हवा में उड़ने वाली वैन: चीनी कंपनी एक्सपेंग ला रही है लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर, गाड़ी में है पर्सनल एयरक्राफ्ट
Electric Van with Aircraft: चीन की ईवी कंपनी एक्सपेंग ने लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर नाम से एक अनोखी इलेक्ट्रिक वैन पेश की है। इसमें छह-रोटर वाला पर्सनल VTOL एयरक्राफ्ट शामिल है। 965 किमी तक की रेंज देने वाली यह छह-पहिया वैन एयरक्राफ्ट को चार्ज और स्टोर भी कर सकती है। कंपनी का दावा है कि यह सिर्फ कॉन्सेप्ट नहीं बल्कि प्री-प्रोडक्शन मॉडल है और इसे इसी साल प्रोडक्शन में लाया जा सकता है।
विस्तार
चीन की इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता Xpeng ने एक ऐसा कॉन्सेप्ट वैन पेश की है जिसमें एक पर्सनल एयरक्राफ्ट आता है। एयरक्राफ्ट भी इस वैन का ही हिस्सा है, जो वैन में जुड़ा रहता है। इस एयक्राफ्ट को वैन से अलग किया जा सकता है और पर्सनल जरूरत के लिए इस्तेमाल भी किया जा सकता है। कंपनी का नया प्रोजेक्ट लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर एक छह पहियों वाली इलेक्ट्रिक वैन है। इसके पीछे के हिस्से में एक पर्सनल एयरक्राफ्ट रखा गया है। कंपनी का दावा है कि यह सिर्फ शोपीस कॉन्सेप्ट नहीं है बल्कि प्री-प्रोडक्शन रेडी वाहन है और इसी साल ग्राहकों के लिए इसका निर्माण शुरू किया जा सकता है।
965 किमी तक की रेंज वाली इलेक्ट्रिक वैन
ये छह-पहियों वाली लंबी इलेक्ट्रिक वैन एक्सटेंडेड-रेंज पावरट्रेन से लैस है। इसमें इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम के साथ एक जनरेटर भी दिया गया है, जो मिलकर लगभग 965 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देने में सक्षम है। वैन में चार सीटों का कॉन्फिगरेशन है और पीछे की तरफ कोच-स्टाइल दरवाजे दिए गए हैं। इसके रियर हिस्से में एक सीलबंद कम्पार्टमेंट बनाया गया है, जहां एयरक्राफ्ट को सुरक्षित तरीके से रखा और चार्ज किया जाता है। कंपनी का विजन है कि ग्राहक शहर के बाहरी इलाके या किसी खूबसूरत लोकेशन तक वैन से जाएं और फिर ट्रैफिक से बचने या दुर्गम जगहों तक पहुंचने के लिए हवा का रास्ता चुन सकें।
छह-रोटर वाला पर्सनल एयरक्राफ्ट
इस वैन का सबसे खास हिस्सा छह-रोटर वाला इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट है, जिसे एक्सपेंग की सहायक कंपनी एरिज (Aridge) ने विकसित किया है। इसकी कुछ मुख्य खूबियां हैं:
- एक व्यक्ति के बैठने की क्षमता
- वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग (VTOL)
- ऑटोनॉमस मोड या पायलट इनपुट के साथ संचालन
- वैन के कार्गो बे में फिट होने के लिए फोल्ड होने वाले रोटर
जब एयरक्राफ्ट इस्तेमाल नहीं किया जा रहा होता तो इसके रोटर फोल्ड होकर अंदर चले जाते हैं। यह वैन के कार्गो एरिया में स्लाइड होकर स्टोर हो जाता है। वहीं इसे वैन के सिस्टम से चार्ज भी किया जाता है। कंपनी के अनुसार, पूरा डिप्लॉय और स्टो प्रक्रिया ऑटोमेटेड है और सिर्फ वन-टच कंट्रोल के जरिए एयरक्राफ्ट को उड़ान के लिए तैयार किया जा सकता है।
7000 से ज्यादा ऑर्डर, प्रोडक्शन की तैयारी
एक्सपेंग इस प्रोजेक्ट को गंभीरता से प्रोडक्शन प्रोग्राम की तरह ले रही है। कंपनी का दावा है कि चीन में करीब 7000 ग्राहकों ने इसके लिए ऑर्डर दिए हैं। यूरोप में भी कंपनी के अधिकारी कह चुके हैं कि नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद उनकी फैक्ट्री इस मॉडल का उत्पादन करने के लिए तैयार है।
एविएशन नियम हैं सबसे बड़ी चुनौती
इस अनोखे वाहन के सामने सबसे बड़ा सवाल एविएशन नियमों को लेकर है। खरीदार को किस तरह का लाइसेंस चाहिए होगा? इस वाहन को कानूनी रूप से किस श्रेणी में रखा जाएगा, कार या विमान? ये सभी मुद्दे अभी स्पष्ट नहीं हैं। फिर भी कंपनी के नेतृत्व ने अपने मैनेजमेंट टीम से इस एयरक्राफ्ट को उड़ाना सीखने को कहा है। ये इस बात का संकेत है कि ब्रांड को भरोसा है कि भविष्य में ग्राहक इस वैन और एयरक्राफ्ट के इस अनोखे कॉम्बो का वास्तविक जीवन में उपयोग करेंगे।
क्या ये बन सकती है भविष्य की मोबिलिटी?
लैंड एयरक्राफ्ट कैरियर दिखाता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और पर्सनल एविएशन का मेल भविष्य में ट्रांसपोर्टेशन का नया अध्याय खोल सकता है। अगर नियामक की मंजूरी मिल जाती है तो यह वाहन शहरों में ट्रैफिक से राहत और दूरदराज इलाकों तक तेज पहुंच का नया विकल्प बन सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह उड़ने वाली वैन सड़कों और आसमान में कब नजर आती है।