सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Gurugram Traffic Crisis: Vehicle Registrations Hit 7-Year High, Congestion and Pollution Worsen

Gurugram Traffic: गुरुग्राम में ट्रैफिक संकट गहराया, 7 साल में सबसे ज्यादा वाहन रजिस्ट्रेशन, जाम-प्रदूषण बढ़ा

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Tue, 14 Apr 2026 07:44 PM IST
विज्ञापन
सार

गुरुग्राम में बढ़ते ट्रैफिक जाम की वजह से यात्रियों को हर रोज इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे, जिसे कभी निर्बाध कनेक्टिविटी के लिए बनाया गया था, वहां अब पीक आवर्स में औसत गति मुश्किल से 30 kmph से ऊपर पहुंच पाती है।

Gurugram Traffic Crisis: Vehicle Registrations Hit 7-Year High, Congestion and Pollution Worsen
Gurugram Traffic - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

गुरुग्राम की सड़कों पर भीड़ पिछले सात वर्षों में सबसे अधिक स्तर पर पहुंच गई है। मार्च 2025 से अप्रैल 2026 के बीच शहर में 2,29,964 नए वाहन रजिस्टर हुए, जो 2019 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। यह संख्या 2024-25 की इसी अवधि में दर्ज लगभग 2,01,000 वाहनों की तुलना में करीब 15 प्रतिशत ज्यादा है। यह जानकारी क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) के डेटा और उसके आधार पर एक निजी संस्था के विश्लेषण से सामने आई है।

Trending Videos

किन वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा बढ़ी?
इन रजिस्ट्रेशनों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी टू-व्हीलर्स की रही, जिनकी संख्या 1,00,675 रही। इसके बाद 73,542 निजी चार-पहिया वाहन और 23,154 यात्री चार-पहिया वाहन दर्ज किए गए।
ये आंकड़े साफ बताते हैं कि 30 लाख से अधिक आबादी और भारत में काम कर रही फॉर्च्यून 500 कंपनियों के आधे से अधिक का केंद्र होने के बावजूद गुरुग्राम मुख्य रूप से निजी वाहनों पर निर्भर शहर बन चुका है।

 

कुल वाहन रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा क्या कहता है?

गुरुग्राम वाहन रजिस्ट्रेशन FY2025-26 (आंकड़े):

कुल वाहन: 2,29,964
पेट्रोल और एथेनॉल: 1,31,254
डीजल: 28,490
पेट्रोल-सीएनजी: 24,082
इलेक्ट्रिक (हाइब्रिड सहित): 12,530
केवल सीएनजी: 13,727
फॉसिल हाइब्रिड: 19,881

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या ट्रैफिक जाम की स्थिति और खराब हुई है?
यात्री रोज इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, जिसे कभी सुगम कनेक्टिविटी के लिए बनाया गया था, अब यहां व्यस्त समय के दौरान (पीक आवर्स) में औसत रफ्तार 30 किमी प्रति घंटा से भी कम रह गई है।

गुरुग्राम-दिल्ली सीमा पर स्थित एमसीडी टोल प्लाजा सबसे बड़े जाम वाले स्थानों में से एक बन चुका है। जहां कमर्शियल वाहनों के रुकने से अक्सर कई किलोमीटर लंबी कतारें लग जाती हैं।

शंकर चौक, हीरो होंडा चौक और इफको चौक जैसे प्रमुख जंक्शन स्थायी जाम की स्थिति में रहते हैं। खराब दिनों में 5 किलोमीटर का रास्ता तय करने में 90 मिनट से अधिक समय लग जाता है।

क्या शहर के अंदर भी ट्रैफिक समस्या गंभीर है?
यह समस्या केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं है। शहर के अंदर भी हालात खराब हैं। नेताजी सुभाष मार्ग पर साइबर पार्क जंक्शन और सेक्टर 9/9A तथा बसई रोड के दादा भैया जंक्शन पर लंबे जाम लगते हैं।

इन समस्याओं को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMDA) ने इन जंक्शनों के री-डिजाइन की योजना बनाई है।

ट्रैफिक सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
GMDA ने 17 बड़े जाम वाले स्थानों की पहचान की है, जिनमें बख्तावर चौक, रेजांगला चौक, कौशल चौक और यूनिटेक साइबर पार्क व आर्केडिया मॉल के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

इन स्थानों पर 7.58 करोड़ रुपये की ट्रैफिक सुधार योजना लागू की जा रही है। हालांकि हर साल करीब 15 प्रतिशत नए वाहन जुड़ने के कारण ये सुधार पर्याप्त नहीं साबित हो रहे हैं। 

क्या प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनक है?
पर्यावरणीय प्रभाव भी उतना ही गंभीर है। FY2025-26 में नए रजिस्ट्रेशन में पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत रही, जबकि डीजल वाहनों की 12.8 प्रतिशत हिस्सेदारी रही।

संस्था के अनुसार, “डीजल से निकलने वाला धुआं PM2.5 स्तर को काफी बढ़ाता है और शहरी वायु गुणवत्ता पर असमान रूप से अधिक असर डालता है। जिससे सख्त उत्सर्जन निगरानी की जरूरत है।”

गुरुग्राम की हवा इतनी खराब क्यों है?
गुरुग्राम में प्रदूषण कई कारणों से बढ़ता है। दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, मानेसर औद्योगिक क्षेत्र से उत्सर्जन और पराली जलाने जैसी मौसमी समस्याएं।

सर्दियों में PM2.5 का स्तर अक्सर 250 µg/m³ से ऊपर पहुंच जाता है।

स्वास्थ्य पर इसका कितना असर पड़ रहा है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों की तुलना में गुरुग्राम का PM2.5 स्तर 20 गुना से अधिक है।

शिकागो विश्वविद्यालय ऊर्जा नीति संस्थान के शोध के अनुसार, PM2.5 के संपर्क के कारण गुरुग्राम के लोगों की औसत आयु 8.8 साल तक कम हो रही है। जो भारत के औसत 5.2 साल से लगभग दोगुना है।

क्या EV इस समस्या का समाधान बन सकते हैं?
फिलहाल स्थिति ज्यादा उत्साहजनक नहीं है। नए रजिस्ट्रेशन में ईवी की हिस्सेदारी सिर्फ 5.4 प्रतिशत है।

इतना ही नहीं, ईवी की संख्या साल-दर-साल घटकर 13,091 से 12,530 हो गई है। जिससे साफ है कि गुरुग्राम की वायु गुणवत्ता समस्या का समाधान अभी आसान नहीं है। 


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed