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Budget 2026 Expectations: बजट 2026 में क्या इलेक्ट्रिक कारें होंगी सस्ती? मिडिल क्लास को राहत का इंतजार

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Sat, 31 Jan 2026 02:51 PM IST
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सार

1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 को देखते हुए, उम्मीदें ज्यादा हैं कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाने की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा सकती है। 

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Electric Car - फोटो : Tesla
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विस्तार
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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि उपभोक्ता अब साफ और किफायती मोबिलिटी विकल्प तलाश रहे हैं। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 से उम्मीदें इसलिए भी ज्यादा हैं कि यह ईवी अपनाने की रफ्तार को और तेज कर सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से खासकर एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार खरीदने वाले मिडिल क्लास को बड़ी राहत की आस है।
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किफायती ईवी के लिए ऑटो इंडस्ट्री की मांग
बजट से पहले ऑटोमोबाइल कंपनियों ने सरकार के सामने अपनी प्राथमिकताएं रखी हैं। टाटा मोटर्स का कहना है कि प्रीमियम और हाई-एंड ईवी सेगमेंट में ग्रोथ दिख रही है, लेकिन किफायती, एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारें अब भी संघर्ष कर रही हैं। कंपनी के मुताबिक, बजट-फ्रेंडली ईवी पर लक्षित प्रोत्साहन दिए जाएं तो मांग बढ़ेगी और मिडिल क्लास को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, टैक्सी और कमर्शियल ईवी जैसे फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए समर्थन बढ़ाने की भी मांग की गई है।

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मौजूदा सरकारी पहलें
फिलहाल केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE (पीएम ई-ड्राइव) योजना चला रही है, जिसके लिए करीब 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हालांकि, इस स्कीम का फोकस मुख्य रूप से फ्लीट और कमर्शियल वाहनों पर है, जिससे निजी इलेक्ट्रिक कार खरीदारों को सीमित लाभ मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बजट 2026 में इस योजना का दायरा निजी पैसेंजर ईवी तक बढ़ाया जाता है, तो इलेक्ट्रिक कारों की प्रभावी कीमत में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

 

टैक्स, सब्सिडी और फाइनेंसिंग की अहम भूमिका
ईवी को किफायती बनाने के लिए सरकार के पास कई नीतिगत विकल्प हैं।
  • ईवी पर जीएसटी में कटौती और बेहतर सब्सिडी से कीमतें तुरंत कम हो सकती हैं।
  • कम ब्याज दर वाले लोन और आसान फाइनेंसिंग से पेट्रोल-डीजल कारों से ईवी की ओर शिफ्ट को बढ़ावा मिलेगा।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए अतिरिक्त बजटीय आवंटन भी संभावित खरीदारों की बड़ी चिंता दूर कर सकता है।

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आगे की राह
बजट 2026 में लिए गए फैसले भारत के ईवी परिदृश्य को नई दिशा दे सकते हैं। अगर प्रोत्साहन और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट बढ़ता है, तो निर्माता नई तकनीक में निवेश करेंगे और उत्पादन स्केल बढ़ेगा। इससे लागत घटेगी और इलेक्ट्रिक कारें ज्यादा लोगों की पहुंच में आएंगी। आर्थिक लाभ के साथ-साथ यह बदलाव प्रदूषण घटाने और हरित ऊर्जा लक्ष्यों को भी मजबूती देगा।

सबकी नजरें घोषणाओं पर!
अगर बजट से उम्मीदों के अनुरूप घोषणाएं होती हैं, तो आने वाले समय में किफायती इलेक्ट्रिक कारें भारतीय सड़कों पर आम नजर आ सकती हैं। जो देश की मोबिलिटी कहानी में एक बड़ा बदलाव संकेत करेगी। 

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