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Bike Tips: बाइक में किक नहीं है और सेल्फ-स्टार्ट भी हो गया है फेल? जानें एक्सपर्ट टिप्स और इमरजेंसी उपाय

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 21 Feb 2026 06:16 PM IST
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सार

राइडर के लिए स्टार्टर बटन दबाने और उसके बाद भी सिर्फ सन्नाटा सुनने से ज्यादा परेशान करने वाले पल शायद ही कोई हों। अगर आपकी बाइक का सेल्फ-स्टार्ट फेल हो गया है और उसमें किक भी नहीं है, तो ऐसे स्टार्ट करें अपनी बाइक...

Self-Start Not Working and No Kick? How to Start a Motorcycle with a Dead Battery
Bike Riding Tips - फोटो : Triumph Motorcycles
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विस्तार

बाइक चलाने वालों के लिए इससे ज्यादा झुंझलाने वाला पल शायद ही कोई हो, जब स्टार्ट बटन दबाने पर मोटरसाइकिल का इंजन टस से मस न हो। दिमाग तब ज्यादा ठनक जाता है, जब आप पहले से देर हो चुके हों, किसी तंग गली में फंसे हों या फिर पेट्रोल पंप पर खड़े हों।

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परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब आपकी बाइक में किक-स्टार्टर ही न हो, जो आजकल की कई मॉडर्न बाइक्स में आम फीचर है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में आप फंसे नहीं होते। बस सही वजह समझनी होती है और सही तरीका अपनाना होता है।

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ऐसा आखिर होता क्यों है?
अधिकतर बाइक्स में सेल्फ-स्टार्ट न चलने की सबसे आम वजह कमजोर या डिस्चार्ज बैटरी होती है। स्टार्टर मोटर को इंजन घुमाने के लिए बिजली चाहिए। अगर बैटरी यह पावर नहीं दे पाती, तो इंजन स्टार्ट नहीं होगा। कभी-कभी समस्या बहुत छोटी भी हो सकती है, जैसे-

  • इंजन किल स्विच OFF पर होना

  • बाइक न्यूट्रल में न होना

  • क्लच पूरी तरह न दबाया होना

ये सेफ्टी फीचर्स हैं, और इन्हीं वजहों से स्टार्ट रुक जाता है।

ऐसे मौकों पर पहले क्या-क्या चेक करना चाहिए?
स्टार्ट की कोशिश से पहले जल्दी से ये बातें देख लें-

  • क्या किल स्विच RUN पर है?

  • क्या बाइक न्यूट्रल में है?

  • क्या क्लच पूरी तरह दबा है?

  • क्या हेडलाइट, हॉर्न या कंसोल काम कर रहा है?

अगर इन सबका जवाब "हां" है और फिर भी बाइक स्टार्ट नहीं हो रही, तो अब असली उपाय अपनाने का समय है।

सबसे कारगर तरीका कौन-सा है - पुश स्टार्ट?
मैन्युअल गियर वाली बाइक्स के लिए पुश स्टार्ट (बंप स्टार्ट) किसी लाइफसेवर से कम नहीं। इसमें इलेक्ट्रिक स्टार्टर की जगह पिछले पहिए की गति से इंजन घुमाया जाता है।

पुश स्टार्ट कैसे करें?

  • इग्निशन ON करें

  • बाइक को सेकंड गियर में डालें (पहले गियर में रेजिस्टेंस ज्यादा होता है)

  • क्लच दबाकर रखें

  • बाइक को धक्का देकर थोड़ी रफ्तार बनाएं (हल्की ढलान मददगार होती है)

  • करीब 8-10 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर क्लच छोड़ें और हल्का थ्रॉटल दें

