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DTC: इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ी कमाई, डीटीसी की औसत मासिक आय में बड़ा उछाल

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 11 Feb 2026 01:26 PM IST
सार

दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (डीटीसी) की औसत मासिक आय पिछले वित्तीय वर्ष के 68 करोड़ रुपये के मुकाबले 2025-26 वित्तीय वर्ष में नवंबर तक बढ़कर 91 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

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Delhi Transport Corporation Revenue Grows on Higher Fleet Utilisation and EV Buses
DTC BUS - फोटो : Adobe stock

दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की औसत मासिक आय में इस वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नवंबर तक निगम की औसत मासिक कमाई 91 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा करीब 68 करोड़ रुपये था।



आय में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?
अधिकारियों के अनुसार, आय में वृद्धि के पीछे कई कारण हैं-

  • बेहतर फ्लीट उपयोग,
  • रूट रेशनलाइजेशन (मार्गों का पुनर्गठन),
  • और नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत।
इन कदमों से बसों का संचालन अधिक प्रभावी हुआ और यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ।

 

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Delhi Transport Corporation Revenue Grows on Higher Fleet Utilisation and EV Buses
DTC BUS - फोटो : Adobe Stock
टिकट आय का प्रदर्शन कैसा रहा?
वित्त वर्ष 2024-25 में डीटीसी की टिकट आय 326.8 करोड़ रुपये रही थी। वहीं, 2025-26 में नवंबर तक 238.4 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की जा चुकी है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष से आगे निकल सकता है।

औसत मासिक आय, जो पहले लगभग 68 करोड़ रुपये थी, अब बढ़कर 91.11 करोड़ रुपये हो गई है।

क्या गैर-टिकट आय भी बढ़ी है?
हां, टिकट के अलावा अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी हुई है।विशेष किराये (स्पेशल हायर) पर बस सेवाओं से पिछले वित्त वर्ष में 82 करोड़ रुपये की आय हुई थी। जबकि इस वर्ष नवंबर तक 65 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इससे सरकारी विभागों और अन्य संस्थाओं की बढ़ती मांग का संकेत मिलता है। 

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DTC BUS - फोटो : Adobe stock

विविध आय में कितना इजाफा हुआ?
विविध आय, जिसमें किराया प्राप्ति, कबाड़ निपटान और अन्य सहायक स्रोत शामिल हैं, भी डीटीसी की आय का अहम हिस्सा रही है।पिछले वित्त वर्ष में यह आय 98 करोड़ रुपये से अधिक थी। जबकि इस वर्ष नवंबर तक यह बढ़कर 144 करोड़ रुपये पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी निगम को वित्तीय राहत प्रदान कर रही है।

क्या बढ़ती आय से सभी वित्तीय चुनौतियां हल हो जाएंगी?
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आय सकारात्मक संकेत है, लेकिन केवल राजस्व वृद्धि से दीर्घकालिक वित्तीय चुनौतियों का समाधान नहीं होगा। लागत प्रबंधन और संचालन सुधार भी उतने ही जरूरी हैं। 

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DTC BUS - फोटो : Adobe stock

इलेक्ट्रिक बसों की भूमिका कितनी अहम रही?
अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों की ओर शिफ्ट होने से स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में दिल्ली में 4,000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं।

दिल्ली को कितनी बसों की जरूरत है?
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली को कुल 11,000 बसों की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक 7,000 से अधिक बसों का फ्लीट तैयार करना है।

वहीं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 2030 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 15,000 करने का लक्ष्य तय किया है।

इस अतिरिक्त लक्ष्य का उद्देश्य निजी वाहनों से लोगों को बस सेवाओं की ओर आकर्षित करना और बढ़ती आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखना है।

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