Union Budget 2026: क्या फिर रफ्तार पकड़ेगा ऑटो सेक्टर? एमपी के डीलर्स को टैक्स राहत और सस्ती ईएमआई की उम्मीद
MP Automobile Dealers Budget Demand: एक फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से मध्य प्रदेश के ऑटोमोबाइल डीलर्स को बड़ी उम्मीदें हैं। एंट्री-लेवल कारों और टू-व्हीलर्स की सुस्त बिक्री को देखते हुए इंडस्ट्री ने सरकार से कम ब्याज दरें, ईवी सब्सिडी (PM E-DRIVE) का विस्तार समेत कई अन्य मांगे की है।
विस्तार
मध्य प्रदेश में ऑटोमोबाइल डीलर और मैन्युफैक्चरर्स यूनियन बजट 2026 को एक टर्निंग पॉइंट के रूप में देख रहे हैं। इन्होंने पिछले एक साल में टू-व्हीलर्स और बजट कारों की बिक्री में काफी उतार-चढ़ाव को देखा है। जिसके बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब पॉलिसी पुश का समय आ गया है।
ऑटो सेक्टर की रफ्तार क्यों पड़ी धीमी?
पिछले एक साल में ऑटोमोबाइल बिक्री असमान रही। खासकर एंट्री-लेवल कारें, बजट टू-व्हीलर्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की। इन सेगमेंट्स में ऊंची ऑन-रोड कीमत, महंगे ऑटो लोन और सीमित इंसेंटिव्स के कारण ग्राहक पीछे हटते नजर आए। इस सुस्ती को देखते हुए मध्य प्रदेश फाडा के चेयरपर्सन आशीष पांडे का कहना है कि ऑटो सेक्टर को अब सिर्फ उम्मीद नहीं, ठोस नीतिगत समर्थन भी चाहिए। टैक्स राहत, सस्ती फाइनेंसिंग और ईवी के लिए स्थिर पॉलिसी से ही डिमांड दाेबारा खड़ी हो सकती है।
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ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गजों ने कौन-सी मांग रखी?
- डीलर्स और इंडस्ट्री दिग्गजों ने सरकार से इंटरेस्ट सब्वेंशन स्कीम्स (सस्ते ऑटो लोन), ग्रामीण इलाकों के लिए खास इंसेंटिव्स, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीएसटी कटौती, हाइब्रिड व्हीकल्स पर रियायती टैक्स की मांग की है।
- इसके अलावा पीएम ई-ड्राइव या फेम जैसी ईवी स्कीम्स का विस्तार मार्च 2026 के बाद भी बैटरी और ईवी कंपोनेंट्स पर ड्यूटी छूट, मिडिल क्लास और ईवी खरीददारो पर फोकर करने की मांग रखी है।
- ऑटो डीलर आदित्य कासलीवाल का कहना है कि अगर मिडिल क्लास की खरीदारी शक्ति बढ़ेगी, तो शोरूम में फुटफॉल अपने आप बढ़ेगा। इसलिए ब्याज दरों में कटौती और आसान क्रेडिट पॉलिसी बेहद जरूरी है।
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व्हीकल स्क्रैपेज और टैक्स रेशनलाइजेशन की मांग
- डीलर्स ने ये भी मांग रखी कि पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर नए वाहन खरीद पर जीएसटी छूट या रिबेट, प्रीमियम और इंपोर्टेड कारों पर 70–110 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी में कटौती, एमपी में सीएनजी और आरटीओ टैक्स भी बाधा बन रही है।
- इंदौर के एक डीलर के अनुसार एमपी में आरटीओ टैक्स ज्यादा होने से ऑन-रोड कीमतें बढ़ जाती हैं। सीएनजी व्हीकल्स और पार्ट्स पर ऊंचा जीएसटी ग्राहकों को हतोत्साहित करता है। इनमें राहत मिलने से कार और बाइक दोनों की बिक्री को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
क्या एमपी बनेगाऑटो हब?
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स मानते हैं कि स्थिर टैक्स नीति, टार्गेटेड इंसेंटिव्स, ग्रामीण और ईवी फोकस से मध्य प्रदेश को 2026 में ऑटो रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बना सकते हैं।