जबकि चालान स्कूटर के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ा था।

वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर मेल नहीं खाते थे:
कुछ चालानों में जिस वाहन की तस्वीर दिखाई गई, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर या तो मौजूद नहीं था या फिर स्कूटर के नंबर से बिल्कुल अलग था।

एक जैसे अधिकारियों के नाम बार-बार सामने आए:
कई ऐसे चालान, जिनमें अलग-अलग वाहनों की तस्वीरें थीं, एक ही पुलिस अधिकारियों द्वारा जारी किए गए थे। इससे जांच में प्रक्रिया से जुड़ी संभावित खामियों की आशंका भी सामने आई।

किन चालानों ने सबसे ज्यादा सवाल खड़े किए?

जांच में कुछ ऐसे उदाहरण भी सामने आए, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

17 मई का चालान:
रेस कोर्स पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर एस. करुवेलन द्वारा जारी 1,000 रुपये के चालान में संबंधित स्कूटर की सही तस्वीर लगी हुई थी।

8 जनवरी का चालान:
आर.एस. पुरम पुलिस स्टेशन के स्पेशल सब-इंस्पेक्टर वी. श्रीनिवासन द्वारा जारी 1,000 रुपये के एक अन्य चालान में स्कूटर की जगह एक ट्रक की तस्वीर दिखाई गई। इतना ही नहीं, उस वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी दर्ज नहीं था, जिस पर कथित तौर पर नियम उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।

13 अक्तूबर 2025 का मामला:
इसी स्कूटर नंबर से जुड़े एक अन्य चालान में ट्रक की तस्वीर इस्तेमाल की गई थी, लेकिन उसकी नंबर प्लेट को छेड़छाड़ कर ढक दिया गया था।

इन उदाहरणों ने चालान जारी करने की प्रक्रिया की सटीकता और सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन

क्या यह सिर्फ एक गलती थी या बड़ी समस्या का संकेत?

रिपोर्ट में कई चालानों की रैंडम जांच में यह पाया गया कि दूसरे वाहनों की तस्वीरों वाले कई चालान एक ही अधिकारियों द्वारा जारी किए गए थे।

यह पैटर्न इस ओर इशारा करता है कि मामला केवल किसी एक चालान की त्रुटि तक सीमित नहीं हो सकता। बल्कि ट्रैफिक प्रवर्तन प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितताओं की संभावना की जांच की जरूरत हो सकती है।


पुलिस अधिकारियों की क्या प्रतिक्रिया रही?

जब इस मामले पर कोयंबटूर सिटी पुलिस कमिश्नर एन. कन्नन से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का आश्वासन दिया। 

स्कूटर की मौजूदा स्थिति पर क्यों बना हुआ है सस्पेंस?

रिपोर्ट के अनुसार, TN37AF4170 नंबर से पंजीकृत स्कूटर फिलहाल सक्रिय है या नहीं और वर्तमान में उसका मालिक कौन है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।

यानी जिस वाहन के नाम पर 249 चालान जारी किए गए, उसकी मौजूदा स्थिति को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।


यह मामला क्यों बन गया चर्चा का विषय?

यह मामला केवल एक स्कूटर पर बड़ी संख्या में चालान जारी होने तक सीमित नहीं है। जांच में सामने आई तस्वीरों और रजिस्ट्रेशन नंबरों की गड़बड़ियों ने ट्रैफिक चालान प्रणाली की पारदर्शिता, जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब इस मामले में आगे की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चालान जारी करने की प्रक्रिया में हुई ये अनियमितताएं कैसे हुईं और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed