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DTC: दिल्ली में सीएनजी बसों की सवारियों में इतनी गिरावट, जानें क्यों इलेक्ट्रिक व्हीकल पर स्विच कर रहे यात्री

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Wed, 28 Jan 2026 02:23 PM IST
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सार

CNG bus vs electric bus Delhi: जहां एक ओर इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों की पहली पसंद बन रही हैं। वहीं, दूसरी ओर दिल्ली में सीएनजी बसों की दैनिक सवारी तेजी से घट रही है। 2022-23 में सीएनजी बसों में रोज करीब 24 लाख यात्री सफर करते थे, लेकिन 2024-25 में यह संख्या घटकर 15 लाख रह गई। जानिए इसके पीछे क्या वजह बताई जा रही है...
 

In 2 years ridership CNG buses down by 9 lakh electric buses expand
दिल्ली में नीली इलेक्ट्रिक बसों का दबदबा - फोटो : freepik
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विस्तार
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दिल्ली सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में सीएनजी बसों की डेली राइडरशिप में करीब नौ लाख गिरावट दर्ज की गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह इलेक्ट्रिक बसों का तेजी से बढ़त मानी जा रही है। दरअसल ये बसें न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि यात्रियों के लिए आरामदायक भी हैं।

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अक्सर ट्रैफिक में फंसने पर उसका शोर सबसे ज्यादा परेशान करता हैं। दिल्ली की नीली इलेक्ट्रिक बसें साइलेंट, वाइब्रेशन-फ्री और जीरो टेलपाइप उत्सर्जन से निर्मित हैं। जीरो टेलपाइप उत्पस का मतलब है कि पीछे चलने वाले लोगों को अब काले धुएं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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कब हुई थी शुरुआत?

दिल्ली में इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत 17 जनवरी 2022 को हुई थी और नीली ई-बस प्रगति मैदान–आईपी डिपो रूट पर चली थी। इसके बाद से काफी बदलाव देखा जा रहा है। आज स्थिति है कि सभी डीटीसी इलेक्ट्रिक बसें एसी और लो-फ्लोर हैं। इनकी संख्या अब एसी सीएनजी बसों से ज्यादा हो चुकी है। इलेक्ट्रिक बसें रोज औसतन 2.9 लाख किमी चलती हैं।

रंग से करें बसों की पहचान

दिल्ली में अब बसों के रंग से ही टेक्नोलॉजी पहचानी जा सकती है। जैसे नीला रंग का मतलब है इलेक्ट्रिक बस। लाल का एसी सीएनजी बस और हरी नॉन एसी सीएनजी बस को प्रदर्शित करती है। ये सिस्टम यात्रियों के लिए भी आसान और पहचान योग्य बन गया है। 

सरकार ने क्यों चुना इलेक्ट्रिक मॉडल?

  • इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के अमित भट्ट के अनुसार, केंद्र की FAME II और PM E-DRIVE योजनाओं ने इस बदलाव को नई रफ्तार दी है। दिल्ली जिस रफ्तार से आगे बढ़ रही है, वह दिन दूर नहीं जब शहर की पूरी बस फ्लीट जीरो एमीशन वाली हो जाएगी, जिससे सिटी राइडिंग का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
  • दिल्ली सरकार के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसों के कई बड़े फायदे हैं जैसे जीरो टेलपाइप एमिशन, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बेहतर एक्सेस और कम शोर व स्मूद राइड आदि। 

बस सवारी में भी बढ़ोतरी

  • दिलचस्प बात ये है कि सीएनजी बसों की सवारी घटने के बावजूद दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की कुल दैनिक सवारी में करीब 50 हजार यात्रियों की बढ़ोतरी हुई है। जिसका सीधा फायदा इलेक्ट्रिक बसों को मिला है।
  • दिल्ली सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पूरी बस फ्लीट को इलेक्ट्रिक बनाना है। साथ ही रूट्स और फ्रीक्वेंसी बढ़ाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और मजबूत करने की भी कोशिश में हैं।
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