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NHTSA Report: इस SUV के इंजन में बड़ी खामी, आग लगने का भी खतरा, कंपनी ने वापस मंगाई 6.4 लाख यूनिट; जानें मामला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति
Updated Sat, 21 Feb 2026 03:36 PM IST
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सार
Nissan Rogue Engine Recall: अमेरिका की सेफ्टी एजेंसी ने निसान रॉग एसयूवी को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। बताया कि इंजन और थ्रॉटल सिस्टम से जुड़ी दो गंभीर तकनीकी खामियों के चलते लाखों वाहन प्रभावित हो सकते हैं। कंपनी अब इन गाड़ियों को रिकॉल कर मुफ्त में सुधार करने की तैयारी कर रही है। जानिए इसके बारे में विस्तार से...
निसान रॉग एसयूवी रिकॉल
- फोटो : nissan usa
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विस्तार
अमेरिका की सेफ्टी एजेंसी नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के अनुसार, निसान मोटर्स करीब 6,40,000 से अधिक वाहनों को दो अलग-अलग रिकॉल के तहत वापस बुला रही है। 2023–2025 मॉडल ईयर की 3,23,917 निसान रॉग एसयूवी में इंजन बेयरिंग फेलियर की समस्या पाई गई है, जबकि 2024–2025 मॉडल ईयर की 3,18,781 रॉग गाड़ियों में थ्रॉटल बॉडी गियर टूटने की आशंका है। दोनों ही मामलों में ड्राइव पावर खोने और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि ऑटो इंडस्ट्री में रिकॉल आम बात है, लेकिन जब एक ही मॉडल में इंजन और गियर से जुड़ी दो बड़ी तकनीकी समस्याएं सामने आएं, तो मामला गंभीर हो जाता है। यहां मुद्दा सिर्फ परफॉर्मेंस का नहीं, बल्कि संभावित सेफ्टी रिस्क का है।
इंजन में क्या समस्या है ?
प्रभावित 2023–2025 रॉग मॉडल में 1.5-लीटर KR15DDT वेरिएबल कम्प्रेशन (VC Turbo) तीन-सिलेंडर इंजन लगा है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें संभावित बेयरिंग फेलियर, गर्म इंजन ऑयल का रिसाव (हॉट ऑयल डिस्चार्ज), इंजन में आग लगने का खतरा और चलते समय ड्राइव पावर खत्म होने की आशंका है। इसलिए डीलर्स को निर्देश दिया गया है कि वे इंजन कंट्रोल सॉफ्टवेयर रीप्रोग्राम आयोजित करें। साथ ही डायग्र्नोस्टिक जांच करें और टेस्ट ड्राइव के जरिए समस्या की पुष्टि करें। ये सारी ग्राहकों के लिए फ्री में होगी।
ये भी पढ़े: Launches This Week: बीएमडब्ल्यू X3 से लेकर मारुति ई-विटारा तक; इस हफ्ते लॉन्च हुई नई कारों और बाइक्स पर एक नजर
थ्रॉटल बॉडी गियर क्यों बन रहा चिंता का कारण?
दूसरे रिकॉल में 2024–2025 रॉग मॉडल शामिल हैं। समस्याओं की बात करें तो इनमें थ्रॉटल बॉडी गियर में फ्रैक्चर, एक्सीलेरेशन पर पावर लॉस और रीस्टार्ट के समय गियर एंगेज न होने की दिक्कत मानी जा रही है। ऐसे में वाहन अचानक से गति खो सकता है और अनियंत्रित होने से दुर्घटना की संभावना बड़ सकती है। इसलिए ये एक बड़ी चिंता का कारण बना है।
सुरक्षा के लिए डोर स्ट्राइकर की जांच
सिर्फ इंजन ही नहीं, निसान की सुरक्षा पर सवालिया निशान तब भी लगा था जब जनवरी 2026 में सेंट्रा, अल्टिमा और फ्रंटियर जैसे मॉडलों को रिकॉल किया गया था। इनमें डोर स्ट्राइकर्स (दरवाजे को बंद रखने वाला हुक) की वेल्डिंग कमजोर थी। एक्सीडेंट के समय ये टूट सकते थे, जिससे दरवाजा खुल सकता था और यात्री को गंभीर चोट लग सकती थी।
ग्राहकों को कब मिलेगी सूचना?
