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मारुति कार खरीदने का है प्लान?: जून से जेब पर पड़ेगा भारी बोझ, ₹30,000 तक बढ़ रहे हैं दाम
Thu, 21 May 2026 06:52 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 21 May 2026 06:52 PM IST
सार
लागत और नीतिगत दबावों के कारण भारतीय कार बाजार की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी ने जून 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में ₹30,000 तक की बढ़ोतरी का फैसला किया है। पिछले साल जीएसटी 2.0 के बाद मिली बड़ी राहत के बाद, अब चौतरफा महंगाई के चलते ग्राहकों पर यह नया वित्तीय बोझ पड़ने जा रहा है। कंपनी ने क्या कहा है? खबर में जानिए...
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बढ़ने वाली है मारुति गाड़ियों की कीमत
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अगर आप भी आने वाले दिनों में मारुति की नई कार घर लाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। भारतीय कार बाजार की अगुआ कंपनी मारुति सुजुकी ने अगले महीने यानी जून 2026 से अपनी सभी गाड़ियों की कीमतें ₹30,000 तक बढ़ाने का बड़ा एलान कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने मई के बचे हुए दिनों में बुकिंग नहीं की, तो जून से आपको अपनी पसंदीदा मारुति कार के लिए अच्छी-खासी जेब ढीली करनी पड़ेगी। कंपनी ने इसके पीछे बढ़ते आर्थिक दबाव और प्रोडक्शन लागत को मुख्य वजह बताया है।
लागत और महंगाई का दोहरा दबाव
मारुति सुजुकी इंडिया ने शेयर बाजार को दी गई एक विनियामक फाइलिंग यानी दस्तावेज में इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि की है। कंपनी ने साफ किया कि जून 2026 से उसके पूरे पोर्टफोलियो में शामिल अलग-अलग मॉडलों की कीमतें ₹30,000 तक बढ़ जाएंगी। कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से आंतरिक स्तर पर लागत को नियंत्रित करने के तमाम उपाय किए जा रहे थे। कंपनी लगातार कोशिश कर रही थी कि बढ़ती लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर न पड़े।
यह भी पढ़ें: महंगाई का असर: खपत की रफ्तार थामी तो विकास दर को लग सकता है झटका; FMCG मांग में सुस्ती की आशंका ने बढ़ाई चिंता
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ग्राहकों पर न्यूनतम असर डालने की कोशिश
वाहन निर्माता कंपनी ने बयान में आगे कहा कि अब महंगाई का स्तर बेहद ऊंचे पायदान पर पहुंच चुका है। इसके साथ ही लागत से जुड़ा प्रतिकूल माहौल भी लगातार बना हुआ है। ऐसी स्थिति में कंपनी के पास बढ़ी हुई उत्पादन लागत का एक हिस्सा बाजार यानी ग्राहकों पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हालांकि, कंपनी ने यह भरोसा भी दिलाया है कि कीमतों में इस तरह से बदलाव किया जा रहा है जिससे ग्राहकों पर इसका असर कम से कम पड़े।
एस-प्रेसो से लेकर इनविक्टो तक पर असर
मौजूदा समय में मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में वाहनों की एक बड़ी रेंज बेचती है। इसमें शुरुआती स्तर की कार एस-प्रेसो से लेकर प्रीमियम यूटिलिटी व्हीकल इनविक्टो शामिल हैं। इन गाड़ियों की एक्स-शोरूम कीमत ₹3.49 लाख से शुरू होकर ₹28.7 लाख तक जाती है। आगामी जून महीने से इस पूरे सेगमेंट की गाड़ियों के लिए ग्राहकों को जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
पिछले साल दी थी बड़ी राहत
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल सितंबर में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने ग्राहकों को भारी राहत दी थी। तब मारुति ने अपने एंट्री-लेवल मॉडल एस-प्रेसो की कीमतों में ₹1,29,600 तक की कटौती की थी। इसके अलावा ऑल्टो के10 के दाम ₹1,07,600 तक, सेलेरियो के दाम ₹94,100 और वैगन-आर की कीमतें ₹79,600 तक घटाई गई थीं। लेकिन अब महंगाई के चलते कंपनी कीमतें दोबारा बढ़ाने पर मजबूर हुई है।
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लागत और महंगाई का दोहरा दबाव
मारुति सुजुकी इंडिया ने शेयर बाजार को दी गई एक विनियामक फाइलिंग यानी दस्तावेज में इस मूल्य वृद्धि की आधिकारिक पुष्टि की है। कंपनी ने साफ किया कि जून 2026 से उसके पूरे पोर्टफोलियो में शामिल अलग-अलग मॉडलों की कीमतें ₹30,000 तक बढ़ जाएंगी। कंपनी के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से आंतरिक स्तर पर लागत को नियंत्रित करने के तमाम उपाय किए जा रहे थे। कंपनी लगातार कोशिश कर रही थी कि बढ़ती लागत का बोझ आम उपभोक्ताओं पर न पड़े।
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ग्राहकों पर न्यूनतम असर डालने की कोशिश
वाहन निर्माता कंपनी ने बयान में आगे कहा कि अब महंगाई का स्तर बेहद ऊंचे पायदान पर पहुंच चुका है। इसके साथ ही लागत से जुड़ा प्रतिकूल माहौल भी लगातार बना हुआ है। ऐसी स्थिति में कंपनी के पास बढ़ी हुई उत्पादन लागत का एक हिस्सा बाजार यानी ग्राहकों पर डालने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। हालांकि, कंपनी ने यह भरोसा भी दिलाया है कि कीमतों में इस तरह से बदलाव किया जा रहा है जिससे ग्राहकों पर इसका असर कम से कम पड़े।
एस-प्रेसो से लेकर इनविक्टो तक पर असर
मौजूदा समय में मारुति सुजुकी भारतीय बाजार में वाहनों की एक बड़ी रेंज बेचती है। इसमें शुरुआती स्तर की कार एस-प्रेसो से लेकर प्रीमियम यूटिलिटी व्हीकल इनविक्टो शामिल हैं। इन गाड़ियों की एक्स-शोरूम कीमत ₹3.49 लाख से शुरू होकर ₹28.7 लाख तक जाती है। आगामी जून महीने से इस पूरे सेगमेंट की गाड़ियों के लिए ग्राहकों को जेब ज्यादा ढीली करनी होगी।
पिछले साल दी थी बड़ी राहत
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले साल सितंबर में जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद कंपनी ने ग्राहकों को भारी राहत दी थी। तब मारुति ने अपने एंट्री-लेवल मॉडल एस-प्रेसो की कीमतों में ₹1,29,600 तक की कटौती की थी। इसके अलावा ऑल्टो के10 के दाम ₹1,07,600 तक, सेलेरियो के दाम ₹94,100 और वैगन-आर की कीमतें ₹79,600 तक घटाई गई थीं। लेकिन अब महंगाई के चलते कंपनी कीमतें दोबारा बढ़ाने पर मजबूर हुई है।