Low Floor E-Bus: दिल्ली की सड़कों पर उतरीं स्मार्ट ई-बसें, सीएम ने दिखाई हरी झंडी, जानें कैसे बदलेगा आपका सफर
Delhi Electric Bus Launch: राजधानी की हवा को साफ करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान से नई लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को रवाना किया। ये दिल्ली में आने वाली कुल 950 बसों के बेड़े की पहली खेप है, जो न केवल प्रदूषण घटाएंगी बल्कि यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास कंफर्ट भी देंगी।
विस्तार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रामलीला मैदान से 272 नई लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री पंकज सिंह और डीटीसी व परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कहां-कहां चलेंगी ये बसें?
यह प्रोजेक्ट कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) के टेंडर के तहत पूरा किया जा रहा है। इन अत्याधुनिक बसों को तमिलनाडु की कंपनी स्विच मोबिलिटी ने मेक इन इंडिया पहल के तहत तैयार किया गया।
मुख्य डिपो: ये बसें ओखलास (SNP), जीटी रोड और राजघाट डिपो से संचालित होंगी।
मैनेजमेंट: ओम ग्लोबल मोबिलिटी इन बसों के ऑपरेशन और सर्विस की जिम्मेदारी संभालेगी।
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यात्रियों की सुविधा पर खास फोकस
इन नई स्विच EiV12 बसों को खास तौर पर आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है:
घुटने टेकने वाली तकनीक (Kneeling Function): ये बसें बोर्डिंग को आसान बनाने के लिए नीचे झुक सकती हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को चढ़ने में आसानी होगी।
व्हीलचेयर रैंप: दिव्यांगजनों और प्रैम वाले यात्रियों के लिए ऑटोमेटेड रैंप की सुविधा दी गई है।
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: स्विच आईओएन तकनीक के जरिए बस के 140 से अधिक पैरामीटर्स पर नजर रखी जाएगी।
फास्ट चार्जिंग: ड्यूल-गन चार्जिंग की वजह से ये बसें बहुत कम समय में चार्ज होकर सड़क पर लौटने के लिए तैयार हो जाती हैं।
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950 बसें क्या बदलेंगी तस्वीर?
जब सभी 950 इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह सड़कों पर उतरेंगी, तो दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट की क्षमता और भरोसे दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
मेड इन इंडिया का पहला हिस्सा
- समारोह के दौरान परिवहन मंत्री पंकज सिंह और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में बनी ये बसें मेक इन इंडिया फॉर द वर्ड पहल का हिस्सा हैं। साथ ही ये बसें शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) भी सुनिश्चित करेंगी। इससे शहर के शोर और वायु प्रदूषण में भारी कमी आएगी।
- स्विच मोबिलिटी सीईओ गणेश मणि ने कहा कि ये तैनाती दिल्ली के इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर है। हम भरोसेमंद और हाई-परफॉर्मेंस बसें देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।