Car Parking: पेड़ों के नीचे कार पार्क करने के छुपे हुए खतरे, जो आपको जरूर जानने चाहिए
हो सकता है कि बहुत से लोगों को इस बात का पता न हो कि पेड़ असल में आपकी गाड़ी को चुपचाप नुकसान पहुंचा रहे हैं। बाहर से लेकर अंदर तक और यहां तक कि आपकी गाड़ी की मैकेनिकल क्षमताओं में भी रुकावट डाल रहे हैं।
विस्तार
गर्मी के दिनों में पेड़ के नीचे कार पार्क करना एक आसान और राहत भरा विकल्प लगता है। छांव मिलने से कार का केबिन जल्दी गर्म नहीं होता और धूप से होने वाला असर भी कम महसूस होता है। खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों या खुले पार्किंग स्पेस में पेड़ कई लोगों के लिए एक नेचुरल शेड की तरह काम करते हैं।
लेकिन जो बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वह यह है कि पेड़ आपकी कार को धीरे-धीरे नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। यह नुकसान सिर्फ बाहरी बॉडी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कार के इंटीरियर और मैकेनिकल सिस्टम तक असर डाल सकता है। पेड़ से गिरने वाला रस, पक्षियों की बीट, सूखी टहनियां और कीड़े-मकोड़े, ये सभी आपकी कार के लिए खामोश दुश्मन साबित हो सकते हैं।
पेड़ों के नीचे कार पार्क करना क्यों सुरक्षित नहीं है?
1. पेड़ों का चिपचिपा रस पेंट को खराब कर सकता है
पेड़ों से निकलने वाला रस बेहद चिपचिपा और एसिडिक होता है। अगर यह कार की बॉडी पर जम जाए और समय पर साफ न किया जाए, तो यह पेंट की ऊपरी परत (क्लियर कोट) में घुस सकता है। इससे स्थायी दाग और पेंट डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
2. पक्षियों की बीट से पेंट में जंग जैसे निशान
पेड़ों पर पक्षियों का बसेरा आम बात है। उनकी बीट बेहद एसिडिक होती है और अगर तुरंत साफ न की जाए, तो कार के पेंट को नुकसान पहुंचाती है। देर होने पर ऐसे निशान पड़ जाते हैं जिन्हें हटाना मुश्किल हो जाता है।
3. गिरती टहनियां और फल कार को डेंट कर सकते हैं
तेज हवा, आंधी या अचानक मौसम बदलने पर पेड़ों की सूखी टहनियां या भारी फल नीचे गिर सकते हैं। इससे कार की बॉडी, शीशों या विंडशील्ड पर स्क्रैच या डेंट आ सकता है।
4. सूखे पत्ते और कचरा एयर वेंट्स जाम कर सकते हैं
पेड़ों के नीचे खड़ी कार के विंडशील्ड और एयर वेंट्स के आसपास सूखे पत्ते, बीज और छोटा कचरा जमा हो जाता है। इससे कार के वेंटिलेशन सिस्टम में रुकावट आती है और केबिन में बदबू भी पैदा हो सकती है।
5. रेजिन और पराग (पोलन) से पेंट और सेहत दोनों को नुकसान
पेड़ों से गिरने वाला रेजिन और पराग शुरू में नुकसानदेह नहीं लगता, लेकिन समय के साथ यह पेंट की चमक खराब कर देता है। इसके अलावा, यह खुले वेंट्स से अंदर जाकर एलर्जी की समस्या भी बढ़ा सकता है।
6. कीड़े-मकोड़ों और चूहों का खतरा
पेड़ों के आसपास चींटियां, मकड़ियां और कभी-कभी चूहे भी पाए जाते हैं। ये छोटे-छोटे जीव कार के अंदर वायरिंग या सीट्स तक नुकसान पहुंचा सकते हैं।
7. नमी से जंग लगने का खतरा
पेड़ों के नीचे की जगह आमतौर पर ज्यादा देर तक गीली रहती है, खासकर बारिश या सुबह की ओस के बाद। यह नमी कार के मेटल हिस्सों, खासतौर पर नीचे की बॉडी और दरवाजों के किनारों, पर जंग लगा सकती है।
सुरक्षित पार्किंग के लिए क्या करें?
खुले लेकिन कवर वाले स्थान चुनें
पेड़ के नीचे पार्क करने की बजाय बिल्डिंग की छांव, पार्किंग शेड या कवर पार्किंग बेहतर विकल्प होते हैं। इससे गिरते कचरे और रस का खतरा नहीं रहता।
पुराने या घने पेड़ों से बचें
अगर मजबूरी में पेड़ के नीचे पार्क करना पड़े, तो सूखी टहनियों, भारी फलों और ज्यादा पक्षियों वाले पेड़ों से दूरी रखें।
जरूरत पड़ने पर कार कवर का इस्तेमाल करें
अगर रोज पेड़ के नीचे ही कार खड़ी करनी पड़ती है, तो ऐसे कार कवर का इस्तेमाल करें, जिससे थोड़ी हवा आ-जा सके। यह रस, बीट और गंदगी से सुरक्षा देता है।
पार्क करने से पहले आसपास जरूर देखें
जमीन पर बहुत सारे पत्ते, टहनियां या पक्षियों की बीट दिखें, तो समझ जाएं कि यह जगह आपकी कार के लिए सुरक्षित नहीं है।
फायदे की बात
छांव भले ही सुकून दे, लेकिन पेड़ों के नीचे कार पार्क करना लंबे समय में महंगा सौदा साबित हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी आपकी कार की उम्र और लुक दोनों को सुरक्षित रख सकती है।