अगर आप निसान रॉग के मालिक हैं, तो कंपनी आपको मार्च 2026 से मेल के जरिए आधिकारिक सूचना भेजना शुरू करेगी। तब तक आप निसान की आधिकारिक वेबसाइट या NHTSA के पोर्टल पर अपनी गाड़ी का VIN (Vehicle Identification Number) डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
पहले भी आया था सेफ्टी अलर्ट
जनवरी में भी कंपनी ने 26,000 से ज्यादा वाहनों को स्ट्राइकर वेल्डिंग समस्या की वजह से रिकॉल किया था, जिसमें निसान सेंट्रा, निसान अल्टिमा, निसान फ्रंटियर और निसान किक्स शामिल थे। डोर स्ट्राइकर वाहन की महत्वपूर्ण सेफ्टी यूनिट है, जो टक्कर के दौरान दरवाजों को बंद रखती है। वेल्डिंग कमजोर होने पर दरवाजा खुल सकता है और चोट का जोखिम बढ़ सकता है।
ये भी पढ़े: Traffic: कोलकाता में वाहन पंजीकरण ने तोड़ा रिकॉर्ड, ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर दबाव, ट्रैफिक जाम की चिंता बढ़ी
ऑटो इंडस्ट्री में रिकॉल क्यों जरूरी?
अक्सर लोगों को भ्रम होता है कि रिकॉल का मतलब वाहन असुरक्षित होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये एक प्रिवेंटिव एक्शन हाेता है। ऑटो कंपनियां फील्ड डाटा और ग्राहक शिकायतों का विश्लेषण करती हैं, सेफ्टी एजेंसियों के साथ मिलकर जोखिम का आकलन करती हैं और संभावित खतरे को कम करने के लिए मुफ्त सुधार उपलब्ध कराती हैं। ये प्रक्रिया ब्रांड की विश्वसनीयता बनाए रखने में भी अहम होती है।
वाहन मालिक क्या करें?
अगर आपके पास 2023–2025 रॉग है तो वीआईएन नंबर से स्टेटस चेक करें। किसी अधिकृत डीलर से अपॉइंटमेंट लें और किसी असामान्य आवाज, पावर लॉस या इंजन स्मेल को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। एक्सपर्ट्स के अनुसार 6.4 लाख से ज्यादा गाड़ियों का रिकॉल यह दिखाता है कि मॉडर्न टर्बो इंजन और इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल सिस्टम जैसे एडवांस्ड कंपोनेंट्स में सटीक इंजीनियरिंग कितनी अहम है। तकनीक जितनी जटिल होती जा रही है, सेफ्टी मॉनिटरिंग उतनी ही जरूरी बनती जा रही है।
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इंजन में क्या समस्या है ?
प्रभावित 2023–2025 रॉग मॉडल में 1.5-लीटर KR15DDT वेरिएबल कम्प्रेशन (VC Turbo) तीन-सिलेंडर इंजन लगा है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें संभावित बेयरिंग फेलियर, गर्म इंजन ऑयल का रिसाव (हॉट ऑयल डिस्चार्ज), इंजन में आग लगने का खतरा और चलते समय ड्राइव पावर खत्म होने की आशंका है। इसलिए डीलर्स को निर्देश दिया गया है कि वे इंजन कंट्रोल सॉफ्टवेयर रीप्रोग्राम आयोजित करें। साथ ही डायग्र्नोस्टिक जांच करें और टेस्ट ड्राइव के जरिए समस्या की पुष्टि करें। ये सारी ग्राहकों के लिए फ्री में होगी।
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थ्रॉटल बॉडी गियर क्यों बन रहा चिंता का कारण?
