यूरोप के ऑटोमोबाइल बाजार में चीनी कार निर्माताओं की मौजूदगी अब नजरअंदाज करने लायक नहीं रही। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में यूरोप में बिकने वाली हर 10 में से लगभग 1 पैसेंजर कार चीन में बनी थी। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। और इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहनों की तेज बिक्री ने इस रफ्तार को और मजबूती दी है।
EV: ईवी बूम के साथ यूरोप के कार बाजार में चीनी ब्रांड्स की बड़ी छलांग, हर 10 में एक कार चीन में बनी
पिछले महीने यूरोप में बिकने वाली हर 10 पैसेंजर कारों में से लगभग एक चीनी ऑटोमेकर्स ने बनाई थी। यह एक रिकॉर्ड शेयर है। जो हाइब्रिड और बैटरी से चलने वाली गाड़ियों की तेज बिक्री की वजह से हुई तेजी से ग्रोथ वाले साल का नतीजा है।
EV और हाइब्रिड सेगमेंट में सबसे ज्यादा पकड़
चीनी कंपनियों की सबसे बड़ी ताकत यूरोप के इलेक्ट्रिफाइड कार सेगमेंट में देखने को मिल रही है। बैटरी तकनीक में बढ़त के दम पर चीन की कंपनियों ने स्पेन, ग्रीस, इटली और ब्रिटेन जैसे बाजारों में ग्राहकों को तेजी से आकर्षित किया है।
डेटाफोर्स के विश्लेषक जूलियन लिट्जिंगर के मुताबिक, दक्षिणी यूरोप में चीनी कारों को इतनी जल्दी अपनाया जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। खासकर ईवी सेगमेंट में उपभोक्ताओं की ब्रांड के प्रति लचीलापन चीनी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
इलेक्ट्रिफाइड कार बाजार में हिस्सेदारी दोगुनी
दिसंबर में यूरोप के इलेक्ट्रिफाइड कार बाजार में चीनी ब्रांड्स की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत रही, जबकि पूरे 2025 के लिए यह औसतन 11 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह 2024 की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा है।
इस ग्रोथ में BYD (बीवाईडी), SAIC Motor (SAIC मोटर), Chery Automobile (चेरी ऑटोमोबाइल) और Leapmotor (लीपमोटर) जैसे ब्रांड्स की अहम भूमिका रही।
अगर उन गाड़ियों को भी गिना जाए, जो चीन में बनती हैं लेकिन Tesla (टेस्ला), Volkswagen (फॉक्सवैगन) या BMW (बीएमडब्ल्यू) जैसे गैर-चीनी ब्रांड्स के नाम से बिकती हैं, तो 2025 में यूरोप में बिकने वाली हर सातवीं इलेक्ट्रिफाइड कार चीन में बनी थी।
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यूरोपीय ऑटो उद्योग पर बढ़ता दबाव
चीन की बढ़ती मौजूदगी यूरोप के ऑटो उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। यह सेक्टर यूरोप में 1.3 करोड़ से ज्यादा नौकरियों से जुड़ा है और आर्थिक स्थिरता की रीढ़ माना जाता है।
इटली की ऑटो ट्रेड बॉडी Anfia के प्रमुख और Brembo के एग्जीक्यूटिव रोबर्टो वावासोरी का कहना है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो पिछले 18 महीनों में खत्म हुई 1.1 लाख से ज्यादा नौकरियों की भरपाई मुश्किल होगी।
यूरोप बना चीनी कंपनियों का सबसे बड़ा मौका
अमेरिकी बाजार में कड़े प्रतिबंध और घरेलू बाजार में ज्यादा उत्पादन के चलते चीनी कार निर्माता यूरोप पर और ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। BYD ने जनवरी में कहा कि वह चीन के बाहर अपनी डिलीवरी इस साल करीब 25 प्रतिशत बढ़ाना चाहता है।
कुछ यूरोपीय कंपनियों ने जवाबी रणनीति के तौर पर किफायती ईवी लॉन्च करने शुरू किए हैं। जैसे स्टेलेंटिस की सिट्रोएन ई-सी3 और रेनो की आने वाली ट्विंगो। इसके बावजूद चीन की रफ्तार ने कई पुराने गैर-यूरोपीय ब्रांड्स के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
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लोकल मैन्युफैक्चरिंग और साझेदारी की रणनीति
चीन की कंपनियां सिर्फ कारें बेचने तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। बीवाईडी, चेरी और लीपमोटर जैसी कंपनियां यूरोप में फैक्ट्रियां, डिजाइन सेंटर और जॉइंट वेंचर शुरू कर रही हैं। स्टेलेंटिस इस साल स्पेन में लीपमोटर की कारों का उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है।
बीवाईडी के यूरोपीय सलाहकार अल्फ्रेडो अल्टाविला के मुताबिक, कंपनी का लक्ष्य खुद को “यूरोपीय निर्माता” के तौर पर स्थापित करना है, न कि सिर्फ आयातक के रूप में।
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