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Auto Industry: AI, सॉफ्टवेयर और ADAS के दम पर बदलेगी ऑटो इंडस्ट्री, 2035 तक 519 अरब डॉलर के बाजार का अनुमान

Sat, 25 Jul 2026 10:08 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Sat, 25 Jul 2026 10:08 PM IST
सार

आने वाले वर्षों में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की असली पहचान केवल इंजन या डिजाइन नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनने वाले हैं। यही वजह है कि वैश्विक ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार 2035 तक 519 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। एक नई रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है।

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Automotive Software And Electronics Market to Reach 519 Billion Dollars by 2035: McKinsey Report
Automotive Software Electronics Market - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

वैश्विक ऑटोमोटिव उद्योग में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव देखा जा रहा है, जहां अब गाड़ियों का मूल्य केवल उनके लोहे और इंजन से नहीं, बल्कि उनमें मौजूद सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स से तय हो रहा है। मैकिन्से (McKinsey) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार 2035 तक बढ़कर 519 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सेगमेंट 4.5 प्रतिशत की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से आगे बढ़ेगा। जो कि समग्र वाहन बाजार की वृद्धि दर की तुलना में चार गुना से भी अधिक तेज है। इस बड़े बदलाव के पीछे सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स (SDVs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) का सबसे बड़ा हाथ है।

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वाहन बाजार की तुलना में सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कितनी तेजी से बढ़ रहा है?

मैकिन्से की "द ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट थ्रू 2035" शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, पारंपरिक वाहन बाजार और तकनीक-आधारित सेगमेंट के बीच वृद्धि का अंतर काफी बड़ा है:

  • समग्र वाहन बाजार की धीमी वृद्धि:
    वैश्विक स्तर पर गाड़ियों की बिक्री या कुल वाहन बाजार में प्रतिवर्ष केवल लगभग 1.0 प्रतिशत (1 प्रतिशत CAGR) की ही मामूली वृद्धि होने की उम्मीद है।

  • सॉफ्टवेयर व इलेक्ट्रॉनिक्स की तेज रफ्तार:
    इसके ठीक विपरीत, सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र 4.5 प्रतिशत CAGR की मजबूत दर से बढ़ते हुए 2035 तक 519 अरब डॉलर का आंकड़ा छू लेगा।

  • सॉफ्टवेयर और AI से पहचान:
    वाहन निर्माता कंपनियां अब अपनी गाड़ियों को पारंपरिक फीचर्स के बजाय सॉफ्टवेयर, कनेक्टिविटी और AI-संचालित फीचर्स के जरिए बाजार में एक-दूसरे से अलग और बेहतर साबित कर रही हैं।

  • एसडीवी की ओर बदलाव:
    ऑटो इंडस्ट्री अब जोनल और सेंट्रल कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर पर आधारित सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स की तरफ तेजी से बदल रही है। यह तकनीक ओवर-द-एयर (OTA) सॉफ्टवेयर अपडेट, बेहतर कनेक्टिविटी और जनरेटिव AI को गाड़ियों में जोड़ने में मदद कर रही है।

  • इनोवेशन के नए जरिया:
    रिपोर्ट के अनुसार, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और जनरेटिव AI वाहन विकास, ग्राहक अनुभव और बिजनेस मॉडल को बदलने वाले सबसे महत्वपूर्ण कारक बनकर उभरे हैं।

ऑटोनॉमस ड्राइविंग और ADAS का भविष्य कैसा रहेगा?

रिपोर्ट में बताया गया है कि लेवल 3 और लेवल 4 ऑटोनॉमस (स्वचालित) तकनीक के क्रियान्वयन में हो रही देरी के कारण पूरी तरह से ड्राइवरलेस गाड़ियों की उम्मीदें थोड़ी कम हुई हैं। हालांकि, कंपनियों ने अब अपना निवेश निकट भविष्य की प्राथमिकताओं जैसे ADAS और कनेक्टेड सेवाओं पर केंद्रित कर दिया है:

  • 2035 तक 70% गाड़ियों में होगा ADAS:
    मैकिन्से का अनुमान है कि 2035 तक वैश्विक स्तर पर बिकने वाली कुल गाड़ियों में से लगभग 70 प्रतिशत कारें लेवल 2 या उससे ऊपर की ड्राइवर असिस्टेंस और ऑटोनॉमस ड्राइविंग क्षमताओं से लैस होंगी।

  • लेवल 2 का दबदबा:
    अकेले 'लेवल 2' तकनीक से लैस वाहन कुल बिक्री का 52 प्रतिशत हिस्सा कवर करेंगे।

  • लेवल 3 की हिस्सेदारी:
    'लेवल 3' तकनीक वाली गाड़ियों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में 16 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

  • लेवल 4 की सीमित पहुंच:
    लेवल 4 और उससे ऊपर की फुल ऑटोनॉमस क्षमता वाले वाहनों की हिस्सेदारी 2035 तक कुल बिक्री का केवल लगभग 1 प्रतिशत ही हो पाएगी।

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वाहन आर्किटेक्चर में क्या बड़े बदलाव आएंगे?

अगले दशक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वाहनों का आंतरिक इलेक्ट्रॉनिक ढांचा पूरी तरह बदलने वाला है:

  • 78% बाजार में AI की भूमिका:
    2035 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑटोमोटिव बाजार के लगभग 78 प्रतिशत हिस्से में सॉफ्टवेयर फंक्शंस को या तो सक्षम बनाएगा या उनमें सुधार करेगा। AI का सबसे बड़ा असर ADAS, ऑटोमेटेड ड्राइविंग और इंफोटेनमेंट सिस्टम में देखने को मिलेगा।

  • इलेक्ट्रॉनिक आर्किटेक्चर में बदलाव:
    अगले दशक में पारंपरिक वितरित प्रणालियों की जगह एडवांस्ड डोमेन-बेस्ड और जोनल इलेक्ट्रिकल/इलेक्ट्रॉनिक (E/E) आर्किटेक्चर ले लेंगे।

  • मैकिन्से की सलाह:
    मैकिन्से का कहना है कि 2035 तक उत्पादित होने वाले E/E आर्किटेक्चर का बड़ा हिस्सा एडवांस्ड डिजाइन वाला होगा। ऐसे में अग्रणी ऑटोमेकर्स को प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अपने E/E आर्किटेक्चर को सरल बनाना होगा, सॉफ्टवेयर क्षमताओं को मजबूत करना होगा और AI-पावर्ड डेवलपमेंट में निवेश करना होगा।

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