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PUCC: 'पीयूसीसी के बिना नहीं मिलेगा ईंधन' नियम पर रोक, हाईकोर्ट के दखल के बाद ओडिशा सरकार का यू-टर्न
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 28 Jan 2026 03:55 PM IST
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सार
ओडिशा सरकार ने एक एफिडेविट के जरिए ओडिशा हाई कोर्ट को बताया कि उसने तेल मार्केटिंग कंपनियों को राज्य भर के रिटेल आउटलेट्स पर "बिना PUCC के फ्यूल नहीं" नियम लागू करने का निर्देश वापस ले लिया है।
Petrol Pump
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
ओडिशा सरकार ने मंगलवार को ओडिशा हाईकोर्ट को एक हलफनामा सौंपकर बताया कि राज्य में पेट्रोल पंपों पर लागू किया गया 'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम वापस ले लिया गया है। इस नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) (पीयूसीसी) वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल देने से मना किया गया था।
प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर लागू हुआ था फैसला
वाहन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने यह निर्देश जारी किया था कि ईंधन भरवाने के लिए वैध PUCC अनिवार्य होगा। इस संबंध में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) (एसटीए) ने 20 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया था।
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प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर लागू हुआ था फैसला
वाहन प्रदूषण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने यह निर्देश जारी किया था कि ईंधन भरवाने के लिए वैध PUCC अनिवार्य होगा। इस संबंध में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) (एसटीए) ने 20 दिसंबर 2025 को आदेश जारी किया था।
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जनहित याचिका के बाद कोर्ट में पहुंचा मामला
इस फैसले को भुवनेश्वर निवासी स्निग्धा पात्र ने जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में इस निर्देश की वैधानिकता पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने 6 जनवरी को इस मामले में नोटिस जारी किया था। जिसके जवाब में सरकार ने हलफनामा दाखिल किया।
STA की दलील को कोर्ट ने किया खारिज
सुनवाई के दौरान एसटीए की ओर से दलील दी गई कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(2) के तहत ट्रैफिक चालान लंबित होने पर पीयूसीसी रोका जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
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इस फैसले को भुवनेश्वर निवासी स्निग्धा पात्र ने जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिए हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में इस निर्देश की वैधानिकता पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने 6 जनवरी को इस मामले में नोटिस जारी किया था। जिसके जवाब में सरकार ने हलफनामा दाखिल किया।
STA की दलील को कोर्ट ने किया खारिज
सुनवाई के दौरान एसटीए की ओर से दलील दी गई कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(2) के तहत ट्रैफिक चालान लंबित होने पर पीयूसीसी रोका जा सकता है। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और कहा कि नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
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उड़ीसा उच्च न्यायालय
- फोटो : एएनआई
PUCC जारी करने और पोर्टल सुधार के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति एम.एस. रमन की खंडपीठ ने एसटीए को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी करे, जिसमें यह साफ हो कि चालान लंबित होने की स्थिति में भी पीयूसीसी जारी किया जाएगा। साथ ही, वाहन पोर्टल में जरूरी सुधार करने और अगली सुनवाई में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति एम.एस. रमन की खंडपीठ ने एसटीए को निर्देश दिया कि वह स्पष्ट नोटिफिकेशन जारी करे, जिसमें यह साफ हो कि चालान लंबित होने की स्थिति में भी पीयूसीसी जारी किया जाएगा। साथ ही, वाहन पोर्टल में जरूरी सुधार करने और अगली सुनवाई में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
सरकार ने पहले क्यों जारी किया था आदेश
20 दिसंबर को जारी नोटिफिकेशन में सरकार ने कहा था कि बिना वैध पीयूसीसी के वाहन चलाना एक अपराध है। एसटीए ने यह भी दावा किया था कि बड़ी संख्या में वाहन बिना पीयूसीसी के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब ओडिशा में ईंधन भरवाने के लिए पीयूसीसी अनिवार्य नहीं रहेगा। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नियम लागू रहेंगे। लेकिन पीयूसीसी न होने के आधार पर ईंधन देने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
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20 दिसंबर को जारी नोटिफिकेशन में सरकार ने कहा था कि बिना वैध पीयूसीसी के वाहन चलाना एक अपराध है। एसटीए ने यह भी दावा किया था कि बड़ी संख्या में वाहन बिना पीयूसीसी के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे प्रदूषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब ओडिशा में ईंधन भरवाने के लिए पीयूसीसी अनिवार्य नहीं रहेगा। हालांकि, प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नियम लागू रहेंगे। लेकिन पीयूसीसी न होने के आधार पर ईंधन देने से इनकार नहीं किया जा सकेगा।
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