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Ford Average: फोर्ड की कार से नहीं मिला 32 किलोमीटर प्रति लीटर का एवरेज, अब कंपनी देगी लाखों का हर्जाना
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: समीर गोयल
Updated Tue, 06 Dec 2022 02:57 PM IST
सार
अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड ने भले ही भारत में अपना कारोबार समेट लिया हो। लेकिन कंपनी को अपने गलत प्रचार के कारण एक ग्राहक को लाखों रुपये का हर्जाना देना होगा।
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भारत में जब भी कोई नई कार खरीदता है तो उसके पहले कार के बारे में पूरी जानकारी लेता है। लेकिन अब अमेरिकी वाहन निर्माता फोर्ड की ओर से प्रचार के लिए की गई एक गलती कंपनी पर भारी पड़ रही है। इस गलती के कारण भारत में कारोबार बंद करने के बाद भी फोर्ड कंपनी को एक ग्राहक को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। क्या है पूरा मामला आइए जानते हैं।
क्या है मामला
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भारत के केरल में एक महिला ग्राहक ने कंपनी की फिएस्टा क्लासिक सेडान कार पांच नवंबर 2014 को खरीदी थी। कार को खरीदने से पहले ग्राहक कंपनी की ओर से किए गए दावे से प्रभावित थी। कंपनी ने प्रचार के लिए किए गए दावे में बताया था कि फोर्ड की यह कार 32 किलोमीटर प्रति लीटर का एवरेज देती है। लेकिन कंपनी का यही दावा उसपर भारी पड़ गया। केरल की एक महिला ने कंपनी के दावे के खिलाफ कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत कंज्यूमर कोर्ट में अपील की। जिसके बाद कोर्ट ने कंपनी को तीन लाख रुपये का मुआवजा देने को कहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने फिएस्टा कार पर दावा किया था कि यह कार एक लीटर में 32.38 किलोमीटर का एवरेज देती है। किसी सेडान कार में इतनी ज्यादा एवरेज देखकर केरल की एक महिला ने कार को खरीद लिया। लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि कार कंपनी के दावे के मुताबिक एवरेज नहीं दे रही।
कंपनी की ओर से कोर्ट में जवाब दिया गया। कंपनी ने कहा कि कार का एवरेज ड्राइविंग के तरीके पर निर्भर करता है। इसके अलावा सड़क और ट्रैफिक के साथ कई अन्य परिस्थितियां भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। इसके अलावा कंपनी ने एक और शिकायत पर जवाब दिया कि टायर बनाने वाली कंपनी ने टायर की जांच की थी जिसके बाद यह पाया गया था कि टायर में खराबी एक मैन्यूफेक्चरिंग डिफेक्ट नहीं है, बल्कि रोड पर कार चलाने के दौरान टायर में खराबी हुई है।
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कितना था एवरेज
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महिला ग्राहक ने कार तो खरीद ली। लेकिन जब उसका उपयोग किया तो कार का एवरेज 32.38 की जगह सिर्फ 16 किलोमीटर का था। जिसके बाद महिला ग्राहक कंज्यूमर कोर्ट गई और यहां पर एक्सपेरिमेंट कमिश्नर ने भी इसका टेस्ट किया। टेस्ट के दौरान कार ने 19.6 किलोमीटर का एवरेज दिया जो कंपनी के दावे से काफी कम था।
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