Bharat Taxi: सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की 'भारत टैक्सी' के ड्राइवरों से खास बातचीत, पढ़िए संवाद का विशेष अंश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों के साथ सीधा संवाद किया। इस संवाद में सहकारी आधारित इस राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
विस्तार
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में भारत टैक्सी के ड्राइवरों के साथ संवाद किया। इन ड्राइवरों को सम्मानपूर्वक 'सारथी' नाम दिया गया है। अमित शाह के साथ इस विशेष संवाद को मंत्री के ऑफिशियल यू-ट्यूब चैनल पर प्रसारित किया गया । इस कार्यक्रम में उन्होंने टैक्सी चालकों के अनुभव सुने, उनकी समस्याएं जानीं और सहकारिता आधारित इस नए मोबिलिटी मॉडल के भविष्य के विजन पर चर्चा की।
इस पूरी बातचीत का सीधा प्रसारण आप यहां देख सकते हैं: सहकारिता मंत्री का भारत टैक्सी के ड्राइवरों के साथ सीधा संवाद
संवाद की मुख्य बातें:
- 'सारथी ही मालिक' की अवधारणा: अमित शाह ने संवाद के दौरान स्पष्ट किया कि भारत टैक्सी का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को केवल कर्मचारी तक सीमित न रखकर उन्हें व्यवसाय का मालिक बनाना है।
- मुनाफे का सीधा लाभ: विदेशी फंडेड प्राइवेट कैब एग्रीगेटर्स (जैसे ओला, उबर आदि) के विपरीत, भारत टैक्सी 'जीरो-कमीशन' और 'सर्ज-फ्री प्राइसिंग' मॉडल पर काम करती है। मंत्री ने बताया कि कमाई का 80% हिस्सा सीधे ड्राइवरों के बैंक खाते में जाएगा जबकि 20% हिस्सा प्लेटफॉर्म के विस्तार के लिए रिजर्व रखा जाएगा।
- राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का लक्ष्य: वर्तमान में इसके पायलट प्रोजेक्ट को दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। अमित शाह ने घोषणा की है कि अगले 3 वर्षों के भीतर 'कश्मीर से कन्याकुमारी तक' भारत टैक्सी को पूरे देश में रोलआउट किया जाएगा।
क्या है 'भारत टैक्सी'?
भारत टैक्सी देश की पहली सहकारिता-आधारित कैब सेवा है। इसे हाल ही में 5 फरवरी 2026 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था। इसे अमूल, इफको, नेफेड और कृभको जैसी देश की शीर्ष 8 सहकारी संस्थाओं द्वारा मिलकर प्रमोट किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आम लोगों को सस्ती व सुरक्षित राइड देना और कैब चालकों को शोषण मुक्त माहौल मुहैया कराना है। सारथियों (ड्राइवरों) को मिलने वाली विशेष सुविधाएं:
- बीमा और सुरक्षा: भारत टैक्सी से जुड़ने वाले प्रत्येक सारथी को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।
- 'सारथी दीदी' पहल: महिला सशक्तिकरण और महिला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'सारथी दीदी' पहल शुरू की गई है। इसके तहत महिला ड्राइवर (टू-व्हीलर) विशेष रूप से महिला यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाएंगी।
- काम की स्वतंत्रता: ड्राइवरों पर कोई 'एक्सक्लूसिविटी क्लॉज (Exclusivity Clause)' नहीं थोपा गया है। वे स्वतंत्र रूप से इस एप के साथ-साथ अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी काम कर सकते हैं।
बातचीत के कुछ प्रमुख अंश
संवाद के दौरान ड्राइवरों ने अपनी दैनिक चुनौतियों, कमाई, एप पर अनुभव और अपेक्षाओं को मंत्री शाह के सामने रखा। अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का लक्ष्य ड्राइवरों की आय और गरिमा बढ़ाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार खुद टैक्सी सेवा नहीं चला रही है बल्कि सहकारी संस्था को बल दे रही है, जिसके मालिक ड्राइवर खुद हैं। ड्राइवरों को आश्वासन दिया कि प्लेटफॉर्म आगे भी उनके हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहेगा। इसके अलावा समय-समय पर सुधार व नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। ड्राइवरों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें कई ड्राइवरों ने कहा कि इससे उन्हें पहले से अधिक स्वतंत्रता व आर्थिक लाभ मिला है। अमित शाह ने कहा कि अभी तक भारत टैक्सी में 2.5 लाख ड्राइवर इस सेवा में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
"अब आप सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि मालिक हैं"
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्राइवेट कैब कंपनियां सिर्फ अपने बड़े मालिकों की जेब भरती हैं। वहां आपकी मेहनत की कमाई का 30% हिस्सा वे लोग काट लेते थे और कमाई की कोई गारंटी भी नहीं होती थी। उन्होंने कहा, "हमारी सोच एकदम सीधी है- जो पसीना बहाए, असली मुनाफा भी उसी को मिले, किसी बड़े सेठ को नहीं। भारत टैक्सी भी अपने मालिकों को ही अमीर बनाना चाहती है लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि यहां आप ही इसके असली मालिक हैं"।