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Car Safety Features: ADAS फीचर्स पर आंख बंद कर भरोसा पड़ सकता है भारी, जानें सड़कों पर क्या है इसकी सीमाएं
Sun, 26 Jul 2026 10:00 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sun, 26 Jul 2026 10:00 AM IST
सार
ADAS Limitations: आजकल लोगों को ADAS फीचर वाली कारें काफी पसंद आ रही हैं। लेकिन क्या हर फीचर हर सड़क और हर स्थिति में आपकी कार को सुरक्षित रख सकता है? भारतीय सड़कों पर इसकी कुछ अहम सीमाएं हैं, जिन्हें जानना हर कार खरीदार के लिए जरूरी है। आइए जानते हैं उनके बारे में विस्तार से...
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ADAS फीचर की हैं कुछ लिमिट्स
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
Advanced Driver Assistance System: अब अधिकतर आधुनिक गाड़ियां ADAS यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम फीचर से लैस होती हैं। नई कारों में लेन कीप असिस्ट, ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) और एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स को सुरक्षा के लिहाज से गेम-चेंजर मानकर प्रमोट किया जा रहा है।
इसमें कोई शक नहीं है कि यह आधुनिक तकनीक सुरक्षित ड्राइविंग में काफी मददगार साबित होती है, लेकिन भारतीय सड़कों की परिस्थितियों और यहां के ट्रैफिक पैटर्न के हिसाब से इसकी अपनी कुछ बड़ी लिमिटेशंस यानी सीमाएं भी हैं।
ADAS क्या है और कैसे काम करता है?
एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम फीचर कैमरा, रडार और सेंसर की मदद से सड़क, लेन और आसपास चल रहे वाहनों पर नजर रखता है। किसी संभावित खतरे की स्थिति में यह ड्राइवर को चेतावनी देता है और कुछ मामलों में तो ब्रेक लगाने या स्टीयरिंग में भी सहायता करता है।
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क्या हो सकता है खतरा?
1. टूटी या धुंधली लेन मार्किंग पर सिस्टम हो सकता है बेअसर
लेन डिपार्चर वार्निंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स सड़क पर बनी सफेद या पीली लेन मार्किंग को पढ़कर काम करते हैं, लेकिन भारत में कई सड़कों पर लेन मार्किंग धुंधली, टूटी हुई या पूरी तरह गायब होती है। ऐसे में सिस्टम लेन को पहचान नहीं पाता और अचानक काम करना बंद कर सकता है। तब ड्राइवर को तुरंत वाहन का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेना पड़ता है।
2. भारी ट्रैफिक और अचानक आने वाली बाधाएं
भारतीय सड़कों पर ऑटो, बाइक, पैदल यात्री और मवेशियों की अचानक आवाजाही नॉर्मल बात हो गई है। ऐसे में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) कभी-कभी जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होकर अचानक ब्रेक लगा सकता है। इससे पीछे चल रहे वाहन के टक्कर मारने का खतरा भी बढ़ सकता है।
3. बारिश, कोहरा और धूल से प्रभावित होता है ADAS
भारी बारिश, घने कोहरे या फिर विंडशील्ड पर जमी धूल-मिट्टी कैमरा और रडार की दृश्य क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसी स्थिति में सिस्टम एरर दिखाकर ADAS फीचर्स को अस्थायी रूप से बंद कर सकता है। यानी जिस समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय यह पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता।
ADAS फीचर इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने वाली बातें
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इसमें कोई शक नहीं है कि यह आधुनिक तकनीक सुरक्षित ड्राइविंग में काफी मददगार साबित होती है, लेकिन भारतीय सड़कों की परिस्थितियों और यहां के ट्रैफिक पैटर्न के हिसाब से इसकी अपनी कुछ बड़ी लिमिटेशंस यानी सीमाएं भी हैं।
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ADAS क्या है और कैसे काम करता है?
एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम फीचर कैमरा, रडार और सेंसर की मदद से सड़क, लेन और आसपास चल रहे वाहनों पर नजर रखता है। किसी संभावित खतरे की स्थिति में यह ड्राइवर को चेतावनी देता है और कुछ मामलों में तो ब्रेक लगाने या स्टीयरिंग में भी सहायता करता है।
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क्या हो सकता है खतरा?
1. टूटी या धुंधली लेन मार्किंग पर सिस्टम हो सकता है बेअसर
लेन डिपार्चर वार्निंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स सड़क पर बनी सफेद या पीली लेन मार्किंग को पढ़कर काम करते हैं, लेकिन भारत में कई सड़कों पर लेन मार्किंग धुंधली, टूटी हुई या पूरी तरह गायब होती है। ऐसे में सिस्टम लेन को पहचान नहीं पाता और अचानक काम करना बंद कर सकता है। तब ड्राइवर को तुरंत वाहन का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेना पड़ता है।
2. भारी ट्रैफिक और अचानक आने वाली बाधाएं
भारतीय सड़कों पर ऑटो, बाइक, पैदल यात्री और मवेशियों की अचानक आवाजाही नॉर्मल बात हो गई है। ऐसे में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) कभी-कभी जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होकर अचानक ब्रेक लगा सकता है। इससे पीछे चल रहे वाहन के टक्कर मारने का खतरा भी बढ़ सकता है।
3. बारिश, कोहरा और धूल से प्रभावित होता है ADAS
भारी बारिश, घने कोहरे या फिर विंडशील्ड पर जमी धूल-मिट्टी कैमरा और रडार की दृश्य क्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसी स्थिति में सिस्टम एरर दिखाकर ADAS फीचर्स को अस्थायी रूप से बंद कर सकता है। यानी जिस समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उसी समय यह पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाता।
ADAS फीचर इस्तेमाल करते समय ध्यान रखने वाली बातें
- एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम को ड्राइवर का विकल्प नहीं, बल्कि सहायक तकनीक को समझें।
- हमेशा दोनों हाथ स्टीयरिंग पर रखें और सड़क पर पूरा ध्यान दें।
- कैमरा और सेंसर वाले हिस्से को साफ रखें।
- खराब मौसम या धुंधली लेन मार्किंग वाली सड़कों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें।