Gurugram: गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने लॉन्च किया 'व्हीकल टो' एप, 3 दिन में 150 वाहनों पर भी कार्रवाई
Gurugram Traffic Police Action: गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम और शोर प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने तीन दिनों में 150 से ज्यादा वाहनों को अवैध पार्किंग के कारण जब्त किया। जब्त वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर भेजा गया और वाहन मालिकों की सुविधा के लिए GMDA ने 'व्हीकल टो' एप लॉन्च किया है। इसके अलावा प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर जैसे नियम उल्लंघन पर भी चालान काटे गए।
विस्तार
हरियाणा के गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। तीन दिनों यानि मंगलवार से गुरुवार के अंदर 150 से ज्यादा वाहनों को अवैध पार्किंग के कारण जब्त (टो) कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि गलत तरीके से सड़क किनारे खड़े वाहन जाम की बड़ी वजह बन रहे थे।
वाहन मालिकों के लिए 'व्हीकल टो एप'
वाहन मालिकों को परेशान न होना पड़े इसके लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने व्हीकल टो एप लॉन्च किया है। इस एप के जरिए वाहन मालिक:
- अपने टो किए गए वाहन की लोकेशन देख सकते हैं
- किस पार्किंग में वाहन रखा है, इसकी जानकारी पा सकते हैं
- वाहन छुड़ाने की पूरी प्रक्रिया समझ सकते हैं
10 तय पार्किंग स्थलों पर भेजे गए वाहन
कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए वाहनों को शहर के 10 निर्धारित पार्किंग स्थलों पर व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराया गया। इससे सड़कों पर यातायात सुचारु करने में मदद मिली।
पारदर्शिता पर जोर
पुलिस हर वाहन को टो करने से पहले उसकी लोकेशन रिकॉर्ड करती है और फोटो भी खींचती है। ये तस्वीरें इस बात का सबूत होती हैं कि वाहन गलत तरीके से पार्क किया गया था और उसकी स्थिति कैसी थी। वाहन छुड़ाने की प्रक्रिया भी QR कोड आधारित पोर्टल के जरिए आसान बनाई गई है जिससे लोगों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़े।
जुर्माना कितना लगेगा?
पहली बार नियम तोड़ने पर: 1,500 रुपये जुर्माना
दोबारा उल्लंघन करने पर: 2,500 रुपये जुर्माना, जिसमें 1,000 रुपये क्रेन चार्ज शामिल है
अधिकारियों का मानना है कि सख्त जुर्माना लगाने से लोग नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।
शोर मचाने वालों पर भी शिकंजा
अभियान सिर्फ अवैध पार्किंग तक सीमित नहीं रहा। ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर बढ़ते शोर प्रदूषण पर भी कार्रवाई की। जरूरत से ज्यादा हॉर्न बजाने, मॉडिफाइड साइलेंसर और तय डेसिबल से ज्यादा आवाज करने वाले प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वालों पर केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) के तहत चालान काटे गए। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी महीने में ही शोर से जुड़े 95 चालान जारी किए गए, जिनसे करीब 9.5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।
क्या है मकसद?
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि अवैध पार्किंग और शोर प्रदूषण दोनों पर एक साथ कार्रवाई कर शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इस सख्त अभियान से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गुरुग्राम की सड़कों पर जाम कम होगा और लोगों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।