  • इंजन स्टार्ट होते ही क्लच फिर दबा लें, ताकि बाइक बंद न हो

कार्ब्यूरेटेड बाइक्स और हल्की डिस्चार्ज बैटरी में यह तरीका अक्सर काम कर जाता है।

क्या मॉडर्न बाइक्स में पुश स्टार्ट हमेशा काम करता है?
नहीं। फ्यूल-इंजेक्टेड बाइक्स में फ्यूल पंप और ECU जैसे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होते हैं। जिन्हें चलने के लिए कम से कम थोड़ी बैटरी पावर चाहिए।
अगर कंसोल पूरी तरह डेड है। यानी न लाइट, न फ्यूल पंप की आवाज, तो पुश स्टार्ट काम नहीं करता। इसी वजह से कई राइडर्स आजकल पोर्टेबल जंप-स्टार्टर साथ रखते हैं।

जंप-स्टार्ट करने का सही तरीका क्या है?
अगर बैटरी पूरी तरह बैठ गई है, तो जंप-स्टार्ट सबसे सुरक्षित उपाय है।

  • आप पोर्टेबल जंप-स्टार्टर इस्तेमाल कर सकते हैं

  • या किसी दूसरी 12V बैटरी से पावर ले सकते हैं

जरूरी सावधानी: अगर कार की बैटरी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कार का इंजन बंद रखें। चालू कार से ज्यादा करंट आ सकता है, जो बाइक के इलेक्ट्रॉनिक्स को नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या अकेले होने पर कोई और तरीका है?
हां, एक पुराना लेकिन काम का तरीका है- सेंटर-स्टैंड रियर व्हील स्पिन तकनीक।

यह कैसे किया जाता है?

  • बाइक को सेंटर स्टैंड पर लगाएं

  • चौथे या पांचवें गियर में डालें

  • इग्निशन ON करें

  • पीछे के पहिए को आगे की ओर पूरी ताकत से घुमाएं

यह किक-स्टार्ट जैसा असर देता है। मेहनत लगती है और सावधानी जरूरी है, लेकिन आपात स्थिति में काम आ सकता है।

स्कूटर और ऑटोमैटिक बाइक्स अलग क्यों हैं?
गियरलेस स्कूटर और ऑटोमैटिक बाइक्स को पुश-स्टार्ट नहीं किया जा सकता। उनकी ट्रांसमिशन तभी जुड़ती है, जब इंजन पहले से चल रहा हो।
ऐसे मामलों में केवल जंप-स्टार्ट, बैटरी बदलना या रोडसाइड असिस्टेंस ही विकल्प है।

बैटरी खराब होने से पहले कौन से संकेत मिलते हैं?
स्टार्ट सिस्टम अचानक बंद नहीं हो जाता। यह अक्सर पहले कुछ संकेत देता है। जैसे-

  • स्टार्ट करते समय धीमी आवाज

  • आइडल पर हेडलाइट का डिम होना

  • हॉर्न कमजोर लगना

  • कंसोल का झिलमिलाना

ये सब बताते हैं कि बैटरी डिस्चार्ज हो रही है।

बैटरी से जुड़ी सही आदतें क्यों जरूरी हैं?
अधिकतर बाइक बैटरियां 3-4 साल चलती हैं। पूरी तरह खराब होने से पहले बदल देना, सड़क पर फंसने से कहीं बेहतर और सस्ता होता है।
नियमित राइडिंग भी जरूरी है। जो बाइक्स हफ्तों तक खड़ी रहती हैं, उनमें स्टार्ट की समस्या ज्यादा आती है।

आज की बाइक्स में किक क्यों याद आती है?
आधुनिक बाइक्स भले ही हल्की, साफ और टेक्नोलॉजी से भरपूर हो गई हों, लेकिन किक-स्टार्टर के हटने से एक मैकेनिकल बैकअप भी चला गया है।
राइडिंग में आजादी सबसे बड़ी चीज है। और कई बार सड़क पर लौटने के लिए बस थोड़ी रफ्तार, सही गियर और सही समय पर क्लच छोड़ने का भरोसा ही काफी होता है। 

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