Ola Electric Layoff: ओला इलेक्ट्रिक में फिर छंटनी; पुनर्गठन के नाम पर 5% कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
Ola Electric Layoff: भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने अपने ऑपरेशंस में बड़े बदलाव की घोषणा करते हुए लगभग 5% कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम सर्विस क्वालिटी सुधारने, ग्राहकों का भरोसा मजबूत करने और भविष्य में मुनाफा हासिल करने की रणनीति का हिस्सा है।
विस्तार
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली मशहूर कंपनी ओला इलेक्ट्रिक एक बार फिर खबरों में है। कंपनी ने साफ किया है कि वह अपने कामकाज के तरीके में बदलाव कर रही है, जिसके चलते लगभग 5% कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। ओला यह कदम अपनी सर्विस को बेहतर बनाने, ग्राहकों का भरोसा जीतने और भविष्य में मुनाफा कमाने की चुनौतियों से निपटने के लिए उठा रही है।
क्यों हो रही है छंटनी?
ओला इलेक्ट्रिक का कहना है कि यह बदलाव बिजनेस को बेहतर बनाने की उनकी एक बड़ी योजना का हिस्सा है। कंपनी अपनी सर्विस को सुधारने और कामकाज को तेज करने पर ध्यान दे रही है। ओला के मुताबिक, उनकी नई 'हाइपरसर्विस' स्कीम की वजह से अब 80% से ज्यादा शिकायतें उसी दिन सुलझा ली जाती हैं। कंपनी अब मशीनों और ऑटोमेशन का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है ताकि काम बिना किसी गलती के हो सके। उनका मकसद एक छोटी लेकिन काबिल टीम बनाना है, जिससे कंपनी आने वाले समय में घाटे से बाहर निकलकर मुनाफा कमा सके।
छंटनी का पुराना सिलसिला
यह कोई पहली बार नहीं है जब भाविश अग्रवाल की कंपनी ओला ने कर्मचारियों को काम से निकाला है। इससे पहले मार्च 2025 में भी कंपनी ने खर्चे कम करने और अपने कामकाज के तरीके को सुधारने के लिए ऐसा ही किया था।
निवेशकों का घटता भरोसा?
एक तरफ जहां ओला कंपनी अपने कामकाज में बदलाव कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इसकी बड़ी निवेशक कंपनी सॉफ्टबैंक धीरे-धीरे ओला से अपना पैसा निकाल रही है। सॉफ्टबैंक ने पिछले कुछ महीनों में (3 सितंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच) कंपनी में अपने हिस्से के शेयर बेच दिए हैं, जिससे अब कंपनी में उसकी हिस्सेदारी घटकर केवल 13.53% रह गई है। इससे पहले भी जुलाई से सितंबर के बीच सॉफ्टबैंक ने अपनी हिस्सेदारी 17.83% से घटाकर 15.68% कर दी थी।
