दिल्ली सरकार और ट्रैफिक पुलिस राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की तैयारी में हैं। प्रदूषण और जाम की समस्या से निपटने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
AI Traffic Challan: दिल्ली में एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू? अब अपने-आप कटेंगे चालान!
दिल्ली वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से निपटने के बड़े प्रयास के तहत अपने ट्रैफिक सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। शहर के एक्शन प्लान में AI-पावर्ड इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) शुरू करने का प्रस्ताव है। जानें इसके फायदे।
ITMS क्या है और कैसे काम करेगा?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह नया सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस एनालिटिक्स और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर आधारित होगा।
इसमें शामिल होंगे:
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स्मार्ट और एडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल
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ANPR कैमरों के जरिए नियम उल्लंघन की पहचान
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ऑटोमैटिक चालान जनरेशन
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रियल-टाइम ट्रैफिक कंट्रोल
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ट्रैफिक कर्मियों की मैन्युअल भूमिका में कमी
सरकार का लक्ष्य एक आधुनिक, स्केलेबल और तकनीक-आधारित ट्रैफिक व्यवस्था तैयार करना है, जिससे यात्रियों को बेहतर अनुभव मिले और उत्सर्जन में कमी आए।
स्मार्ट सिग्नल कब और कैसे लागू होंगे?
यह परियोजना दो वर्षों में तीन चरणों में लागू की जाएगी।
पहला चरण (12 महीनों में):
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5 ट्रैफिक कॉरिडोर
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250 एडैप्टिव सिग्नल जंक्शन
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271 प्रवर्तन बिंदु
दूसरा चरण (18 महीनों में):
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7 अतिरिक्त कॉरिडोर
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222 सिग्नल जंक्शन
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236 प्रवर्तन बिंदु
तीसरा चरण:
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30 और कॉरिडोर
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620 सिग्नल जंक्शन
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522 प्रवर्तन स्थान
ये स्मार्ट सिग्नल ट्रैफिक वॉल्यूम और वाहन की गति के अनुसार अपने टाइमिंग खुद समायोजित करेंगे, जिससे पीक ऑवर में जाम कम करने में मदद मिलेगी।
क्या अब चालान अपने-आप कटेंगे?
हां। ANPR कैमरे ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनों की नंबर प्लेट पहचानेंगे और तुरंत चालान जारी किया जाएगा।
इससे:
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उल्लंघन की तेज पहचान
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तुरंत चालान
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मैन्युअल जांच पर कम निर्भरता
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नियमों का बेहतर पालन
प्रवर्तन अधिक पारदर्शी और समान रूप से लागू होगा।
आम यात्रियों को क्या फायदा होगा?
सिस्टम लागू होने के बाद यात्रियों को रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट मिलेंगे, जिससे वे कम भीड़ वाले रास्ते चुन सकेंगे।
संभावित फायदे:
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यात्रा समय में कमी
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ईंधन की बचत
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वाहन प्रदूषण में कमी
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सड़क सुरक्षा में सुधार
बार-बार रुकने और धीमी गति से चलने की स्थिति कम होगी, जिससे प्रदूषण पर सीधा असर पड़ेगा।