दूसरे रिकॉल में 2024–2025 रॉग मॉडल शामिल हैं। समस्याओं की बात करें तो इनमें थ्रॉटल बॉडी गियर में फ्रैक्चर, एक्सीलेरेशन पर पावर लॉस और रीस्टार्ट के समय गियर एंगेज न होने की दिक्कत मानी जा रही है। ऐसे में वाहन अचानक से गति खो सकता है और अनियंत्रित होने से दुर्घटना की संभावना बड़ सकती है। इसलिए ये एक बड़ी चिंता का कारण बना है।
सुरक्षा के लिए डोर स्ट्राइकर की जांच
सिर्फ इंजन ही नहीं, निसान की सुरक्षा पर सवालिया निशान तब भी लगा था जब जनवरी 2026 में सेंट्रा, अल्टिमा और फ्रंटियर जैसे मॉडलों को रिकॉल किया गया था। इनमें डोर स्ट्राइकर्स (दरवाजे को बंद रखने वाला हुक) की वेल्डिंग कमजोर थी। एक्सीडेंट के समय ये टूट सकते थे, जिससे दरवाजा खुल सकता था और यात्री को गंभीर चोट लग सकती थी।
ग्राहकों को कब मिलेगी सूचना?
अगर आप निसान रॉग के मालिक हैं, तो कंपनी आपको मार्च 2026 से मेल के जरिए आधिकारिक सूचना भेजना शुरू करेगी। तब तक आप निसान की आधिकारिक वेबसाइट या NHTSA के पोर्टल पर अपनी गाड़ी का VIN (Vehicle Identification Number) डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
पहले भी आया था सेफ्टी अलर्ट
जनवरी में भी कंपनी ने 26,000 से ज्यादा वाहनों को स्ट्राइकर वेल्डिंग समस्या की वजह से रिकॉल किया था, जिसमें निसान सेंट्रा, निसान अल्टिमा, निसान फ्रंटियर और निसान किक्स शामिल थे। डोर स्ट्राइकर वाहन की महत्वपूर्ण सेफ्टी यूनिट है, जो टक्कर के दौरान दरवाजों को बंद रखती है। वेल्डिंग कमजोर होने पर दरवाजा खुल सकता है और चोट का जोखिम बढ़ सकता है।
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ऑटो इंडस्ट्री में रिकॉल क्यों जरूरी?
अक्सर लोगों को भ्रम होता है कि रिकॉल का मतलब वाहन असुरक्षित होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये एक प्रिवेंटिव एक्शन हाेता है। ऑटो कंपनियां फील्ड डाटा और ग्राहक शिकायतों का विश्लेषण करती हैं, सेफ्टी एजेंसियों के साथ मिलकर जोखिम का आकलन करती हैं और संभावित खतरे को कम करने के लिए मुफ्त सुधार उपलब्ध कराती हैं। ये प्रक्रिया ब्रांड की विश्वसनीयता बनाए रखने में भी अहम होती है।
वाहन मालिक क्या करें?
अगर आपके पास 2023–2025 रॉग है तो वीआईएन नंबर से स्टेटस चेक करें। किसी अधिकृत डीलर से अपॉइंटमेंट लें और किसी असामान्य आवाज, पावर लॉस या इंजन स्मेल को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। एक्सपर्ट्स के अनुसार 6.4 लाख से ज्यादा गाड़ियों का रिकॉल यह दिखाता है कि मॉडर्न टर्बो इंजन और इलेक्ट्रॉनिक थ्रॉटल सिस्टम जैसे एडवांस्ड कंपोनेंट्स में सटीक इंजीनियरिंग कितनी अहम है। तकनीक जितनी जटिल होती जा रही है, सेफ्टी मॉनिटरिंग उतनी ही जरूरी बनती जा रही है।
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