Traffic Violations: हर महीने 20 हजार चालान कम, जानें NH-44 पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का कैसे हो रहा असर
राज्य पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 2025 में नेशनल हाईवे-44 के हरियाणा हिस्से पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के लिए लगभग पांच लाख चालान जारी किए गए।
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वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा में हरियाणा पुलिस ने नेशनल हाईवे-44 (NH-44) के राज्य हिस्से पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर करीब पांच लाख चालान जारी किए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम रही है।
CCTV और ANPR से बदली ट्रैफिक व्यवस्था
अंबाला से सोनीपत तक NH-44 पर सीसीटीवी और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों के पालन में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है। पुलिस का कहना है कि परियोजना के पहले ही वर्ष में सड़क सुरक्षा और नियमों के प्रति लोगों की जागरूकता में सकारात्मक बदलाव आया है।
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ऑनलाइन चालानों में आई कमी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि, 2025 में NH-44 पर ANPR कैमरों के जरिए कुल 4,84,617 ऑनलाइन चालान जारी किए गए। उन्होंने बताया कि परियोजना के शुरुआती दौर, खासकर फरवरी और मार्च 2025 में, हर महीने औसतन 50,000 चालान काटे जा रहे थे।
हालांकि, लगातार प्रवर्तन, तकनीक आधारित निगरानी और व्यापक जन-जागरूकता अभियानों के चलते अब यह संख्या घटकर औसतन 30,000 चालान प्रति माह रह गई है। यानी हर महीने करीब 20,000 चालानों की कमी दर्ज की गई है, जो दर्शाती है कि लोग अब स्वेच्छा से ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहे हैं।
अपराध नियंत्रण में भी मददगार साबित हुई परियोजना
डीजीपी ने कहा कि यह तकनीकी व्यवस्था सिर्फ ट्रैफिक मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रही, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी इसकी अहम भूमिका रही है। हाईवे पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और वाहनों की पहचान में यह सिस्टम कारगर साबित हुआ है।
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कर्नाल कंट्रोल रूम से हो रही है निगरानी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक एवं हाईवे) हरदीप दून के अनुसार, यह परियोजना 25 जनवरी 2025 को कर्नाल स्थित सेंट्रल कंट्रोल रूम से शुरू की गई थी। कुंडली (सोनीपत) बॉर्डर से लेकर शंभू (अंबाला) बॉर्डर तक संवेदनशील स्थानों पर कुल 128 अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं।
128 हाई-टेक कैमरों का नेटवर्क
इनमें शामिल हैं-
- 72 ANPR कैमरे
- 18 एविडेंस कैमरे
- 38 सर्विलांस कैमरे
ये सभी कैमरे हरियाणा पुलिस के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे, मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्नाल कंट्रोल रूम में 24×7 काम करने वाली तकनीकी टीम इस परियोजना की सफलता की बड़ी वजह हैं।
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जनता से अपील: सड़क सुरक्षा साझा जिम्मेदारी
डीजीपी अजय सिंघल ने जनता से अपील की कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व है। उन्होंने वाहन चालकों से स्पीड लिमिट का पालन करने, लेन डिसिप्लिन बनाए रखने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने और हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का आग्रह किया।
सफलता नागरिकों के सहयोग पर निर्भर
हरियाणा पुलिस का कहना है कि तकनीक के जरिए ट्रैफिक को सुरक्षित बनाना संभव है, लेकिन इसकी सफलता नागरिकों के सहयोग पर निर्भर करती है। NH-44 पर चालानों में आई कमी यह संकेत देती है कि सख्त निगरानी और जागरूकता से सड़क सुरक्षा में ठोस सुधार लाया जा सकता है।
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